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तेज अंधड़ से और भड़की जंगलों की आग, बुझाने को वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद

रविवार की देर रात जंगल की आग पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पर बने नर्सिंग कॉलेज तक पहुंच गई। ग्रामीणों के सहयोग से बमुश्किल इस आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान कॉलेज के हॉस्टल में छात्राएं मौजूद थीं।

तेज अंधड़ से और भड़की जंगलों की आग, बुझाने को वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तान टीमTue, 07 May 2024 12:22 PM
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उत्तराखंड में जंगलों की आग पर अब पुलिस भी अलर्ट हो गई है। सोमवार को डीजीपी अभिनव कुमार ने वनाग्नि की घटनाओं को लेकर रिस्पांस टाइम कम से कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसी वन रेंज को चिह्नित करने के निर्देश भी दिए, जहां बार-बार वनाग्नि की घटनाएं हो रही हैं।

डीजीपी सोमवार को अधिकारियों के साथ चारधाम यात्रा की तैयारियों और वनाग्नि पर कार्रवाई के संबंध में बैठक कर रहे थे। डीजीपी ने चारों धाम और हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने को कहा। उ

उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यात्रा ड्यूटी में लगे होमगार्ड, पुलिस और पीआरडी जवानों के रहने और खाने की व्यवस्था के लिए वेलफेयर अफसर नियुक्त करने के निर्देश भी डीजीपी ने दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट वायरल न होने दें।

खेल विभाग के हॉस्टल में आग से दस्तावेज जले
पौड़ी में जंगल की आग रविवार देर शाम पौड़ी खेल विभाग के हॉस्टल के एक कमरे तक जा पहुंची। आग से खेल सामग्री और अन्य दस्तावेज जल गए। फायर टीम और खेल विभाग के कर्मचारियों सहित स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाया। सोमवार को डीएम पौड़ी डॉ. आशीष चौहान ने नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने नुकसान की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने यहां रह रहे बच्चों से मुलाकात की।

पौड़ी में जंगल की आग नर्सिंग कॉलेज तक पहुंची
पौड़ी। रविवार की देर रात जंगल की आग पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पर बने नर्सिंग कॉलेज तक पहुंच गई। ग्रामीणों के सहयोग से बमुश्किल इस आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान कॉलेज के हॉस्टल में छात्राएं मौजूद थीं।

कुमाऊं के बाद अब गढ़वाल मंडल के जंगलों में विकराल होती आग पर काबू पाने के लिए एयरफोर्स ने भी मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार दोपहर श्रीनगर के जीवीके के हेलीपेड पर एयरफोर्स के हेलीकाफ्टर ने लैंड किया। हालांकि, तेज अंधड़ के चलते हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर पाया।

शाम पांच बजे मौसम अनुकूल होने पर हेलीकाप्टर श्रीकोट बैराज से दो बार पानी अपलिफ्ट कर डोभ श्रीकोट के प्रभावित जंगलों में आग बुझाने का प्रयास किया। सोमवार को राज्य भर में 20 नए स्थानों पर जंगलों में आग लगी। गढ़वाल मंडल में अब तक 433.255 हेक्टेयर और कुमाऊं मंडल में 674.682 हेक्टेयर जंगल जल चुका है। वहीं राष्ट्रीय पार्कों व वन्यजीव क्षेत्रों में 88.48 जंगल आग से प्रभावित हुआ है।

उत्तरकाशी में बारिश से कुछ हद तक राहत बाड़ाहाट रेंज का डोडीताल और टकनौर रेंज का हर्षिल क्षेत्र ऐसा है जहां अभी तक आग लगने की कोई घटना नहीं हुई है। हालांकि, धरासू, मुखेम व डुंडा रेंज के जंगल धधक रहे हैं।

उधर, सोमवार अपराह्न करीब तीन बजे बारिश होने से जंगलों की आग पर कुछ हद तक काबू पाया जा सका है। उधर, टिहरी जिले में भी कई क्षेत्रों के जंगल आग से धधक रहे हैं। जिले में वनाग्नि की अब तक 130 घटनाएं हो चुकी हैं।

हरिद्वार में पराली जलाने पर रोक हरिद्वार के डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने सोमवार को जिले में फसलों की पराली और गन्ने की पत्तियों को जलाने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इसका उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वन, पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा है कि आदेश का पालन कराने के लिए निगरानी की व्यवस्था करें।

रुद्रप्रयाग में 48.25 हेक्टेयर जंगल को नुकसान
रुद्रप्रयाग। जनपद में अभी तक वनाग्नि से कुल 48.25 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गए हैं। जबकि कई तरह के पशु पक्षियों को भी क्षति पहुंची है। जनपद की 6 रेंजों में आग लगने की कुल 63 घटनाएं हुई है, जिसमें 123100 रुपये का नुकसान हुआ है।

जनपद में रुद्रप्रयाग, खांकरा, अगस्त्यमुनि, दक्षिण जखोली, उत्तरी जखोली और गुप्तकाशी सहित कुल 6 रेंज है। इन सभी क्षेत्रों में निरंतर आग लगने की घटनाएं हो रही है। वन विभाग के अनुसार आगजनी से 44 घटनाएं आरक्षित वन और 19 घटनाएं सिविल वन क्षेत्र में हुई है। जिससे 48.25 हेक्टेयर जंगल जल गए हैं।

चारधाम यात्रा को आग से कोई खतरा नहीं
देहरादून। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में वनाग्नि की खबरों से उन लोगों पर बुरा असर पड़ रहा है जो चारधाम यात्रा पर आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा पर आ रहे लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आग की वजह से चारधाम यात्रा को कोई खतरा नहीं है और चारधाम रूट पर सभी विभागों के अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।

एक हफ्ते में पांच हजार से अधिक अलर्ट मिले
इस हफ्ते उत्तराखंड देश में आग के खतरों के हिसाब से सबसे ज्यादा संवेदनशील रहा है। फायर अलर्ट रजिस्ट्रेशन (एफएसआई) ने देश के जिन राज्यों को सबसे अधिक अलर्ट भेजे उसमें नंबर एक पर उत्तराखंड रहा। दूसरे नंबर पर रहे उड़ीसा को भी उत्तराखंड की तुलना में एक हजार कम अलर्ट मिले। विशेषज्ञों के मुताबिक तापमान बढ़ने के कारण ये खतरा और बढ़ता जाएगा।

एफएसआई देश के सभी राज्यों को लगातार फायर अलर्ट भेजता है। उत्तराखंड को 29 अप्रैल से अब तक एफएसएआई ने 5070 अलर्ट भेजे हैं। हालांकि अलर्ट का मतलब केवल जंगल की आग नहीं होता। लेकिन इससे जंगल तक आग पहुंचने का खतरा पूरा हो सकता है। दूसरे नंबर पर उड़ीसा, तीसरे पर छत्तीसगढ़, चौथे नंबर पर मध्य प्रदेश और पांचवे नंबर पर झारखंड है।

अलर्ट मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है और आग पर काबू पा कर उसकी डिटेल रिपोर्ट बना कर मुख्यालय को भेजती है। हालांकि कई बार आग की घटनाएं खेत, कूड़े के ढेर आदि की होती हैं।