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20 जनवरी, 2020|5:24|IST

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उत्तराखंड: ‘सेंट्रल स्कूल’ की तर्ज पर हो ‘शिक्षक कैडर’

उच्चीकृत जूनियर स्कूलों के हाईस्कूल में विलय का विरोध कर रहे शिक्षकों ने उत्तराखंड में सेंट्रल स्कूलों का त्रिस्तरीय फॉर्मूला लागू करने की मांग उठा दी है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने कहा कि सेंट्रल स्कूल के समान ही त्रिस्तरीय फॉर्मूला राज्य में शिक्षा की बेहतरी के लिए रामबाण साबित होगा। शिक्षक संघ ने यह भी चेताया कि अगर राज्य सरकार ने मनमाने तरीके से एकीकरण किया तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। शिक्षक संघ अध्यक्ष विनोद थापा और महामंत्री राजेंद्र बहुगुणा ने बताया कि एकीकरण का फैसला जल्दबाजी में किया गया। उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार से उच्चीकृत स्कूलों से जूनियर शिक्षक हटाए जाते रहे तो एक दिन यह कैडर ही खत्म हो जाएगा। इसके साथ बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन के मौके भी खत्म हो जाएंगे। सेंट्रल स्कूल फॉर्मूला ही इस समस्या का निदान है।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता विपिन मेहता ने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर चार जून को दून में आपात बैठक बुलाई गई है। इस दौरान भविष्य की रणनीति भी तय की जाएगी। मालूम हो कि, सरकार ने उच्चीकृत जूनियर स्कूलों में हाईस्कूल और जूनियर कक्षाओं को अलग अलग संचालित करने की व्यवस्था को 27 मई से समाप्त कर दिया है।


शिक्षकों पर सख्ती तो फिर अधिकारियों से दुलार क्यों?
देहरादून। जूनियर और हाईस्कूलों के एकीकरण से काफी नाराज शिक्षकों ने विभागीय अफसरशाही पर हमला बोला है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में खर्च बचाने के लिए चिंतित है तो उसे तत्काल सभी निदेशालयों और दफ्तरों का एकीकरण कर देना चाहिए। वर्तमान में मंडल, जिला और ब्लॉक स्तर पर अफसरों की भरमार है। ब्लॉक में बीईओ, उपशिक्षाधिकारी, जनपद में सीईओ और दो-दो डीईओ, मंडल में दो-दो एडी, संयुक्त निदेशक और उपनिदेशक, फिर इसके बाद बेसिक, माध्यमिक और अकादमिक-शोध निदेशालय। इन कार्यालयों में मिनिस्ट्रीयल स्टाफ की फौज भी कम नहीं। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने भी कहा कि वित्तीय अनुशासन की शुरुआत शीर्ष से हो। स्कूलों का एकीकरण थोपा गया तो इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

कृषि कर्मचारी संघ ने खाली पद भरने की मांग उठाई
देहरादून। कृषि कर्मचारी संघ ने खाली पदों को प्रमोशन और भर्ती से भरने की मांग उठाई है। रविवार को प्रांतीय बैठक में प्रमोशन के लिए 10 साल की सेवा में सीआर में उत्तम एंट्री की बाध्यता का विरोध किया गया। प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. सुदेश जुगरान और महामंत्री नरेंद्र सिंह रावत बोले, यह शर्त कर्मचारी हित में नहीं। विभागीय कामकाज में एकरूपता पर भी जोर दिया। इस दौरान वीएस भंडारी, ओपी शाहू, नरेश नौटियाल, सीएल असवाल, ओमपाल सिंह, नरेंद्र नौटियाल, शिशुपाल माधव, अरुण कुमार राणा, वीपी वशिष्ठ मौजूद रहे।

 

 

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  • Web Title:teacher cadre should be like central school teachers in uttarakhand