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UCC विधेयक का उत्तराखंड में दिखने लगा असर, शादी के सालों बाद करा रहे रजिस्ट्रेशन; सजा का भी प्रावधान 

उत्तराखंड यूसीसी विधेयक पारित होने के बाद रोजाना 5 से 10 लोग विवाह पंजीकरण को पहुंच रहे हैं। यूसीसी विधेयक पारित होने के बाद छह माह के भीतर विवाहित जोड़े को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

UCC विधेयक का उत्तराखंड में दिखने लगा असर, शादी के सालों बाद करा रहे रजिस्ट्रेशन; सजा का भी प्रावधान 
Himanshu Kumar Lallरुद्रपुर। दीप नेगीSun, 11 Feb 2024 03:51 PM
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उत्तराखंड यूसीसी- Uttarakhand UCC (समान नागरिक संहिता विधेयक) का असर दिखने लगा है। उत्तराखंड में दूल्हा-दुन्हन ने शादी के बाद रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। शादी के सालों के बाद भी पंजीकरण करा रहे हैं।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक विधानसभा में पारित होने के बाद  उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में शादी पंजीकरण बढ़ने लगे हैं। विवाह के सालों बाद भी जिन लोगों ने पंजीकरण नहीं कराया, वह भी इन दिनों निबंधक कार्यालय में पंजीकरण कराने आ रहे हैं।

विधेयक पारित होने के बाद रोजाना 5 से 10 लोग विवाह पंजीकरण को पहुंच रहे हैं। यूसीसी विधेयक पारित होने के बाद छह माह के भीतर विवाहित जोड़े को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण न कराने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

26 मार्च 2010 के बाद के सभी विवाहित जोड़ों को पंजीकरण कराना होगा। इससे पूर्व के विवाहित लोगों को रजिस्ट्रेशन में छूट दी गई है। विधेयक पास होने के बाद कुमाऊं के सभी जिलों में पंजीकरण में तेजी आ रही है।

रुद्रपुर, अल्मोड़ा, बागेश्वर में विवाहित जोड़े पंजीकरण करा रहे हैं। चम्पावत में भी जागरूकता बढ़ रही है। रुद्रपुर निबंधक कार्यालय में रोजाना 5 से 10 लोग पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं। इस वर्ष करीब 60 लोग पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं जनवरी माह में करीब 40 लोगों ने ही विवाह पंजीकरण कराए थे।

अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत में भी आई तेजी 
अल्मोड़ा रजिस्ट्रार कार्यालय के मुताबिक, यूसीसी विधेक लागू होने से पहले प्रतिदिन एक या दो विवाह पंजीकरण होते थे। अब पांच से सात पंजीकरण हो रहे हैं। जनवरी के पहले दस दिन में पंजीकरण की संख्या छह रही।

फरवरी के पहले दस दिन में करीब 24 लोगों ने  विवाह पंजीकरण करवाया है। वहीं बागेश्वर के उप निबंधक दलीप सिंह ने बताया कि जिले में गत वर्ष 802 लोगों ने विवाह का पंजीकरण कराया था। जनवरी पहले सप्ताह में 10 से 12 पंजीकरण रोज हुए।

फरवरी में इसमें थोड़ा तेजी आई है। यूसीसी विधेयक लागू होने के बाद यह आंकड़ा बढ़ेगा। अब जिला       मुख्यालय के अलावा गरुड़, कपकोट में भी पंजीकरण होंगे। वहां के लिए सप्ताह में दो-दो दिन तय कर दिए हैं। पिथौरागढ़ में फिलहाल विवाह पंजीकरण कराने वालों की संख्या सामान्य है।

रजिस्ट्रार प्रताप सिंह का कहना है कि इन दिनों रोजाना औसतन चार लोग विवाह पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं। जनवरी में भी पंजीकरण कराने वाले लोगों की औसतन संख्या यही थी। इधर, चम्पावत में यूसीसी विधेयक पास होने के बाद रोजाना औसतन 5-6 लोगों के विवाह पंजीकरण हो रहे हैं।

रुद्रपुर में छह वर्षों में हुए विवाह पंजीकरण 
वर्ष        संख्या

2019        353
2020        261
2021        338
2022        469
2023        537
2024        60   

ये दस्तावेज जरूरी
आधार कार्ड, स्थायी निवास प्रमाणपत्र
दोनों का जन्म प्रमाणपत्र 
वर-वधु की दो-दो पासपोर्ट साइज फोटो 
स्थानीय ग्राम पंचायत, निकाय से मुहर लगा प्रार्थना पत्र 
शादी का कार्ड, शपथपत्र
पंजीकरण के लिए दो गवाह 

निबंधक कार्यालय में रोजाना 5 से 10 लोग विवाह पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं। समान नागरिक संहिता विधेयक लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण बढ़ सकते हैं।  
अविनाश कुमार, उप निबंधक, रुद्रपुर 

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