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1 अगस्त, 2020|4:30|IST

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रक्षाबंधन: ब्रो और बिग ब्रदर लिखी राखियों की अधिक डिमांड, भाइयों के लिए स्वदेशी राखियों पर जोर

पहली बार बाजार में दुकानदारों और ग्राहकों ने चाइनीज कंपनियों की राखियों से दूरी बनाई है। दुकानदार इस बार चाइनीज राखियां नहीं बेच रहे हैं। वहीं ग्राहक भी चाइना में बनी राखियों की डिमांड नहीं कर रहे है। इस बार राखी के त्योहार में देशी राखियां ही बिक रही है।
 
इनमें ब्रो, ब्रदर और बिग ब्रदर लिखी हुई राखियां बाजार पहुंची है। बाजार में 15 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की सैकड़ों प्रकार की राखियां मिल रही है। बहनें अपने भाइयों को ऑनलाइन के माध्यम से भी राखियां भेज रही है। शनिवार को नगर के बाजार में राखी खरीदने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चें पहुंचे।
 
बाजार में राखी की दुकान लगाये बैठे विक्रेताओं ने बताया कि पिछले 15 दिनों से बाजार में राखियां बिक रही है। अधिकत्तर लोग ने चाइनीज राखियों को दूरी बनाई है। हालांकि कई इस बार दुकानदारों ने भी चाइनीज राखियां नहीं मंगाई है। बाजार में चंदन की राखी, मोती की राखी, रुद्राक्ष की राखी समेत सैकड़ों वैरायटी की राखियां उपलब्ध है।
 
इनसें सभी देशी राखियां है। बहनों ने छोटे भाइयों के लिए कार्टून वाली राखी ली तो बड़े भाइयों के लिए नग, मोती, कलावे वाली राखियां खरीद रही हैं। स्वदेशी राखी की ही बिक्री हो रही है।  कई लोग तो कोरोना संक्रमण के डर से राखी खरीदने से भी परहेज कर रहे हैं।  बाजार में 10 से लेकर 500 तक बाजार में राखी उपलब्ध है। लेकिन अधिकतर 20, 30, 50 और 100 रुपए तक की खरीदारी ज्यादा होती है। 

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  • Web Title:sisters buying rakhi written brother or bro for rakshabandhan amid corona virus pandemic