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28 फरवरी, 2021|11:28|IST

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जिम कार्बेट से राजाजी नेशनल पार्क भेजे गए टाइगर को इससे से जान का खतरा, पढ़िए 

female tiger attacked the villagers sitting inside the hut in lakhimpur kheri

जिम कार्बेट नेशनल पार्क (सीटीआर) से राजाजी नेशनल पार्क (आरटीआर) भेजे गए टाइगर को लेकर पार्क प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। टाइगर की सेहत का हवाला देते हुए राजाजी पार्क प्रशासन ने पार्क से गुजरने वाली ट्रेनों की स्पीड को कम करने के लिए रेल विभाग को पत्र लिखा है। राजाजी नेशनल पार्क में कार्बेट नेशनल पार्क से पांच बाघों को शिफ्ट कर राजाजी पार्क पहुंचाए जा रहे हैं। जिसमें से एक नर और एक मादा है को पहुंचा दिया गया है। अभी तीन और पहुंचाए जाने हैं।

जिम कार्बेट में रेल का मूवमेंट नहीं होने से राजाजी लाए गए बाघ को रेल और उसकी पटरियों को लेकर आदत नहीं है।  ऐसे में राजाजी से गुजरने वाली 18 जोड़ी से ज्यादा ट्रेनों से ट्रांसलोकेट किए गए बाघ की जान को खतरा हो सकता है। इसके चलते पार्क प्रशासन ने रेलवे प्रबंधन को शुक्रवार को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं जाहिर करते हुए आरटीआर से गुजरते वक्त ट्रेन की स्पीड 50 किमी प्रतिघंटा करने की मांग की है।

ताकि बाघ के साथ-साथ अन्य वन्यजीवों को होने वाले संभावित किसी नुकसान से रोका जा सके। उत्तराखंड में अपने तरह की ट्रांसलोकेसन की इस पहली कोशिश पर देशभर की नजर है। इसके चलते वन विभाग के अधिकारी फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। आरटीआर प्रशासन ने रेल की स्पीड से बाघों को संभावित खतरे को भांपते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को भी इस बाबत पत्र लिखा है।  

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  • Web Title:tiger translocated to rajaji national park from jim corbett national park facing life danger due to train speed in reserve forest area