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उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल में फंसे लोगों के परिजनों ने छोड़ा अन्न, कुछ खाने का नहीं कर रहा मन

उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे में फंसे लोगों के परिजनों का भी बुुरा हाल है। उसकी भाई से बातचीत तो हो गई, लेकिन चिंता के मारे उसे भूख नहीं लग रही। कहता है कि खाने पीने की इच्छा नहीं हो रही।

उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल में फंसे लोगों के परिजनों ने छोड़ा अन्न, कुछ खाने का नहीं कर रहा मन
Himanshu Kumar Lallउत्तरकाशी, प्रकाश रांगड़Mon, 20 Nov 2023 11:53 AM
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उत्तरकाशी के सिलक्यारा में पिछले 8 दिनों से फंसे लोगों के परिजनों का भी बुरा हाल है। टनल में फंसे अपनों की चिंता में परिजनों का भी बुरा हाल है। किसी की मां तो किसी के पिता तो भाई-बहन को भी टनल में फंसे अपने परिजनों की चिंता सता रही है।

परिजनों की भूख तो बहुत दूर की बात है, बेबस परिजनों के गले से रोटी का एक टुकड़ा तक नीचे नहीं उतर रही है। उड़ीसा के किशोर नायब का भाई भी पिछले एक सप्ताह से सुरंग के अंदर फंसा है।

उसकी भाई से बातचीत तो हो गई, लेकिन चिंता के मारे उसे भूख नहीं लग रही। कहता है कि खाने पीने की इच्छा नहीं हो रही। बस भाई कैसे भी करके जिंदा बाहर निकल जाए, अब इसी वक्त का इंतजार है। किशोर रविवार को सिलक्यारा घटनास्थल पहुंचा।

प्रशासन की ओर से गई व्यवस्था के तहत कमरे के एक कोने में गुमशुम बैठा किशोर से भाई का हाल पूछा तो उसका गला रूंध गया। किसी ने खाने के लिए पूछा तो उसने साफ मना कर दिया। कहता है कि खाने पीने की इच्छा नहीं है।

मुझे भाई की चिंता है। जब से भाई के अंदर फंसे होने की सूचना मिली है नींद भी गायब हो गई है। हालांकि, बीती शाम भाई से पाइप से बातचीत हुई और उसने कहा कि वह ठीक है।

मजदूरों की सहायता के लिए मुस्तैद हुए अधिकारी
सिलक्यारा पहुंचे मजदूरों के परिजनों के लिए प्रशासन की ओर से खाने पीने और रहने की व्यवस्था की गई है। यहां बने भवनों के कुछ कमरों में बाहर से आने वाले परिजनों को ठहराया जा रहा है। हालांकि, बाहर से आए मजदूरों से परिजन अभी इक्के दुक्के ही हैं।

लेकिन जैसे जैसे वक्त बीत रहा है, चिंतित परिजन भी अपनों की तलाश में सिलक्यारा पहुंच रहे हैं। एडीएम तीरथपाल सिंह का कहना है कि परिजनों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था की गई है।

गडकरी परिजनों से बोले, चिंता न करें
टनल में फंसे अपने परिजनों के लिए परेशान लोगों को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ढांडस बंधाया और हौसला अफजाई की। कहा कि चिंता करने की बात नहीं है। जल्द से जल्द सभी लोग आपके बीच होंगे।

गडकरी ने टनल में फंसे गबर सिंह के भाई के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि चिंता बिल्कुल न करें। खाना पीना खाकर चिंता मुक्त रहो। हम सब उन्हें बाहर निकालने के लिए यहां पहुंचे हैं।

जितनी चिंता आपको हैं, उससे कहीं ज्यादा चिंतित हमारी सरकार और यहां के अधिकारी और स्थानीय लोग हैं। गडकरी ने परिजनों से कहा कि, हमने सारे विकल्पों पर रेस्क्यू कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया है। जल्द ही सारे लोगों को निकाल लिया जाएगा।


 

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