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20 दिसंबर, 2020|8:55|IST

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उत्तराखंड ने खोला इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट का रास्ता, दोगुना किराया व्यवस्था खत्म की

उत्तराखंड ने अंतर्राज्यीय परिवहन सेवाओं के लिए रास्ते खोल दिए। सोमवार को मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने रोडवेज को सभी राज्यों के साथ समन्वयक स्थापित कर अधिकतम 100-100 फेरे चलाने की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही यात्री वाहनों को 50 फीसदी क्षमता के साथ चलने की शर्त को खत्म कर दिया गया है।

वाहन 100 फीसदी सीट क्षमता के साथ चल सकेंगे। हालांकि इस सुविधा को लागू करते हुए सरकार ने हाल में दोगुना किराया बढोत्तरी के आदेश को भी वापस ले लिया है। अब से वाहन पूर्व से तय सामान्य किराया ही ले सकेंगे। अंतर्राज्यीय परिवहन शुरू करने की कसरत पिछले काफी समय से चल रही थी।

केंद्र सरकार पहले ही इसकी अनुमति दे चुकी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण को बढ़़ता देख सरकार हिचक रही थी। सीएम की मंजूरी के बाद सोमवार को राज्य के बाहर और भीतर परिवहन सेवाओं को छूट दे दी गई।

100 फीसदी क्षमता से चलेंगे वाहन, किराया होगा सामान्य
सरकार ने राज्य के बाहर और राज्य के भीतर चलने वाले सभी छोटे-बडे़ यात्री वाहनों को 100 फीसदी सीट क्षमता के साथ संचालन की छूट दी है। बसों के साथ साथ इस छूट का लाभ टैक्सी कैब, मैक्सी कैब, थ्री-व्हीलर ऑटो, विक्रम, ई-रिक्शा को भी दिया गया है। बसों में खड़े होकर सफर की अनुमति नहीं होगी। 23 जून को सरकार ने 50 फीसदी सीट क्षमता की वजह से वाहन मालिकों को दोगुना किराया लेने की छूट दी थी। अब 23 जून से पहले लागू सामान्य किराया ही लागू होगा।


बिना मास्क पहने बस में चढ़ने की अनुमति नहीं 
हर वाहन के ड्राइवर, कंडक्टर और यात्री के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हर यात्रा शुरू होने से पहले और यात्रा खत्म होने वाहन का संपूर्ण सेनेटाइजेशन करना होगा। इसके तहत हैंडिल, रैलिंग, स्टीयरिंग, गियर लीवर, सीटों का बारीकी सेनेटाइजेशन कराया जाना होगा।  वाहन चालक, परिचालक एवं यात्रियों द्वारा सोशल-डिस्टेंसिंग सम्बन्धी नियमों का पूर्णतः पालन किया जायेगा। सभी को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना और उसका इस्तेमाल करना भी लाजिमी होगा।


यात्रियों की जांच की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की
राज्य के बाहर और भीतर यात्रा करने पर यात्रियों की जांच के लिए व्वस्था तक की गई है। हर जिले में डीएम की जिम्मेदारी होगी कि वह हर डिपो-बस स्टैंड पर हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करे। अंतर्राज्यीय परिवहन सेवा रूप में राज्य के किसी बस अड्डे पर आने वाली बस के यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जांच की जिम्मेदारी भी डीएम को दी गई।

पान, गुटका, तंबाकू पर बैन, थूकने पर मिलेगा दंड
यात्रा के दौरान किसी यात्री में कोविड-19 के लक्षण दिखाई देने पर संबंधित वाहन चालक  उसकी सूचना पास के पुलिस थाने-स्वास्थ्य केंद्र में देगा। यात्रा के वक्त पान, तम्बाकू, गुटखा एवं शराब आदि का सेवन प्रतिबन्धित रहेगा। वाहन के भीतर थूकना दंडनीय होगा। ड्राइवरों को सख्त हिदायत दी गई कि यात्रा के दौरान बीच में वाहन को नहीं रोकेंगे। वाहन को निर्धारित स्टॉपेज पर ही रोका जायेगा। 


स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा 
अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों के ड्राइवर-कंडक्टर और यात्रियों को देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की वेबसाईट http://smartcitydehradun.uk.gov.in/pravasi-registration पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। मुख्य सचिव के अनुसार यदि को कोई यात्री बिना रजिस्ट्रेशनक कराए राज्य में प्रवेश करेगा तो उसका अपने स्टेशन पर पहुंचने पर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। राज्य के भीतर होने वाले पंजीकरण के लिए आवश्यक कार्मिकों की व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा।


पर, दो गज की दूरी कैसे होगी पूरी ?
देहरादून। सरकार ने राज्य के बाहर और भीतर परिवहन सेवाओं को छूट तो काफी दे दी हैं, लेकिन इसके साथ एक सवाल भी उठ खड़ा हुआ है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कम से कम दो गज की दूरी अनिवार्य मानी गई है। पीएम नरेंद्र मोदी भी अक्सर इस बात पर जोर देते नजर भी आते हैं। पर बस, विक्रम, टैक्सी यदि पूरी क्षमता से चलेंगी तो सोशल डिस्टेंसिंग का यह मानक पूरा होना कुछ कठिन है।

यात्री के सीट पर बैठने के बाद एक फीट की दूरी भी मुश्किल से रह पाती है। मुख्य सचिव ने अपने आदेश में लिखा है कि सोशल डिस्टसिंग का कड़ाई से पालन किया जाना है। पर कैसे किया जाना है, यह पहलू साफ नहीं हो पाया। संपर्क करने पर परिवहन सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि अक्सर वाहनों में तय सीट क्षमता से यात्री बिठा लिए जाते हैं। इस पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। साथ ही बसों में जितनी सीट उतने यात्री का फार्मूला सख्ती से लागू किया जाएगा। बसों में खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है।

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  • Web Title:uttarakhand roadways open inter state bus service in unlock after lockdown due to corona virus pandemic