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3 दिसंबर, 2020|9:26|IST

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सौभाग्य योजना : उत्तराखंड में घर-घर बिजली पहुंचने की जांच होगी

केंद्र की रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्पोरेशन (आरईसी) की टीम उत्तराखंड में सौभाग्य योजना के तहत हर घर बिजली पहुंचाने की जांच करेगी। इस टीम के सहयोग के लिए ऊर्जा निगम ने अपने टेस्ट डिवीजन के अधिशासी अभियंताओं को भी तैनात कर दिया है।  केंद्र सरकार की ‘सौभाग्य’ योजना के तहत उत्तराखंड में हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना के तहत ऊर्जा निगम ने सवा दो लाख से ज्यादा घरों में बिजली का कनेक्शन पहुंचाने का दावा किया। निगम का कहना था कि योजना के तहत न सिर्फ निशुल्क कनेक्शन उपलब्ध कराए गए बल्कि अन्य सुविधाओं के रूप में सर्विस केबिल, सर्विस पाइप, जीआई वायर, मीटर, मीटर बोर्ड, मीटर बॉक्स, स्विच बोर्ड, बिजली पोल, स्विच, लैंप होल्डर और नौ वाट का एलईडी बल्ब भी उपलब्ध कराए गए।

अब काम पूरा होने के बाद केंद्र सरकार की एजेंसी आरईसी की टीम कार्यों की जांच करेगी। जांच टीम क्वालिटी के साथ क्वांटिटी की भी जांच करेगी। जांच टीम में सीनियर टेक्निकल ऑफिसर और आरईसी के रीजनल अफसर शामिल होंगे।  ऊर्जा निगम की भूमिका पर उठ चुके हैं सवाल : सौभाग्य योजना के दौरान ऊर्जा निगम की भूमिका पर सवाल उठ चुके हैं। कई जगह पोल की जगह लकड़ी की बल्लियों पर लाइन खींच दी गई। कहीं लकड़ी के पोल पर ही मीटर टांग दिए गए थे। ठेकेदारों को मय सामग्री ठेका देने के बाद भी स्टोर तक से सामान सप्लाई किया गया। इस पर विभागीय इंजीनियरों ने सवाल उठाए थ। योजना के तहत न सिर्फ पहाड़ के दूरदराज के क्षेत्रों बल्कि राजधानी देहरादून तक में तमाम खामियां सामने आई थीं। इस पर मोहनपुर डिवीजन के इंजीनियरों तक के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।


अचानक चुनी जाएंगी पांच बसावटें
जांच पड़ताल के दौरान जांच टीम औचक रूप से जिले की पांच बसावटों को चुनेगी। जांच पड़ताल के दौरान देखा जाएगा कि लोगों को तय सुविधाएं प्राप्त हुई या नहीं। कनेक्शन के साथ जो दूसरी सुविधाएं मिलन थी, क्या वो उपलब्ध कराई गई। जांच में सिर्फ सौभाग्य येाजना के तहत दिए गए कनेक्शनों की ही पड़ताल होगी। इसमें डिफॉल्टर के तौर पर काटे गए कनेक्शनों को दोबारा दिए गए कनेक्शनों को नहीं गिना जाएगा।

 

आरईसी की टीम सौभाग्य योजना के कार्यों की पड़ताल करेगी। जांच टीम में जिलावार एक्सईएन टेस्ट को शामिल किया गया है। जांच टीम विद्युत कनेक्शनों की सामग्री की गुणवत्ता व मात्रा का परीक्षण कर रिपोर्ट देगी। सभी एक्सईएन को अधीक्षण अभियंता (वितरण) के माध्यम से रिपोर्ट मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट ऊर्जा निगम मुख्यालय को उपलब्ध करानी है।
बीसीके मिश्रा, एमडी, यूपीसीएल 
 
 
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  • Web Title:upcl to conduct probe into supplying power connection under saubhagya yojna in uttarakhand