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1 जनवरी, 2021|2:22|IST

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उत्तराखंड की राजधानी में बड़े बदलाव हो जाएं तैयार,जानें क्या होने वाला है खास

dehradun

साल 2020 शुरुआत में कई उम्मीदें लेकर आया था। लेकिन, अचानक उबरी कोरोना महामारी ने दून समेत पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। अब कोरोना से बचाव के लिए वर्ष 2021 में वैक्सीन आने की उम्मीद है। वहीं नए साल में देहरादून में भी कई बड़े बदलाव नजर आएंगे। आइये आपकों इनसे रूबरू कराते हैं:-

दून की सड़कों पर फर्राटा भरेंगी तीस इलेक्ट्रिक सिटी बसें
देहरादून स्मार्ट सिटी की एक बड़ी योजना धरातल पर रूप लेती नजर आएगी। शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अगले दो महीने में शुरू हो जाएगा। यह वातानूकुलित बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। ऐसे में वर्षों से एक जैसी स्थिति में चल रही सिटों बसों के बजाए लोगों को इन स्मार्ट सिटी बसों में सफर करने का आनंद मिलेगा।

30 इलेक्ट्रिक बसों दून के अलग-अलग मार्गों पर संचालित होंगी। इनमें एक बस बीते 11 दिसंबर से शहर के अलग-अलग रूटों पर ट्रायल के रूप में चली। बस का ट्रायल सफल रहा। साथ ही बसों का किराया भी तय हो गया है। स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अब जल्द ही सभी तीस बसें कंपनी ने मंगवा ली जाएंगी।

इसके बाद उनका दून-एयरपोर्ट, आईएसबीटी-राजपुर समेत कई रूटों पर संचालित किया जाएगा। इस स्मार्ट बस में तीन भाषा में स्टॉपेज की जानकारी मिलेगी। इसमें हिंदी, अंग्रेजी के साथ गढ़वाली भाषा शामिल है। दिव्यांगों के लिए रैंप लगे हैं। ड्राइवर-कंडक्टर गढ़वाली वेशभूषा में नजर आएंगे। वहीं सीसीटीवी कैमरों के साथ ही यह पैनिक बटन से लैस हैं। 

नए लुक में दिखाई देगा दून का परेड ग्राउंड
शहर के बीच स्थित परेड ग्राउंड इस साल नए रूप में नजर आएगा। दिल्ली के राजपथ जैसा बनाने के लिए परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को आपस में जोड़कर तैयार किया जाएगा। परेड ग्राउंड के बीचों बीच बना वीआईपी स्टेज उत्तरी छोर पर भव्य रूप में बनाया जाएगा। यह स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस में अतिथियों के लिए होगा और परेड ग्राउंड के चारों ओर सड़क पर परेड होगी। परेड वीआईपी स्टेज के सामने (दून क्लब की ओर) आकर सलामी देगी। 23.63 करोड़ रुपये से काम किया जाएगा।

वहीं बरसात में परेड ग्राउंड में बारिश से जमा होने वाला पानी सड़कों पर नहीं बहेगा। बल्कि इसे स्टोर करने के लिए अंडर ग्राउंड टैंक बनाया जा रहा है। परेड ग्राउंड को हरे भरे मैदान के रूप में विकसित करने के साथ ही इसमें साइकिल ट्रैक का निर्माण होगा। परेड ग्राउंड निर्माण के बाद इसके आसपास दून लाइब्रेरी और जिला खेला कार्यालय की पुरानी बिल्डिंग का भी कायाकल्प होगा। परेड ग्राउंड में परेड ट्रैक 26 जनवरी से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

दून रेलवे स्टेशन बनेंगी शहर की सबसे ऊंची बिल्डिंग
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रेलवे स्टेशन को नया रूप देने का काम भी इस साल शुरू हो जाएगा। स्टेशन शहर की सबसे ऊंची बिल्डिंगों में एक होगा। इसके लिए हाल में आईआईटी की टीम सॉयल टेस्टिंग का काम कर रही है। स्टेशन के सभी काम पूरे होने के बाद यह बिल्कुल अलग दिखेगा। स्टेशन पर प्रवेश द्वार और निकासी द्वार अलग-अलग होंगे।

फूड आउटलेट, अंडरग्राउंड पार्किंग समेत अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड होगा। परियोजना में हाई-राइजिंग टॉवर के ऊपर रिवॉल्विंग रेस्टोरेंट से लगभग एक घंटे में पूरे दून घाटी के 360 डिग्री बर्ड आई व्यू का आनंद ले सकेंगे। यह उत्तराखंड राज्य में अपनी तरह का पहला रिवॉल्विंग रेस्टोरेंट होगा। एमडीडीए वीवी रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि प्रस्तावित स्टेशन की लागत स्टेशन निर्माण के लिए 125 करोड़ और कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए 400 करोड़ रुपये होगी। कमर्शियल निर्माण में यहां होटल और कॉप्लेक्श भी शामिल है।

दून को 100 बेड का अस्पताल जल्द मिलेगा 
राजधानी में लोगों के इलाज के लिए जल्द ही 100 बेड का नया अस्पताल मिल जाएगा। कोरोनेशन अस्पताल में 100 बेड के अस्पताल की नई बिल्डिंग का काम लगभग पूरा हो गया है। आने वाले दिनों में अस्पताल का शुभारंभ हो जाएगा। नई बिल्डिंग का काम पूरा होने के बाद जिला अस्पताल में तमाम तरह की सुविधाएं मिलने लगेगी।

अभी तक यहां एमआरआई, सीटी स्कैन, आईसीयू की सुविधा नहीं है। नई बिल्डिंग में यह सब सुविधाएं मिलेगी। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. मनोज उप्रेती ने बताया कि अस्पताल का काफी काम हो गया है। जल्द ही बचा हुआ काम कार्यदायी संस्था ने करने को कहा है। तेजी से काम किया जा रहा है। नई बिल्डिंग शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी। 

गांधी अस्पताल में दस बेड का आईसीयू 
गांधी अस्पताल में जल्द ही दस बेड का आइसीयू वार्ड शुरू हो जाएगा। आइसीयू में बेड समेत तमाम उपकरण लगा दिए गए हैं। अब बस कुछेक काम बाकी हैं, जिनमें करीब एक पखवाड़े का वक्त और लगेगा। आइसीयू शुरू हो जाने के बाद गर्भवती महिलाओं को काफी सहूलियत होगी। बता दें कि अभी तक शहर में सरकारी अस्पताल में केवल दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में ही आइसीयू की सुविधा है।

लेकिन फिलवक्त यह अस्पताल कोविड-हॉस्पिटल के रूप में काम कर रहा है। जिस कारण सामान्य मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही नहीं अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भी केवल कोरोना संक्रमित महिलाओं को ही भर्ती किया जा रहा है।

नए साल में 31 नए वार्डों में घर-घर से होगा कूड़ा उठान 
नए साल में नगर निगम की ओर से 31 नए वार्डों में घर-घर से कूड़ा उठान का काम शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि 15 जनवरी के बाद घर-घर से कूड़ा उठान का काम शुरू हो जाएगा इसके लिए नगर निगम ने टेंडर कर दिए हैं। चार कंपनियों का चयन हुआ है। जिस कंपनी की टिफिन फीस कम होगी। उस कंपनी को घर-घर से कूड़ा उठान का ठेका दिया जाएगा।

नगर निगम की ओर से पुराने  वार्डों में कूड़ा उठान का काम साल 2011 से किया जा रहा है। नगर निगम सीमा विस्तार के बाद 72 गांव शामिल हुए थे। इन 72 गांव को लेकर हुए परिसीमन के चलते 31 नए वार्ड बने। इन 31 नए वार्डों में कुछ वार्डों में अस्थाई तौर पर घर-घर से कूड़ा उठान का काम किया जा रहा है। लेकिन अब नगर निगम इन सभी 31 वार्डों में स्थाई तौर पर घर-घर से कूड़ा उठान की योजना बना चुका है। निगम की ओर से टेंडर किए जा चुके हैं।

टेंडर में आठ कंपनियों ने भाग लिया था। जिसमें से चार कंपनियां तकनीकी बिड में बहार हो गयी। चार कंपनियों का चयन हो चुका है। इन चार कंपनियों में से जिस कंपनी की टिफिन फीस सबसे कम होगी। उस कंपनी को घर-घर से कूड़ा उठान का ठेका दिया जाएगा। नए 31 वार्डों में घर-घर से कूड़ा उठान के चलते इन इलाकों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो पाएगी।

बता दे कि कूड़ा उठान शुरू होने पर हर घर से 50 रुपए सफाई शुल्क लिया जाएगा। जबकि मौजूदा समय में नए इलाकों में 70 से लेकर 100 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि 15 जनवरी के बाद घर-घर से कूड़ा उठान का काम नए वार्डों में शुरू कर दिया जाएगा।

देहरादून में स्मार्ट वेंडिंग जोन की बढ़ेगी संख्या
नगर निगम कोरोना काल के चलते बेरोजगार हो चुके लोगों को रोजगार देने के लिए नए साल में 19 स्मार्ट वेंडिंग ज़ोन बनाएगा। इस वेंडिंग जोन में फल सब्जी का कारोबार करने वालों को जगह दी जाएगी। नगर निगम की ओर से शहर में 19 स्मार्ट वेडिंग जो बनाए जाने हैं। इसके लिए सर्वे कर  जगह चिन्हित हो चुकी है। नए सिरे से पुरानी सब्जी मंडियों में स्मार्ट वेंडिंग जोन बनेंगे।

जिसमें स्मार्ट खोखा बनाया जाएगा। इसके लिए निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना के चलते तमाम लोग बेरोजगार हो चुके हैं। ऐसे में नगर निगम ने बोर्ड बैठक में फैसला लिया था कि बेरोजगार हो चुके लोगों को वेंडिंग जोन में जगह देकर उन्हें रोजगार दिया जाएगा। मेयर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि 2020 कोविड के चलते दिक्कत भरा है। इस कारण नगर निगम के कई काम प्रभावित हुए। लेकिन नए साल में निगम की ओर से 19 स्मार्ट वेंडिंग जोन भी तैयार कर दिए जाएंगे। इन वेंडिंग जोन के चलते 4000 लोगों को रोजगार दिया जाएगा।  इसके लिए निगम में तैयारी शुरू कर दी है।

नए साल में नए वार्डों में लगेगी 65 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट 
नगर निगम की ओर से नए साल में नए वार्डों में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। यह काम भी जनवरी माह में शुरू हो जाएगा। नए वार्डों में लाइट लगाने वाली कंपनी ने सर्वे पूरा कर दिया है। ऐसे में नए साल में नए वार्डों में शामिल तमाम इलाकों का अंधेरा दूर हो जाएगा। नगर निगम सीमा विस्तार के बाद शामिल 72 गांव में स्ट्रीट लाइट की काफी समस्या है। जिस कारण इन इलाकों में रात होते ही अंधेरा पसर जाता है।

उत्तरकाशी में बनेगा देश का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र
उत्तरकाशी के भैरो घाटी क्षेत्र में देश का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र बनेगा। सरकार ने इसको मंजूरी दे दी है। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि इसके जरिए वन्यजीवों की लुप्त हो रही प्रजातियों का संरक्षण और विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने की सरकार की योजना है। 2021 में इसके बनने की उम्मीद है।इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्तमान में देश में करीब 586 हिम तेंदुए हैं।

जबकि अभी उनकी पहली बार अधिकारिक गणना की जा रही है। इन हिम तेंदुओं के संरक्षण के लिए संरक्षण केंद्र नीदरलैंड के सहयोग से बनाया जा रहा है। संरक्षण केंद्र की लागत करीब साढे 5 करोड़ रुपये होगी। प्रदेश में अभी करीब 86 हिम तेंदुए होने का अनुमान है। हिम तेंदुआ इतना दुर्लभ जीव है कि उसे घोस्ट ऑफ माउंटेन भी कहा जाता है। प्रदेश में हिम तेंदुए 3000 से लेकर 4500 मीटर की ऊंचाई में नंदा देवी जैव विविधता क्षेत्र, गंगोत्री नैशनल पार्क आदि में पाए जाते हैं। उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले में ये अधिक संख्या में देखे गए हैं।

पाखरों में दौड़ेगी जंगल सफारी,बाघ दिखने की गारंटी
अब कार्बेट में भले ही पर्यटकों को बाघ दिखे ना दिखे। मगर बफर जोन में स्थित कोटद्वार के पाखरों में बाघ दिखने की गारंटी होगी। पाखरो में इस साल के बीच तक जंगल सफारी शुरू होने की उम्मीद है।  यहां 106 हेक्टयेर में टाइगर सफारी का काम भी शुरू कर दिया गया है। खास बात ये है कि इसमें मध्य  प्रदेश से सफेद लाकर रखने की भी योजना है। अगर ऐसा हो पाता है तो ये पर्यटन के लिहाज से प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

वन मंत्री डा. हरक सिंह ने बताया कि  2019 में कॉर्बेट में भ्रमण पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाखरो में टाइगर सफारी बनाने की घोषणा की थी। तब से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व इसकी कार्ययोजना बनाने में जुट गया था। लगभग 20 करोड़ की कार्ययोजना इसके लिए बनाई गई है। इससे भी कोटद्वार और आसपास जहां पर्यटक बढ़ेगा।

वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हेांगे। उम्मीद है कि इससे कोटद्वार और आसपास का इलाका रामनगर की तरह विकसित हो पाएगा। प्रदेश को पर्यटन से आय भी बढ़ेगी। पहले चरण में इसमें पांच बाघ रखे जाएंगे। जिनको देखने के लिए पर्यटक बंद जिप्सियों में जाएंगें। यानी बेहद करीब से बाघ के दीदार हो सकेंगे।

थानो में बनेगा दूसरा सिटी पार्क, परिवार के साथ ले सकेंगे प्रकृति का आनंद
राजधानी की भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के करीब सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं तो जल्द ही आपको एक और सिटी फारेस्ट मिलने वाला है। अगले साल झाझरा की तर्ज पर थानो में भी एक सिटी फारेस्ट बनाया जाना है। उम्मीद है कि मार्च अंत तक ये बनकर तैयार हो जाएगा।  डीएफओ राजीव धीमान ने बताया कि झाझरा में आनंद वन लोगों को काफी पसंद आ रहा है।

उसमें अब पर्यटकों की संख्या वीकेंड पर हजार तक पहुंच रही है। जो किसी पार्क में अपने आप में एक रिकार्ड है। लेकिन वहां सिर्फ शहर या पछवादून इलाके लोग ही ज्यादा आ रहे हैं। इसी को देखते हुए शहर के दूसरे छोर थानो में भी एक सिटी पार्क बनाया जा रहा है। जो भोपाल पानी के  पास हेागा। इसका काम शुरू कर दिया गया है।

अभी बजट की कमी के चलते काम रुका है। कोशिश है बजट की व्यवस्था कर अगले तीन माह में इसे पूरा किया जाए। डीएफओ के अनुसार पार्क में अभी से लोग सुबह शाम आने लगे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि पार्क तैयार होने के बाद उसमें लोगों को अच्छा रिस्पांस मिलेगा। इससे उस इलाके में पर्यटन भी बढ़ेगा और स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी बढ़ेगी।

नथुवावाला में पेयजल उपभोक्ताओं को मार्च से मिलने लगेगा 16 घंटे पानी
नथुवावाला में जल संस्थान द्वारा बनाई जा रही 22.46 करोड लागत वाली पेयजल योजना इस वर्ष मार्च में पूरी हो जाएगी। योजना पूरी करने के लिए जुलाई 2021 तक का समय होने के बावजूद योजना पांच माह पहले ही पूरी हो रही है। नथुवावाला, नकरौंदा आदि इलाकों के करीब साढ़े तीन हजार से अधिक परिवार व बीस हजार से अधिक की आबादी के लिए बनाई जा रही इस योजना के पूरा होने पर उपभोक्ताओं को अधिकतम 16 घंटे पेयजल आपूर्ति, पहले से अधिक प्रेशर से पानी, 12 मीटर की ऊंचाई तक बिना मोटर लगाए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

सभी कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। जिसके लिए 74 किलोमीटर नई पानी की लाइन बिछाने का काम तेजी पर है। योजना में तीन नलकूप, दो नए ओवरहेड टैंक भी बनाए जाने हैं। मौजूदा समय में यहां 3.10 एलएलडी पानी उपलब्ध है, योजना पूरी होने पर 2.81 एमएलडी पानी अतिरिक्त प्राप्त होगा। इस इलाके में अभी प्रति उपभोक्ता 50 लीटर पानी ही मिल पाता है।

जबकि योजना के बाद शहरी मानकों के अनुरुप 135 लीटर पानी उपलब्ध होने लगेगा। उपभोक्ताओं को वास्तविक पानी की खपत के हिसाब से बिल भेजे जाएंगे और इसके लिए सभी उपभोक्ताओं के यहां पानी के स्मार्ट मीटर लगेंगे। उपभोक्ताओं को स्मार्ट तरीके से बिल दिया जाएगा। जल संस्थान रायपुर डिवीजन के ईई विनोद रमोला ने बताया कि मार्च माह में योजना की टेस्टिंग का काम शुरू होगा। 

नत्थनपुर में मार्च में शुरू होगा काम
नथुवावाला के बाद अप्रैल माह से जल संस्थान नत्थनपुर क्षेत्र में इसी तरह 55 करोड लागत वाली योजना पर कार्य आरंभ कर देगा। इस काम को पूरा करने का लक्ष्य 18 माह है और इसमें भी 16 घंटे पेयजल आपूर्ति, स्मार्ट मीटर, नए नलकूप, ओवरहेड टैंक, नई लाइनों पर कार्य प्रस्तावित हैं।

क्लेमनटाउन के पांच वार्डों में मिलेगा 24 घंटे पानी
क्लेमनटाउन छावनी बोर्ड के छह वार्डों के लोगों को आने वाले महीनों में 24 घंटे पेजयल सप्लाई मिलेगी। इसके बाद छावनी ने अपना स्वचालित हैंडपंप तैयार कराया है। वहीं मुख्य पेयजल लाइनें बिछ गई है। जल्द इन्हें घरों से जोड़ा जाएगा। अब तक इस क्षेत्र में जल जंस्थान पेजयल उपलब्ध कराता है। छावनी पहली बार अपनी ओर से यह व्यवस्था करने जा रहा है।

 

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