DA Image
14 अगस्त, 2020|5:43|IST

अगली स्टोरी

द दून स्कूल के नवनियुक्त हेडमास्टर डॉ जगप्रीत सिंह ने ज्वाइनिंग के बाद क्या कहा ? पढ़िए

द दून स्कूल के छात्र आने वाले समय में देश व दुनिया का नेतृत्व करें और स्कूल द्वारा स्थापित मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ें,यही हमारा लक्ष्य है। यह बात बुधवार को द दून स्कूल के नवनियुक्त हेडमास्टर डॉ जगप्रीत सिंह ने हिन्दुस्तान से खास बातचीत में कही।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बेशक कोरोना के चलते हमारे समक्ष नई चुनौतियां हैं,लेकिन हमें यह समझना होगा कि कोरोना हम सभी के लिए एक बड़ा सबक है और हम सब मिलकर नए परिवर्तन के साथ आधुनिक भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में निजी स्कूलों के साथ ही सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने लॉकडाउन के दौरान विपरीत परीस्थितियों के बावजूद छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाकर यह दिखा दिया है कि हम नई तकनीक को अपनाकर बहुत आगे तक जा सकते हैं।

सेलेबस में कटौती को लेकर कहा कि छात्रों को इस बात का खास ख्याल रखना है कि उन्हें आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के हिसाब से समस्त विषयों की पढ़ाई करनी है।

ताकि छात्र प्रतिस्पर्धा में कहीं पीछे नहीं रहें। वह बोले कि स्कूल खुलने के बाद छात्रों शिक्षकों को एक नया माहौल देखने को मिलेगा। स्कूल में आगे भी ऑफलाइन और ऑनलाइन प्रक्रिया से पढ़ाई जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा कि अब बेसब्री से छात्रों के आने का इंतजार है। स्कूल खुलने के बाद सभी छात्रों को ग्रुप में बारी बारी से स्कूल बुलाया जाएगा और फिजिकल डिस्टेंसिंग व कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन के तहत नियमों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। 
 


बिजनेस संभालने की बजाय शिक्षा के क्षेत्र चुना 
डॉ जगप्रीत सिंह को विरासत में पिता से स्थापित हुआ होटल का कारोबार मिल चुका था। लेकिन शिक्षा के प्रति उनके लगाव के चलते उन्होंने एक शिक्षक के रूप में सेवाएं देने का निर्णय लिया।

महज 21 साल की उम्र में उन्होंने बतौर शिक्षक पढ़ाना शुरू कर दिया था। वह इससे पहले पंजाब पब्लिक स्कूल नाभा में करीब साढ़े नौ साल प्रिंसिपल रहे हैं।

इसके अलावा कई साल तक मेयो कॉलेज अजमेर में बतौर वाइस प्रिंसिपल सेवाएं दे चुके हैं। क्रिकेट व टेनिस खेलते हैं,उनका कहना है कि खेल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। मौजूदा समय में वह चंड़ीगढ़ के मोहाली में रहते हैं। 
 


दून ने चार दिन में अपना बना लिया 
डॉ.जगप्रीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड वास्तव में देवभूमि है। उनका कहना है कि महज चार यहां रहकर लोगों से इतना प्यार मिला कि लगा मानों सालों से यहां से कोई रिश्ता है। उन्होंने दून के लोगों की खूब तारीफ की। वहीं स्कूल के स्टाफ कर्मचारियों ने उनके स्वभाव की जमकर तारीफ की। 

कोरोनाकाल में परिवार में रिश्तों का महत्व बढ़ा 
डॉ.जगप्रीत सिंह ने कहा कि कोरोना के दौरान परिवार में रिश्तों का महत्व बढ़ा है। लोगों को यह बात बखूबी समझ आई है कि परिवार में रिश्तों का सम्मान सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुराना समय जैसे फिर लौट आया है। 

 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:the doon school head master dr jagpreet singh says alumni would lead world in coming days