Temporary homes will be built for disaster victims says Trivendra Singh Rawat - आपदा पीड़ितों के लिए अस्थाई घर बनेंगे: CM त्रिवेंद्र रावत DA Image

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आपदा पीड़ितों के लिए अस्थाई घर बनेंगे: CM त्रिवेंद्र रावत

trivendra singh rawat

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा है कि आराकोट क्षेत्र में आई आपदा में बेघर हुए लोगों को फिलहाल अस्थाई घर बनाए जाएंगे। क्षेत्र में मलबे के दबे लोगों को निकालने का काम और घायलों का उपचार प्राथमिकता से किया जा रहा है। आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। सरकार इस सीजन में बागवानों के सेब के ढुलान का खर्च खुद वहन करेगी। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को हेलीकाप्टर से प्रभावित गांवों में हुए नुकसान का जायजा लिया। आराकोट में आपदा पीड़ितों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को निकालना और घायलों का निशुल्क उपचार कराना है और जो लोग बेघर हुए हैं उन्हेंफिलहाल अस्थाई घर बनाकर दिये जायेंगे। 

आराकोट के राहत शिविरों में 300 लोग 
आपदा से बेघर हुए क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के 300 ग्रामीणों ने आराकोट में बनाए गए दो राहत शिविरों में शरण ली हैं। इनमें एक दर्जन स्कूली बच्चे भी हैं, जो सड़कें टूट जाने के कारण अपने गांवों में नहीं जा पा रहे हैं। 

15 शव बरामद, 9 लापता
आराकोट क्षेत्र के गांवों से अब तक 15 शव बरामद कर लिए गए हैं। क्षेत्र में 6 लापता लोगों की तलाश की जा रही है। जबकि आपदा में लापता विकासनगर के सगे भाइयों में समेत तीन लोगों का भी अभी तक पता नहीं चला है। 

40 गांवों में बिजली बहाल
आराकोट से लौट कर सीएम त्रिवेंद्र रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि क्षेत्र में 40 गांवों में बिजली और 12 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी है। आपदाग्रस्त सभी गांवों में टीमें पहुंच चुकी हैं।

सेब के ढुलान का खर्च सरकार उठाएगी
त्रिवेंद्र ने कहा कि आपदा से बागवानी और पशुधन को काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने इस सीजन में से के ढुलान का खर्च खुद उठाएगी। 

70 वर्ग किमी क्षेत्र हुआ प्रभावित
आपदा से आराकोट क्षेत्र के सोलह गांवों का लगभग 70 वर्ग किमी क्षेत्र प्रभावित हुआ है। यहां जनजीवन सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा। 

दस हैलीपेड बनाए 
सीएम ने कहा कि क्षेत्र में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए दस हैलीपेड बनाए गए हैं। चार हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री बांटी जा रही है। अब तक 1000 किलो आटा, दाल व चावल, 2000 फूड पैकेट्स, 5000 लीटर पानी, 300 कंबल, 50 टैंटों के साथ ही दवाइयां और सोलर लाइट प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा चुकी है। 

राहत-बचाव में ये लगे हैं
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों में 300 से ज्यादा कर्मचारी लगाए गए हैं। इसमें स्थानीय प्रशासन के अलावा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग और आपदा खोज एवं बचाव दल के कर्मचारी हैं।

आराकोट आपदा में नुकसान
 

घाटी कोटीगाड़
प्रभावित गांव व तोक         51 (24 घाटी व 27 पहाड़ी)
जनहानि                        15
लापता                 06
घायल                 08
पूर्ण क्षतग्रिस्त भवन         17
आंशित क्षति वाले भवन         117
क्षतग्रिस्त पुल            04
वद्यिुत क्षति 14 किमी पूर्ण रूप से
आंशिक क्षति   12 किमी
ट्रांसफार्मर           08
कुल नुकसान             130 करोड़

 

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