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उत्तरकाशी टनल हादसे में किस्मत ने बचा ली मदन सिंह की जान, पूरी बयां की अपनी दास्तां

वापस लौटने के लिए जैसे ही वह आगे बढ़े तो सुरंग के भीतर से अचानक ही मलबा गिरने की आवाज आनी शुरू हो गई। उत्तरकाशी में हुए टनल हादसे को बेहद करीब से देखने मदन सिंह ने बहुत ही करीब से देखा है।

उत्तरकाशी टनल हादसे में किस्मत ने बचा ली मदन सिंह की जान, पूरी बयां की अपनी दास्तां
Himanshu Kumar Lallउत्तरकाशी। प्रकाश रांगड़Tue, 14 Nov 2023 09:46 AM
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उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग हादसे में मलबा आने से महज 5 मिनट पहले तक मदन सिंह भी अपने बाकी चालीस साथियों के साथ ही टनल के भीतर था। सुरंग में सामान्य रूप से कामकाज चल रहा था। थोड़ी देर के लिए मदन सिंह बाहर आए और वहां से 10 मीटर आगे जाकर बैठ गए।

वापस लौटने के लिए जैसे ही वह आगे बढ़े तो सुरंग के भीतर से अचानक ही मलबा गिरने की आवाज आनी शुरू हो गई। टनल हादसे को बेहद करीब से देखने वाले मदन अपना अनुभव बताते बताते सिहर उठते हैं। वो बताते हैं कि ऊपर से टनल गिरी और देखते ही देखते हजारों टन मलबा पूरी सुरंग में फैल गया।

यह सबकुछ पलभर में ही हुआ। पूरी टनल मलबे की वजह से बंद हो गई। कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि अचानक यह क्या हो गया। बकौल सिंह, ऊपर से आते मलबे को देखकर मैं दूसरी तरफ भागने लगा। यदि पांच मिनट पहले टनल से बाहर नहीं आता तो मैं भी वहीं फंसा होता।

अब भगवान से केवल यही दुआ है कि मेरे सभी साथी सकुशल बाहर आ जाएं। मदन के अनुसार, टनल के अंदर बिजली-पानी व जगह तो पर्याप्त है, ऑक्सीजन और भोजन-पानी की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मलबा आने को लेकर तीन दिन पहले संकेत मिलने लगे थे लेकिन किसी ने ध्यान नही दिया।

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