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पर्यटकों के हाथ लगेगी मायूसी, एनटीसीए की रोक के बाद राजाजी पार्क में सफारी की राह नहीं आसान 

2021 में आशारोड़ी के पास से पार्क प्रशासन ने नया गेट खोल दिया था। बताया जा रहा कि इसके लिए अनुमति नहीं ली गई थी। दून से इसकी दूरी मात्र 15 किलोमीटर है, लिहाजा काफी संख्या में पर्यटक सफारी के लिए आए।

पर्यटकों के हाथ लगेगी मायूसी, एनटीसीए की रोक के बाद राजाजी पार्क में सफारी की राह नहीं आसान 
Himanshu Kumar Lallदेहरादून। ओमप्रकाश सतीWed, 15 Nov 2023 10:18 AM
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राजाजी पार्क में फिलहाल आशारोड़ी गेट से प्रवेश नहीं हो सकेगा। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने इसकी अनुमति नहीं दी है। वर्ष 2021 में तत्कालीन वन मंत्री डॉ. हरक सिंह के निर्देश पर अनुमति के बिना ही यह गेट खोल दिया गया था।

बाद में इसे बंद करते हुए वन विभाग ने एनटीसीए से परमिशन मांगी थी। लेकिन, अब 15 नवंबर से इस गेट से सफारी की उम्मीद लगाए बैठे पर्यटकों को मायूस होना पड़ेगा। राजाजी पार्क में अभी चीला, मोतीचूर और मोहंड गेट से पर्यटकों का प्रवेश होता है। 15 नवंबर से यह गेट पर्यटकों के लिए खोले जाने हैं।

2021 में आशारोड़ी के पास से पार्क प्रशासन ने नया गेट खोल दिया था। बताया जा रहा कि इसके लिए अनुमति नहीं ली गई थी। दून से इसकी दूरी मात्र 15 किलोमीटर है, लिहाजा काफी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी के लिए आ रहे थे। स्थानीय लोगों के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व में घूमने का यह अच्छा विकल्प था।

लिहाजा, पार्क प्रशासन की ओर से इस गेट को विधिवत खोलने के लिए एनटीसीए से दो बार अनुमति मांगी गई, लेकिन एनटीसीए ने इसे खोलने की अनुमति नहीं दी। इसके पीछे इसके कोर जोन में होने का हवाला दिया गया।

सालभर खोलने पर भी लगाई थी रोक
इससे पहले भी एनटीसीए वन विभाग को झटका दे चुका है। वन विभाग ने राजाजी पार्क के चीला, मोतीचूर समेत कुछ और गेट सालभर खोलने की योजना बनाई थी। लेकिन, कुछ समय बाद ही एनटीसीए ने इस पर रोक लगा दी थी। उस वक्त भी वन विभाग की किरकिरी हुई थी।

यह गेट पार्क के प्लान में नहीं था। इसे उस वक्त कैसे खोला गया, यह मेरी जानकारी में नहीं है। इसको विधिवत खोलने के लिए टाइगर कंजर्वेशन प्लान के साथ अनुमति के लिए भेजा जाएगा। तब अगर अनुमति मिलती है तो ही इसे खोला जा सकता है।
साकेत बड़ोला, निदेशक,राजाजी पार्क

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