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छात्रों के डूबने पर 3 शिक्षकों को सजा

गोवा में स्कूल टूर के दौरान स्कॉलर्स होम स्कूल के दो छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत के मामले में कोर्ट ने तीन शिक्षकों को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषियों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अक्तूबर, 2005 में दीपावली के मौके पर राजपुर रोड स्थित स्कॉलर्स होम स्कूल के छात्रों का दल पांच दिनी टूर पर गोवा गया था। वहां पांच छात्र समुद्र में डूब गए। इनमें से तीन को बचा लिया गया। मगर, दो छात्र निखिल और निशांत की डूबने से मौत हो गई। निशांत का शव बरामद हो गया, लेकिन नौवीं के छात्र निखिल का शव खोजा नहीं जा सका।

16 नवंबर 2006 को गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में निखिल के पिता राजपाल सिंह ने मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप था कि उन्होंने बेटे को गोवा टूर पर भेजने से मना कर दिया था, लेकिन स्कूल प्रबंधन नहीं माना। राजपाल ने इस मामले में स्कूल संचालक अरुण खन्ना, प्रधानाचार्य छाया खन्ना, शिक्षक अरुण कुमार, सुशांत पांडा और शिक्षिका छवि रानी दास भौमिक को आरोपी ठहराया था। शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-पंचम पुनीत कुमार ने शिक्षक अरुण कुमार, सुशांत पांडा और छवि रानी दास भौमिक को लापरवाही और उपेक्षा का दोषी पाया। तीनों ही शिक्षकों को दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई गई और 
60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

स्कूल संचालक-प्रधानाचार्य बरी: इस मामले में कोर्ट ने स्कूल संचालक अरुण खन्ना, प्रधानाचार्य छाया खन्ना को बरी कर दिया है। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि वह टूर पर नहीं गए थे।

समुद्र से घबराहट की बात बताई थी फिर भी नहीं माना स्कूल प्रबंधन  
राजपाल ने कहा था कि उनके बच्चे को तैरना नहीं आता था और वह समुद्र को देखकर डरता था। यह बात स्कूल प्रबंधन को बताई गई, मगर स्कूल प्रबंधन फिर भी नहीं माना।

 

 

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  • Web Title:three teachers gets jail after private school students drowns in sea in goa