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सीएम रावत बोले उत्तराखंड को स्वच्छ बनाने को लगा रहे हैं पॉलीथिन पर पाबंदी

polythene ban in uttar pradesh

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा है कि एक अगस्त से राज्य में पॉलीथिन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा रहा है। रविवार को देहरादून में पूर्व सैनिकों के एक कार्यक्र्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को स्वच्छ बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उत्तराखंड पयार्वरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार राज्य में रोजाना पांच सौ टन प्लास्टिक कचरा पैदा हो रहा है। पॉलीथिन के प्रयोग से सांस और त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। उधर पॉलीथिन पर पाबंदी को लेकर अभी तक कोई प्रशासनिक तैयारी नहीं की गई है। शहरी विकास विभाग का कहना है कि पॉलीथिन पर पहले से ही पाबंदी है। पुराने कानून के आधार पर ही पॉलीथिन पर कार्रवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट पहले ही लगा चुका है रोक : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 18 मार्च, 2017 को सूबे को पॉलीथिन फ्री बनाने के लिए राज्य में प्लास्टिक व पॉलीथिन उत्पादन इकाइयां बंद करने के आदेश दिए थे। राज्य में कैरी बैग और थर्माकॉल आदि की आमद रोकने को एंट्री प्वाइंट पर चेकिंग के लिए कहा था। इन आदेशों पर अभी पूरी तरह अमल नहीं हुआ है। 

आदेश की जरूरत नहीं : निदेशक शहरी विकास भूपाल सिंह मनराल ने कहा है कि पॉलीथिन पर रोक का आदेश पहले से ही प्रभावी है। इसके चलते नये आदेश की जरूरत नहीं है। पुराने आदेश को ही जिला प्रशासन और नगर निकायों के माध्यम से लागू कराया जाएगा। 

व्यापारी पॉलीथिन पर पाबंदी के पक्ष में: प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल ने कहा कि  राज्य के सभी व्यापारी पॉलीथिन पर प्रतिबंध के पक्ष में है। सरकार की इस पहल में व्यापारी पूरा सहयोग करेंगे। पॉलीथिन की जगह जो विकल्प उपलब्ध होगा, व्यापारी उसे स्वीकार करेंगे। 

पॉलीथिन स्वच्छता ही नहीं, बल्कि तमाम तरह की परियोजनाओं में भी बाधक है। पर्यावरण के लिए यह कितनी घातक है, वैज्ञानिक इसे प्रमाणित कर चुके हैं। इसके चलते उत्तराखंड में एक अगस्त से पॉलीथिन को बैन किया जा रहा है।
त्रिवेंद्र रावत 
मुख्यमंत्री 

पॉलीथिन के खिलाफ डीएम पहले से ही जागरूकता अभियान चला रहे हैं। अब सीएम की घोषणा के मुताबिक एक अगस्त से पॉलीथिन पर पूरी तरह रोक लागू हो जाएगी। इसके लिए सभी जिलाधिकारी सतर्क हैं। 
मदन कौशिक
शहरी विकास मंत्री 

क्या हैं विकल्प 
1.कपड़ा, जूट, कैनवास, नायलान और कागज के बैग।
2.पॉलीथिन के विकल्प देने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन।
3.पॉलीथिन के खिलाफ जागरूकता अभियान।
4.बाजार जाने के लिए कपड़े या जूट का बैग लेकर जाएं।


 

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  • Web Title:uttarakhand government to ban polythene from August 01