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चिंताजनक: ‘जवानी’ गुजर गई पर नहीं मिली ‘नौकरी’

Trivendra Singh Rawat

उत्तराखंड को अलग राज्य बने 19 साल हो गए। लेकिन अभी तक सिर्फ 24 हजार लोगों को ही नौकरी मिली है। बेरोजगारी राज्य की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है लेकिन लोस चुनाव में यह मुद्दा नहीं बन सका है।  
राज्य के सेवायोजन कार्यालयों में 8.29 लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं। यह संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। बेरोजगारों की इस बढ़ती संख्या की तुलना में सेवायोजन कार्यालय के जरिए रोजगार देने की रफ्तार बेहद धीमी है। राज्य गठन से लेकर अभी तक सेवायोजन कार्यालय के जरिए सिर्फ 24056 युवाओं को ही रोजगार मिल पाया है। 

 

41 हजार पद हैं खाली : उत्तराखंड में विभिन्न विभागों में स्थायी रूप से लगभग 41,000 पद रिक्त हैं। हालांकि इनमें लगभग 18,000 पदों पर आउटसोर्स से कर्मचारी तैनात हैं। जिनका हर साल कांट्रेक्ट रिन्यू होता है, लेकिन इन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान लाभ नहीं मिलते हैं।


राज्य में रिक्त पदों का ब्योरा
पुलिस               1350
स्वास्थ्य            2360
वन                   1490
शिक्षा                 6800
राजस्व              1800
तकनीकी शिक्षा   1400
ऊर्जा                  5000
पर्यटन               500
कृषि                  150
उद्यान                200
आबकारी            223
सिंचाई               850
पेयजल              4000
लोनिवि              1700

 रोजगार दफ्तरों में पंजीकृत हैं 8.29 लाख बेरोजगार 
 राज्य बनने के 19 साल में सिर्फ 24 हजार को ही मिली नौकरी


स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के पद खाली पड़े हैं। सरकार कभी संविदा पर भर्ती की बात करती है तो भर्ती की विज्ञप्ति जारी की जा रही है। इसके बावजूद नौकरी नहीं दी जा रही है। इस कारण बड़ी संख्या में बेरोजगार फार्मासिस्ट ओवरऐज हो गए हैं। 
महेंद्र सिंह नेगी, महामंत्री उत्तराखंड बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट(एलोपैथ) एसोसिएशन

 

कांग्रेस सरकार में सरकारी विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। मौजूदा सरकार में यह ठप हो गई है। सरकार बनने के बाद कोई नई भर्ती नहीं की गई। जो लोग सरकारी सेवा में थे, वे भी सरकार की कमजोरी के कारण परेशान घूम रहे हैं। पूरे राज्य के युवा बेरोजगारी से परेशान हैं। 
प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष

 

शिक्षा निदेशालय में 165 दिन से बेरोजगार बीएड टीईटी प्रशिक्षित धरने पर बेठे हैं। सरकार कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। पद खाल होने के बावजूद वर्षवार भर्ती की प्रक्रिया नहीं शुरू की जा रही है। टीईटी पास बीएड धारकों को वर्षवार वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति न देकर मैरिट के नाम पर उलझाया जा रहा है।   बलवीर सिंह बिष्ट, अध्यक्ष उत्तराखंड प्रशिक्षित बीएड टीईटी महासंगठन

 

राज्य में साढ़े पांच हजार अतिथि शिक्षकों के पद खाली हैं। साढ़े चार हजार अतिथि शिक्षक एक साल से खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट में सरकार मजबूत पैरवी करे, ताकि साढ़े चार हजार अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके। 
विवेक यादव, अध्यक्ष उत्तराखंड माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ


सरकार युवाओं को रोजगार के साथ ही उन्हें स्वावलंबी बनाने का काम कर रही है। 3600 करोड़ की सहकारिता विकास योजना से 50 हजार युवाओं को सीधे और करीब पांच लाख युवाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। इन्वेस्टर्स समिट में आए सवा लाख करोड़ के प्रस्तावों के धरातल पर उतरने के बाद रोजगार की भरमार होगी। 
त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री 
 

 

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  • Web Title:unemployed youths are waiting for government jobs despite posts are lying vacant in government departments in uttarakhand