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छात्रवृत्ति घोटाला: अनुराग शंखधर को जेल भेजा

करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तार उत्तराखंड जनजाति कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक अनुराग शंखधर को 30 मई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। शुक्रवार को एसआईटी ने उन्हें सीबीआई कोर्ट में पेश किया।  अनुराग शंखधर पर देहरादून और हरिद्वार जिले में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले का आरोप है। इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। शंखधर गुरुवार को एसआईटी के समक्ष पेश हुए थे। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।  एएसपी आयुष अग्रवाल की अगुवाई में पुलिस टीम ने उन्हें शुक्रवार को देहरादून स्थित कोर्ट में पेश किया। विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुजाता सिंह की कोर्ट में शंखधर की ओर से उनके अधिवक्ता संजीव कौशिक ने पक्ष रखा। इसमें उन्होंने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शंखधर एसआईटी के सम्मुख बयान दर्ज करवाने गए थे और उन्हें जिन अधिकारी ने उन्हें गिरफ्तार किया है, वह एसआईटी में हैं ही नहीं। 

अभियोजन की ओर से स्वयं एएसपी आयुष अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि एसआईटी की जांच के बाद इस मामले में देहरादून और हरिद्वार में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनकी जांच अलग-अलग अधिकारी कर रहे हैं क्योंकि हरिद्वार में समाज कल्याण अधिकारी को आरोपी बनाया गया था। इसके चलते डिप्टी एसपी से ऊपर रैंक के अधिकारी को जांच अधिकारी बनाने की अनिर्वायता के चलते, जांच उन्हें दी गई है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस घोटाले में शंखधर की संलिप्तता पाई गई है। इसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) सुजाता सिंह ने शंखधर को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।  

पत्नी-बेटी ने किया इंतजार
अनुराग शंखधर का परिवार नेहरू कॉलोनी थाने के पास रहता है। उनकी पत्नी और बेटी पौने दो बजे ही कोर्ट परिसर पहुंच गए थे। वह बेचैनी से अनुराग का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान मां-बेटी ने अपने अधिवक्ता से बात की। वह बार-बार एक बात पर ही जोर दे रही थी कि ऐसे कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं। एनएच घोटाले में आईएएस वाले केस का हवाला भी वकील को दे रही थीं। हालांकि उन्होंने भी मीडिया के सामने कोई बात नहीं रखी। 

पत्नी बेटी से की बात
अदालत में पेशी से पहले शंखधर ने कोर्ट के बाहर ही खड़े-खड़े पत्नी और बेटी से करीब पांच मिनट बात की। उन्होंने बेटी को ढांढस बंधाया, साथ ही पत्नी को कानूनी पहलू और आगे कानूनी मदद को लेकर जानकारी ली। इस दौरान उनके वकील भी साथ में खड़े थे।  

तैयारी से गए थे अनुराग
एसआईटी के सामने पेश होने के लिए अनुराग शंखधर पूरी तैयारी के साथ गए थे। घर से निकलकर हरिद्वार गए तो अपने साथ मोबाइल फोन तक नहीं ले गए थे। एसआईटी ने पूछताछ के दौरान जब उनसे उनका मोबाइल फोन जमा करने को कहा तो उनका जवाब था-मोबाइल फोन साथ लाकर क्या करता, जाना तो जेल ही है।


कठघरे में खड़े होते ही उड़ गईं शंखधर की हवाइयां
करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी अनुराग शंखधर शुक्रवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश हुए तो चेहरे पर शिकन नहीं थी। मीडिया उन्हें घेरकर चल रहा था, सवाल कर रहा था, लेकिन कड़क जुबान में शंखधर का एक ही जवाब था कि उन्हें कुछ नहीं कहना। आमतौर पर इस तरह के आरोपी मीडिया को देख चेहरा ढकते हैं, लेकिन अनुराग शंखधर ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। अनुराग के यह तेवर सिर्फ कोर्ट के बाहर थे, लेकिन जैसे ही उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, तो कठघरे में खड़े होते ही चेहरे की अकड़ और रंग पूरी तरह उतर गया। हालांकि कोर्ट में पेश होने से पहले वह कुछ देर अदालत के बाहर बरामदे में भी खड़े रहे। 
यहां भी मीडिया ने उनसे सवाल किया कि वह अपनी गिरफ्तारी को लेकर कुछ कहना चाहते हैं, तो अनुराग शंखधर का जवाब था-एक बार बोल दिया कि मुझे कुछ नहीं कहना तो जबरदस्ती सवाल क्यों घुसेड़ रहे हो। इसके बाद उन्होंने चुप्पी साध ली। उन्हें दोपहर बाद तीन बजकर 26 मिनट पर कोर्ट में पेश किया और इसके बाद वह दो घंटे कठघरे में रहे। अदालत से जेल जाने के आदेश मिलते ही शंखधर का चेहरा फीका पड़ गया, वह लौटते वक्त सिर्फ इतना बोले, अब जा रहे हैं और क्या कहें। 

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  • Web Title:Uttarakhand Tribal Welfare Board deputy director Anurag Shakhdhar sent to jail in scholarship scam in uttarakhand