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10 जुलाई, 2020|3:06|IST

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चारधाम: जून में यात्रा शुरू करने पर तीर्थ पुरोहितों की ‘ना’, बोले: पुनर्विचार करे सरकार 

char dham

चारधाम तीर्थपुरोहित हक हकूककधारी महापंचायत ने सरकार से जून माह में चारधाम यात्रा शुरू किये जाने पर पुनर्विचार करने को कहा है। महापंचायत के अनुसार सरकार को पहले चारधाम और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर कोरोना संक्रमण से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने के बाद यात्राएं शुरू करवानी चाहिए। 

प्रदेश सरकार की ओर से जून में चारधाम और अन्य तीर्थ स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए खोलने के निर्णय पर तीर्थ पुरोहितों व हक हकूकधारियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

तीर्थपुरोहित संगठनों का कहना है कि इस समय देश व दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त है, ऐसे में प्रदेश सरकार को चारधाम यात्रा व धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए।

महापंचायत अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह से कोरोना का तेजी से प्रसार हो रहा है उसको देखते चारधाम श्रद्धालुओं के लिए खोलने पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों को इन धामों में अनुमति दिया जाना उचित है, मगर अब काफी संख्या में प्रवासी भी इनमें शामिल हो गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में प्रवासी देश के कोने-कोने से प्रदेश मे आये हैं, जो फिलहाल प्रदेश में कोरोना के सम्वाहक साबित हो रहे हैं।

ऐसे में वह या उनसे प्रभावित लोग चार धामों में पहुंचते हैं तो कोरोना संक्रमण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चारधाम में कोरोना से निपटने में सरकार की ओर से अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नही किये गए हैं।

इसी तरह देश के विभिन्न भागों से आने वाले श्रद्धालु चार धामों में कोरोना संक्रमण नहीं फैलायेगे इसका कोई भरोसा सरकार की ओर से नहीं दिया गया है।

महापंचायत उपाध्यक्ष विनोद शुक्ला ने सरकार से पहले तीर्थ पुरोहितों व हक हकूकधारियों को चार धामो मे जाने की अनुमति दिये जाने को कहा है, जिससे वह अपने निवासों व यात्रियों को दिये जाने वाली व्यवस्थाओं को ठीक कर सकें।

महामंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि सरकार की ओर से यात्रियों, तीर्थ पुरोहितों व हक हकूकधारियों को भगवान भरोसे  छोड़कर चार धाम यात्रा शुरू करना काफी जोखिम भरा साबित हो सकता है।

कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण जुगडाल ने कहा कि सरकार को चार धाम यात्रा मे कोरोना  बचाव के सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए। यदि कोई कोरोना पॉजिटिव किसी तरह चार धाम मे पहुंच गया तो यह काफी मुश्किल बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। 

महापंचायत संयोजक सुरेश सेमवाल के अनुसार चारधाम यात्रा शुरू करना चाहिए मगर यह तीर्थपुरोहितों, हक हकुकधारियों व यहां से जुड़े व्यवसायियों के जीवन को दांव पर लगाकर शुरू नहीं की जा सकती।

महापंचायत के अन्य पदाधिकारियों कुबेरनाथ पोस्ती, जगमोहन उनियाल, जमुनाप्रसाद रैवानी आदि ने कहा कि यदि सरकार ने कोरोना बचाव के पुख्ता इंतजाम किये बिना जून मे चारधाम यात्रा की शुरुआत की तो यह पूरे प्रदेश के लिए घातक होगा।

चारधाम उत्तराखण्ड के लगभग हर भाग से जुड़े हुए हैं। महापंचायत ने चेतावनी दी है कि यदि कोरोना की अनदेखी कर सरकार ने चारधाम यात्रा की शुरुआत की तो उसका पुरजोर विरोध किया जायेगा।
 

बदरीनाथ यात्री 30 जून तक स्थगित रखे सरकार
गोपेश्वर। केन्द्र सरकार ने 8 जून से देश के धार्मिक स्थलों को खोले जाने का निर्णय लिया है। बदरीनाथ के कपाट भले ही 15 मई  खुल चुके हैं।

लेकिन, कोरोना संक्रमण से बचाव को बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी, धर्माधिकारी पंडित भुवन चन्द्र उनियाल, अपर धर्माधिकारी सत्य  प्रसाद चमोला समेत बदरीनाथ मंदिर में पूजा और सेवा से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 30 जून तक बदरीनाथ मंदिर के दर्शन, यात्रा का निर्णय स्थगित रखा जाए।


बदरीनाथ में मंदिर पूजा, सेवा से जुडे़ लोगों ने आपसी सहमति बनाकर मुख्यमंत्री से मांग की है कि कोरोना संक्रमण जिस तेजी से बढ़ रहा है उसे देखते हुये 8 जून से यात्रा शुरू करने का निर्णय ठीक नहीं है।

धर्माधिकारी भुवन उनियाल ने बताया इस आशय का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया है। यात्रा खुलने पर भारी संख्या में दर्शनार्थियों के बदरीनाथ आने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाएगी।

बदरीनाथ में कोई स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं है। ज्ञापन में बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी, धर्माधिकारी भुवन उनियाल, अपर धर्माधिकारी सत्य प्रसाद चमोला, मंदिर के दफेदार दयाल सिंह सनवाल, हरेन्द्र सिंह कोठारी, सुरेन्द्र सिंह समेत मंदिर से जुडे़  लोगों के हस्ताक्षर हैं।

उधर, माणा और बदरीनाथ के बामिणी गांव के ग्रामीणों ने भी सरकार से मांग की है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुये 30 जून तक बदरीनाथ मंदिर के दर्शन की अनुमति न दी जाय। बदरीनाथ में पुलिस उपाधीक्षक आशीष भारद्वाज द्वारा यात्रा तैयारी बैठक के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने  इस मांग को रखा।

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  • Web Title:Teerth purohits say char dham yatra should not be started in june as corona cases rise in uttarakhand