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उत्तराखंडनकली रेमडेसिविर इंजेक्शन से धंधेबाजों ने बनाए करोड़ो, एसटीएफ की जांच शुरू 

हिन्दुस्तान टीम, हरिद्वार। सागर जोशी Published By: Himanshu Kumar Lall
Sat, 01 May 2021 10:23 AM
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन से धंधेबाजों ने बनाए करोड़ो, एसटीएफ की जांच शुरू 

नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के रैकेट में शामिल आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कई जानों को खतरे में डालकर करोड़ों कमाने वाले इन धंधेबाजों से सिर्फ 68 हजार रुपये खर्च कर 5 करोड़ रुपये कमा डाले। यूपी के बाद अब उत्तराखंड धंधेबाजों के निशाने पर था।

निशाने पर उत्तराखंड
आरोपियों ने नकली रेमडेसिविर की सप्लाई दिल्ली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में की। अब वह हरिद्वार और देहरादून में इंजेक्शन सप्लाई करने की तैयारी थे। लेकिन इससे पहले पकड़े गए। संदेह है कि इन्होंने कहीं ये इंजेक्शन हरिद्वार में भी तो नहीं बेचे। हालांकि, पुलिस और ड्रग्स विभाग ने इससे इनकार किया है

हरिद्वार में बने थे रैपर
जिन रैपरों को टैक्सीम इंजेक्शन में लगाकर रेमडेसिविर बनाकर बेचा गया था, वह हरिद्वार में ही छपे थे। रैपर किसने छापे, इसकी जांच की जा रही है। 

पत्नी से भी पूछताछ
दिल्ली पुलिस ने हरिद्वार से गिरफ्तार किए गए आरोपी वतन कुमार सैनी की पत्नी से भी इस मामले में पूछताछ की है।

कई और कंपनियों में तलाशी 
दवा बनाने वाले कई और कंपनियां पुलिस की रडार में आ गई हैं। बताया जा रहा है कि कई कंपनियों में जाकर देखा भी गया था कि किस तरह की दवाई बन रही है। क्राइम ब्रांच की छापेमारी के बाद कई कंपनियों में छानबीन जारी है।

एसटीएफ ने हरिद्वार में डाला डेरा 
हरिद्वार से आरोपी के पकड़े जाने के बाद गुरुवार देर रात एसटीएफ ने हरिद्वार में डेरा डाले रखा। एसटीएफ ने पूरे मामले की हरिद्वार रानीपुर पहुंचकर जानकारी भी ली है। 

रिमांड में लेकर पहुंची थी क्राइम ब्रांच
हरिद्वार। क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर कमल कुमार एक आरोपी को हरिद्वार रिमांड में लेकर पहुंचे थे। सुबह छह बजे स्थानीय पुलिस के दरेागा मेहराजुद्दीन को साथ लेकर टीम ने रानीपुर टिहरी विस्थापित कॉलोनी स्थित रेलवे के रिटायर कर्मचारी के घर दबिश दी और किरायेदार वतन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उधर, फैक्ट्री के मालिक विशव कुमार ने कहा कि, आदित्य गौतम का उनसे कोई लेना देना नहीं है।

आरोपियों ने पहले एंटीबायोटिक टैक्सीम इंजेक्शन की 2000 डोज 34 रुपए प्रति इंजेक्शन के हिसाब से बाजार से 68 हजार में खरीदीं। इसके बाद इसमें रेमडेसिविर का रैपर लगाकर 25 हजार रुपए प्रति इंजेक्शन बेचकर 5 करोड़ से अधिक रुपये कमा लिए।
अनीता भारती, ड्रग इंस्पेक्टर ,हरिद्वार 

नकली इंजेक्शन प्रकरण की परतें खोलेगी एसटीएफ
रुड़की और हरिद्वार में नकली रेमडिसिविर के इंजेक्शनों में लेबल लगाने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड की एसटीएएफ ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि, दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र से जुड़े होने के कारण दवाओं की बारीक जानकारी रखते थे। रुपये कमाने के लालच में एंटीबायोटिक इंजेक्शन पर रेमडेसिविर दवा का लेबल चस्पा कर बेच रहे थे। एसटीएफ ने मामले में रुड़की, हरिद्वार, कोटद्वार में छापेमारी कर अहम जानकारी जुटाई है।

इस घटना की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को चार टीमों का गठन कर दिल्ली, रुड़की, हरिद्वार और कोटद्वार रवाना किया गया। एसटीफ ने दिल्ली क्राइम ब्रांच चाणक्यपुरी से भी संपर्क किया, जिसके बाद पता चला कि वतन सैनी के घर से विभिन्न कंपनियों की दवाइयों के रैपर, इंजेक्शन बिना लेबल के और नगदी बरामद की गई। आदित्य गौतम कोटद्वार में नेक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स फार्मा कंपनी का लीज में पार्टनर है। यह कंपनी बुखार, गैस की दवा और पशुओं के लिए सिरप बनाती है। जांच में यह सामने आया कि आरोपी एक कंपनी की एंटी बायोटिक इंजेक्शन का लेबर हटाकर उस पर रेमडेसिविर कोविपिरी का लेबल लगाकर बेचते थे। अभी तक की जांच में नकली इंजेक्शन बनाने की बात की पुष्टि नहीं हुई। 

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