ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तराखंड25 साल पहले भी पुलिस पर पथराव- फायरिंग, गिरफ्तार अब्दुल मलिक पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट पर हो चुका ऐक्शन 

25 साल पहले भी पुलिस पर पथराव- फायरिंग, गिरफ्तार अब्दुल मलिक पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट पर हो चुका ऐक्शन 

वनभूलपुरा के ही रऊफ सिद्दीकी हत्याकांड का मुकदमा बरेली जिले के भोजीपुरा थाने में वर्ष 1998 में दर्ज हुआ था। 1998 में पुलिस ने अब्दुल मलिक के खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) पर भी ऐक्शन हुआ था।

25 साल पहले भी पुलिस पर पथराव- फायरिंग, गिरफ्तार अब्दुल मलिक पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट पर हो चुका ऐक्शन 
Himanshu Kumar Lallहल्द्वानी, हिन्दुस्तानSun, 25 Feb 2024 09:49 AM
ऐप पर पढ़ें

हल्द्वानी हिंसा के वांटेड अब्दुल मलिक का आपराधिक इतिहास न तो नया है और न ही कोई हल्का रहा है। उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के साथ-साथ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) तक की कार्रवाई हो चुकी है। उत्तराखंड से लेकर यूपी तक के पुलिस रिकॉर्ड में अब्दुल मलिक का नाम दर्ज है।

नैनीताल पुलिस ने अब उन सभी फाइलों की जांच शुरू कर दी है। ताकि आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें। हल्द्वानी हिंसा में अब्दुल मलिक पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने, अवैध निर्माण करने और लोगों को उकसाकर हिंसा भड़काने तक का आरोप है।

वहीं मलिक की गिरफ्तारी को लेकर 25 साल पहले भी पुलिस फोर्स पर पथराव और सरकारी वाहनों में आगजनी को अंजाम दिया गया था। यूपी पुलिस के रिकॉर्ड में अब्दुल मलिक का नाम वर्ष 1983 से दर्ज होना शुरू हुआ।

वर्ष 1983 से शुरू हुआ अब्दुल मलिक और पुलिस का राबता आज तक नहीं थमा। इस बीच वर्ष 1983, 1986, 1991 और वर्ष 1998 में सात मुकदमे दर्ज हुए। इसमें हत्या के प्रयास के चार और हत्या के आरोप में एक मामला दर्ज है।

वनभूलपुरा के ही रऊफ सिद्दीकी हत्याकांड का मुकदमा बरेली जिले के भोजीपुरा थाने में वर्ष 1998 में दर्ज हुआ था। इसी वर्ष 1998 में पुलिस ने अब्दुल मलिक के खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई की।

वहीं रऊफ सिद्दीकी हत्याकांड के दौरान जब पुलिस अब्दुल मलिक को गिरफ्तार करने पहुंची तब भी फोर्स पर पथराव हुआ था। इसके साथ ही कई सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। तब भी फायरिंग हुई थी।

घर से गिरफ्तार कर ले गई थी पुलिस
रऊफ सिद्दीकी हत्याकांड के बाद से अब्दुल मलिक लोगों की निगाह में आ चुका था। बड़े-बड़े राजनीतिक लोगों से उसके रिश्ते जगजाहिर होने लगे। उस दौरान देश की बड़ी राजनीतिक पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ मलिक की फोटो भी लोगों के बीच किसी न किसी माध्यम से फैलने लगी थीं।

वहीं रऊफ हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी के पास जाने बाद मलिक लंबे समय तक फरार रहा। लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 में मलिक के खिलाफ पुराने मामलों में वारंट जारी हुआ था। पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो मलिक अपने घर पर आराम कर रहा था।

मलिक का लंबा आपराधिक इतिहास निकलकर सामने आया है। पूर्व में भी हिंसात्मक घटनाओं के आरोप उस पर लगते रहे हैं। एनएसए से लेकर हत्या तक के मामलों में वह आरोपी रहा है। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है। मजबूत तथ्यों के साथ कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जाएगी।
प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी नैनीताल
 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें