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सेहतमंद बाघ क्यों बन गए इंसानों की जान के दुश्मन? विशेषज्ञ भी हैरान

सेहतमंद बाघ भी इंसानों की जान लेने पर उतारू हैं। भीमताल में डेढ़ साल की बाघिन के तीन महिलाओं को मारने के खुलासे से वन्यजीव विशेषज्ञ भी हैरान हैं। विशेषज्ञ अब इसकी वजहें तलाश रहे हैं।

सेहतमंद बाघ क्यों बन गए इंसानों की जान के दुश्मन? विशेषज्ञ भी हैरान
Krishna Singhमोहन भट्ट,हल्द्वानीSat, 06 Jan 2024 10:34 PM
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अब तक यही माना जाता रहा है कि बूढ़े और कमजोर बाघ फुर्तीले जंगली जानवरों का शिकार करने में असमर्थ होने पर इंसानों का आसान शिकार करने लगते हैं। लेकिन अब सेहतमंद बाघ भी इंसानों की जान लेने पर उतारू हैं। भीमताल में डेढ़ साल की बाघिन के तीन महिलाओं को मारने के खुलासे से वन्यजीव विशेषज्ञ भी हैरान हैं। अब तक विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ बूढ़ा, अस्वस्थ होने और दांत या पंजे टूटने पर ही इंसान पर हमलावर होता है। लेकिन भीमताल में पकड़ी गई बाघिन युवा और पूरी तरह स्वस्थ है। 

दांत और नाखून भी एकदम ठीक
नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक में एक बाघिन ने बीते दिसंबर माह में तीन महिलाओं को अपना शिकार बनाया था। वन विभाग ने किसी तरह से बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा था। इसके बाद उसे ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। जांच में यह बात सामने आई कि तीन महिलाओं की जान लेने वाली बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है। उसके दांत और नाखून भी एकदम ठीक हैं। उसकी उम्र भी डेढ़ से 2 साल है। इसके बाद वन्यजीव विशेषज्ञ यह नहीं समझ पा रहे हैं कि बाघिन ने इतने इंसानों की जान क्यों ली? 

रामनगर रेस्क्यू सेंटर में बंद हैं आठ बाघ 
रामनगर स्थित ढेला रेस्क्यू सेंटर में वर्तमान में आठ बाघ कैद हैं। इनमें से ज्यादातर इंसानों पर हमलावर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से तीन ऐसे हैं जिनकी उम्र 3 साल से कम है और वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। भीमताल की बाघिन के अतिरिक्त अन्य बाघ कॉर्बेट नेशनल पार्क से जुड़े हैं, इसलिए अधिकारी उनके बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।  

जंगल में 12 साल होती है बाघ की उम्र 
जंगल में रहने वाले बाघ की औसत उम्र 12 साल मानी जाती है। तीन से चार साल उम्र के बाघ को वयस्क माना जाता है। वहीं चिड़ियाघर में रहने वाले बाघ की औसतन उम्र करीब 16 साल मानी जाती है। 

बाघिन ने 13 दिन में ली तीन महिलाओं की जान 
भीमताल में पकड़ी गई बाघिन ने 13 दिन में तीन महिलाओं की जान ली थी। मलुवाताल गांव में सात दिसंबर को इंद्रा बेलवाल नाम की महिला को अपना पहला शिकार बनाया था । दो दिन बाद नौ दिसंबर को महज तीन किमी की दूरी पर पिनरो गांव में पुष्पा देवी को मारा था। इसके बाद 19 दिसंबर को निकिता शर्मा की जान ली थी।

हैरान करने वाली घटना
कम उम्र और सेहतमंद बाघों का इंसान पर हमलावर होना थोड़ा हैरान करने वाला है। बाघ के इंसान पर हमलावर होने के कई कारण हो सकते हैं। हर बाघ की अलग-अलग फितरत होती है। वर्तमान में बाघ और इंसान का आमना-सामना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा होने लगा है। ज्यादातर मामलों में अधिक उम्र और आसानी से शिकार नहीं पकड़ पाने पर भी बाघ इंसान पर हमला करते हैं। 
- डॉ. सुवांकर बिस्वास, बाघ विशेषज्ञ, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून 

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