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उत्तराखंड के शिक्षामंत्री का दावा, आचार संहिता खत्म होने के बाद लागू होगा Fees Act

uttarakhand education minister arvind pandey

उत्तराखंड में 27 मई को आचार संहिता खत्म होने के बाद सरकार राज्य में फीस एक्ट लागू कर सकती है। शिक्षा एवं खेल मंत्री अरविंद पांडे ने इसके संकेत दिए। उनका कहना है कि आचार संहिता की बाध्यता की वजह सरकार फिलहाल निर्णय नहीं ले रही है। लेकिन आचार संहिता खत्म होने के बाद प्राइवेट स्कूलों को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता से कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि इस शैक्षिक सत्र से ही राज्य के प्राइवेट स्कूलों की फीस का ढांचा तय कर दिया जाए।


सोमवार को फोन पर बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान अभिभावकों के उत्पीड़न की कई शिकायतें मिली हैं। लोगों का कहना है कि आचार संहिता का फायदा उठाते हुए प्राइवेट स्कूलों ने जहां मनमाने ढंग से फीस वसूली। वहीं एनसीईआरटी की किताबों और ड्रेस-स्टेशनरी के आदेशों का पालन भी नहीं किया। इन सभी पहलुओं को बेहद गंभीरता से लिया गया है। विभागीय अधिकारियों को ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट लेने के निर्देश दे दिए गए हैं। दोषी पाए जाने वाले स्कूलों की एनओसी निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। पिछले साल भी ऐसे प्रकरण सामने आए थे। तब पहली गलती मानते हुए चेतावनी देकर बख्श दिया गया था। पर, इस बार बख्शा नहीं जाएगा।

फीस एक्ट यानि
सरकार स्कूल की ट्यूशन फीस तय करेगी। इस ट्यूशन फीस से इतर स्कूल जो अतिरिक्त सुविधाएं देंगे, उसका शुल्क ले सकते हैं। इस पर प्रतिबंध नहीं होगा। अभिभावकों को भी तय करना होगा कि उन्हें सामान्य स्कूल में अपने बच्चे को पढ़ाना है। या फिर अधिक सुविधा वाले ज्यादा फीस लेने वाले स्कूल में। बकौल पांडे, लेकिन ट्यूशन फीस के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी स्कूल तय फीस से अधिक वसूली करेगा, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


अभिभावक डरें नहीं सप्रमाण करे शिकायत
शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि यदि उनका उत्पीड़न हो रहा है तो डरें नहीं। वो सप्रमाण अपनी शिक्षा शिक्षा विभाग से करें। यदि शिक्षा अधिकारी कार्रवाई में ढिलाई बरतते दिखाई दें तो सीधा मुझसे भी शिकायत की जा सकती है।

अफगान टीम को रोकने का होगा प्रयास
रायपुर स्टेडियम को होम ग्राउंड के रूप में इस्तेमाल कर रही अफगानिस्तान की टीम के दूसरे राज्य में जाने की कवायद पर भी सरकार गंभीर है। पांडे ने कहा कि यह मामला जानकारी में आई है। इस बारे में बीसीसीआई और आईसीएफएल से बातचीत का दौर शुरू किया जा रहा है।
 

फीस एक्ट अब तक सिर्फ दावे ही दावे
फीस एक्ट पर पिछले चार साल से कांग्रेस और भाजपा सरकार केवल दावे ही करती आ रही हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में फीस एक्ट का पहला ड्राफ्ट तैयार हुआ था। पर, प्राइवेट स्कूलों के विरेाध को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने इस ठंडे बस्ते में डाल दिया। वर्तमान सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में अरविंद पांडे भी कई बार फीस एक्ट लाने का दावा कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनका दावा भी हकीकत नहीं बन पाया।

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  • Web Title:Uttarakhand education minister Arvind Pandey claims that fees act will be implemented soon