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उत्तरकाशी टनल हादसे के बाद उत्तराखंड सरकार की टूटी नींद, श्रमिकों की सुरक्षा को बना यह प्लान

उत्तरकाशी सिलक्यारा सुरंग हादसे के बाद अब राज्य सरकार सतर्क हो गई है। सरकार परियोजना और इसमें लगे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सभी टनल परियोजनाओं की समीक्षा करने जा रही है, सीएम धामी ने ऐलान किया है।

उत्तरकाशी टनल हादसे के बाद उत्तराखंड सरकार की टूटी नींद, श्रमिकों की सुरक्षा को बना यह प्लान
Himanshu Kumar Lallउत्तरकाशी, लाइव हिन्दुस्तानMon, 20 Nov 2023 10:27 AM
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उत्तरकाशी सिलक्यारा सुरंग हादसे के बाद अब राज्य सरकार सतर्क हो गई है। सरकार परियोजना और इसमें लगे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सभी टनल परियोजनाओं की समीक्षा करने जा रही है, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसका ऐलान किया है। सीएम ने कहा कि भविष्य में अनहोनी से बचने के लिए टनल परियोजनाओं की समीक्षा जरूरी है। सीएम ने कहा कि सरकार टनल में फंसे श्रमिकों को जल्द से जल्द निकालने के लिए प्रयासरत है।

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि कांग्रेस सिलक्यारा आपदा की घटना पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा की इस घडी में प्रभावितों के साथ है और फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास कर रही है। लेकिन कांग्रेस इस परिस्थिति का राजनैतिक लाभ लेने के लिए दुष्प्रचार कर रही है।

2:00 PM

टनल में फंसे लोगों की जान बचान को रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। ड्रिलिंग के लिए प्लेटफार्म तैयार किया जा चुका है। टनल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बड़कोट की ओर से टनल में खुदाई शुरू की गई है।

1:30 PM

टनल में फंसे लोगों को ऑक्सीजन पाइप के माध्यम से भेजी जा रही है। रेस्क्यू टीम द्वारा लोगों को खाद्य पदार्थ के पैकेट भी भिजवाए गए हैं। 

1:00 PM

इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स उत्तरकाशी में सिलक्यारा पहुंचे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंचे अर्नोल्ड ने पहाड़ की चट्टानों और मिट्टी का परीक्षण किया। टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए वर्टिकल ड्रिल का प्लान बनाया गया है  
 

12:45 PM

सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिये चलाये जा रहे रेस्क्यू अभियान में केंद्रीय संगठनों से समन्वय बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार की तरफ से नियुक्त नोडल अधिकारी  डॉ. नीरज खैरवाल ने सिलक्यारा पहुंचकर राहत और बचाव अभियान का जायजा लिया। खैरवाल अभी  एनएचएआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद, निदेशक अंशु मनीष खलखो,  जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला और रेस्क्यू अभियान में जुटे विभिन्न केंद्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।

गौरतलब  कि उत्तराखंड सरकार के द्वारा सिलक्यारा में राहत और  बचाव  कार्यों में जुटे केंद्रीय संगठनों के साथ समन्वय, अनुश्रवण और  राज्य की ओर ज़रूरी सुझाव देने के लिए शासन के सचिव डॉ. नीरज खैरवाल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

12:30 PM

आपदा प्रबंधन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि टनल में मलबे के ऊपर कुछ स्थान खुला है। विशेषज्ञों के अनुसार टनल में छत की ओर मलबा कम हो सकता है। केंद्रीय परिवहन मंत्री के निर्देश पर रोबोट का प्रयोग करने की तैयारी कर रही है। रोबोट को भेजकर वहा टनल खोलने की संभावना देखी जाएगी। हो सकता है कि ऊपर से ज्यादा आसानी से मलबा हटाकर भीतर फंसे लोगों को निकाल लिया जाए।

12:05 PM

उत्तरकाशी टनल के बाहरी हिस्से में सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए गए हैं। ऑगर मशीन को शुरु करने से पहले बाहरी हिस्से को कंक्रीट से मजबूत किया जा रहा है। पीएमओ के उपसचिव मंगेश घिल्डियाल ने देर रात अधिकारियो के साथ टनल का मुआयना किया।

11:45AM

चौहान ने कहा कि सिलक्यारा की दुखद आपदा से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह से जुटी है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुभवों का लाभ लेकर जल्द से जल्द फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रेस्क्यू प्लान भी साझा किया है, लेकिन कांग्रेस टनल मे खामियां गिना रही है और उसे श्रमिकों के जीवन मे भी राजनीति नजर आ रही है। यदि कांग्रेस के पास सुझाव हैं तो वह सरकार से साझा कर सकती है।

11:30AM

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने उत्तरकाशी टनल मामले में कहा है कि एक तरफ मजदूर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, दूसरी तरफ प्रदेश सरकार के मंत्री दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। माहरा ने बयान जारी कर कहा कि आजतक सरकार ने मजदूरों को बाहर निकालने के लिए कोई ठोस प्लान सामने नहीं रखा है।

बचाव अभियान के नाम पर केवल हवा में हाथ पैर मारे जा रहे हैं। माहरा ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि टनल के निर्माण के दौरान कम्पनी मनमानी करती रही, यही कारण है कि वहां पर सुरक्षा और बचाव के इंतजाम तक नहीं किए गए थे। अगर पहले सावधानी बरती गई होती तो इतनी बड़ी घटना नही होती।

11:15AM

हादसे के बाद सिलक्यारा टनल पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जियोफिजिकल जांच में शेयर जोन सामने आने के बाद भी पर्याप्त सावधानियां नहीं बरती गई। इसी का नतीजा है कि टनल निर्माण के दौरान ही धंस गई और अब 41 लोगों की जान कई दिनों से फंसी हुई है।

11:00AM

सिलक्यारा पहुंचे मजदूरों के परिजनों के लिए प्रशासन की ओर से खाने पीने और रहने की व्यवस्था की गई है। यहां बने भवनों के कुछ कमरों में बाहर से आने वाले परिजनों को ठहराया जा रहा है। हालांकि, बाहर से आए मजदूरों से परिजन अभी इक्के दुक्के ही हैं। लेकिन जैसे जैसे वक्त बीत रहा है, चिंतित परिजन भी अपनों की तलाश में सिलक्यारा पहुंच रहे हैं।

10:45AM

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि सिलक्यारा टनल मामले ने प्रदेश के ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी आपदा प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी है। यशपाल आर्य ने बयान जारी करते हुए कहा कि एक सप्ताह से देश के लोग फंसे श्रर्मिकों की वापसी की राह देख रहे हैं।

लेकिन अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। उन्होंने कहा कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि 41 लोगों की बहुमूल्य जानें सप्ताह भर से संकट में फंसी हैं और अभी भी बचाव के नाम पर हर दिन नए प्रयोग ही किए जा रहे हैं।

10:30AM
पीएम मोदी ने उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी से तीसरी बार फोर कर उत्तरकाशी टनल हादसे में राहत व बचाव कार्यों पर अपडेट लिया है। उन्होंने सीएम धामी को आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन में हर संभव मदद की जाएगी। 

10:15 AM
उत्तराखंड के साथ साथ हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में इस वक्त पौने तीन लाख करोड़ रुपये की लागत की टनल बनाई जा रही हैं। यह टनल विभिन्न रेल, सड़क प्रोजेक्ट में बन रही हैं। गडकरी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना काफी जटिल है।

जहां महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में पहाड़ का मतलब ठोस चट़्टान होता है। यहां पहाड़ अलग प्रकार है। इसलिए यहां एहतियात बरता जाता है। हिमालयी क्षेत्रों में बन रहे प्रोजेक्ट में भूस्खलन के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जा रहे हैं।

10:00 AM
नए विकल्प के रूप में टनल के बाहर और ऊपर एक्सकेप टनल बनाने के लिए ड्रिलिंग सोमवार से शुरू होने की उम्मीद है। राज्य के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा मीडिया से बातचीत में कहा कि सुरंग के अंदर ऑगर मशीन से 900 एमएम का पाइप 22 मीटर तक डाला जा चुका है।

09:45 AM
सतलुज जलविद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) सुरंग के ऊपर से पहाड़ी से एस्केप टनल बनाने का जिम्मा है। चिह्नित जगह से करीब 86 मीटर ड्रिलिंग करनी होगी। इसके लिए रेल के जरिए गुजरात और उड़ीसा से मशीन लाई जा रही हैं। करीब 75 टन भारी होने की वजह से इन्हें एयरलिफ्ट करना मुश्किल है। टीएचडीसी को बड़कोट की तरफ से बन रही टनल में ड्रिलिंग करने की जिम्मेदारी है। यहां से लगभग 450 मीटर ड्रिलिंग करनी होगी। इसमें समय काफी लगेगा।

09:30 AM
उत्तरकाशी टनल हादसे में आठ दिन बाद भी 41 लोगों को सुरक्षित नहीं निकाला जा सका है। हालांकि, सरकार की ओर से रेस्कयू  ऑपरेशन लगातार जारी है। टनल के अंदर फंसे लोगों को जीवनदान देने के लिए ऑक्सीजन सहित खाद्य पदार्थ भी टनल के अंदर भेजे जा रहे हैं। 

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