sewer line is yet to be laid in pathripeer and garbage dumping is yet to be done in nehru colony - मेरी कॉलोनी: पथरियापीर कॉलोनी में सीवर लाइन कब बिछेगी DA Image

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मेरी कॉलोनी: पथरियापीर कॉलोनी में सीवर लाइन कब बिछेगी

देहरादून की कॉलोनियों में नालियां चोक होने और खस्ताहाल सफाई व्यवस्था के कारण लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पथरियापीर में सीवर लाइन ही नहीं डली है। नेहरू कॉलोनी और चमन विहार में  नियमित सफाई नहीं होती है। ‘हिन्दुस्तान’ की पड़ताल में ये सामने आया।

कालीदास रोड के अहम हिस्से पथरियापीर में सीवर लाइन नहीं है। शहर के ज्यादातर हिस्सों में जहां एडीबी और पेयजल निगम ने सीवर लाइन बिछाई, वहीं पथरियापीर का इलाके पर ध्यान नहीं दिया। यहां के लोगों ने बहुत प्रयास किए कि यह इलाका कम से कम अमृत योजना में शामिल हो जाए और यहां भी सीवर लाइन बिछ जाए। मगर ऐसा नहीं हो पाया। पथरियापीर की उपेक्षा इसलिए भी ध्यान खींचती है क्योंकि इस कॉलोनी के शुरुआत में ही मसूरी विधायक गणेश जोशी का आवास है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पथरियापीर थोड़ा निचला इलाका है। कालीदास रोड से डोभालवाला की ओर ढाल में सीवर लाइन तो बिछा दी गई है। 
पथरियापीर की ओर सीवर लाइन नहीं बिछाई के पीछे वजह थी कि इसे निकासी कहां दी जाए। डोभालवाला की ओर ढाल में जाने वाला सीवर नेशविला रोड, डंगवाल रोड की लाइन से जुड़ता हुआ, खुड़बुड़ा की ओर आगे बढ़ जाता है। पथरियापीर के साथ ही बद्रीनाथ कॉलोनी, नीलकंठ विहार में भी सीवर लाइन नहीं है। सीवर लाइन न बिछने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। 


पथरियापीर के रास्ते का हवाघर बना नशेड़ियों का अड्डा
शाम ढलते ही पथरियापीर वाले रास्ते पर बने हवाघर में असामाजिक तत्वों का कब्जा हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हवाघर नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। कभी वे आपस में झगड़ते हैं तो कभी गाली-गलौच करते हैं। बहू-बेटियों के लिए इधर से आना-जाना मुश्किल हो जाता है। लोग चाहते हैं कि पुलिस यहां पर अपनी निगरानी बढ़ाए, लगातार गश्त करे और इस पूरे इलाके को सीसीटीवी की जद में लिया जाए। लोगों के लिए नशेड़ियों के कारण यहां सुरक्षा गंभीर मसला है। इसके चलते लोग महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। 

नेता बोले
पथरियापीर को अमृत योजना में शामिल करने के प्रयास चल रहे हैं। दरअसल यहां की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य इलाकों से भिन्न हैं। इसलिए मुख्य योजना में ये इलाका नहीं आ सका। 
रमेश बुटोला, पार्षद नगर निगम

जनता- अफसर बोले 
पेयजल मंत्री से लेकर मेयर, नगर निगम अफसरों तक सीवर लाइन अमृत योजना से बिछाने की अपील की जा चुकी है। मगर कोई नतीजा नहीं निकला।  लोगों को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। 
अमित कुमार, स्थानीय निवासी

इलाके के लोग अपना प्रस्ताव दोबारा दे दें। हम उसे अमृत योजना में शामिल कर लेंगे। शहर में अभी ऐसे कई इलाके हैं जिन्हें अमृत में जोड़ा जाना है। योजना का लाभ हर क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। 
आशीष कठैत, नोडल अधिकारी अमृत नगर निगम

 

नेहरू कॉलोनी में नाले की सफाई का काम अधूरा छोड़ा 
नेहरू कॉलोनी बी और सी ब्लाक की सीमा में चोक नाले को खोलने का काम नगर निगम ने अधूरे में छोड़ दिया है। नाले के ऊपर से निकाले गए स्लैब इधर उधर पड़े हुए हैं। इससे दुर्घटना का खतरा होने के साथ ही सी ब्लाक को जाने वाला रास्ता बाधित हो रखा है। नेहरू कॉलोनी में शहीद राज्य आंदोलनकारी राजेश रावत पोलू स्मारक से लेकर सनातम धर्म मंदिर के सामने एक नाला है। यहां एक तरफ नाले पर अतिक्रमण हैं तो दूसरी तरफ नाला अक्सर चोक रहता है। यहां पर राजेंद्र नौडियाल के आवास के पास तो नाले का काफी बुरा हाल है। बरसात में नाले का पानी घरों के अंदर तक घुस जाता है। पार्षद अमित भंडारी की शिकायत पर नगर निगम ने एक सप्ताह पहले बी और सी ब्लाक की सीमा पर चोक नाले को खोलने का काम शुरू किया। यहां स्लैब हटाए गए, लेकिन अभी भी नाले से गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाई है।  स्थानीय निवासी, सूरज ने बताया कि नाले के ऊपर स्लैब नहीं होने से हाल ही में एक व्यक्ति यहां से गुजरे तो खुले नाले की चपेट में आकर चोटिल हो गए थे। वहीं दुकानदार राजेंद्र नौडियाल का कहना है कि बी और सी ब्लाक को जोड़ने वाला नाला हमेशा चोक रहता है। गंदा पानी ओवर फ्लो होकर घरों से लेकर दुकानों के अंदर घुसता है। 

नाले के चोक होने की शिकायत पर इसमें स्लैब हटाकर सफाई का काम शुरू करवाया गया। जो स्लैब हटाए गए हैं, उन्हें जेसीबी के माध्यम से नाले के ऊपर रखा जाना है। इस ओर शीघ्र कार्य किया जाएगा। 
डा. कैलाश जोशी, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारीं

चमन विहार में सफाई सबसे बड़ी समस्या है। कॉलोनी में पहले नियमित सफाई कर्मचारी और कूड़ा गाड़ी आती थी। बीते करीब एक वर्ष से सफाई व्यवस्था पटरी से उतरती जा रही है। लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं। 
एसके मित्तल, स्थानीय निवासी

लंबे समय से बी और सी ब्लाक के पास से गुजर रहे नाले के चोक होने की शिकायत थी। इसलिए सुपरवाइजर को इस बारे में बताया गया था। क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या है। पशुओं के मालिकों पर जुर्माना लगाना चाहिए।
अमित भंडारी, स्थानीय पार्षद

वार्ड की आबादी पांच हजार से बढ़कर 12 हजार से ज्यादा हो गई है। सफाई कर्मचारी अब भी 15 ही हैं। जरूरत 35 की है। वार्ड में नियमित कूड़ा उठाने के लिए दो गाड़ियों की जरूरत है। निगम के सामने वार्ड की समस्या कई बार रखी गई है।
श्रद्धा सेठी, स्थानीय पार्षद
 
कूड़ा उठान न होने से चमन विहार के लोग परेशान 
चमन विहार के लोग कॉलोनी में नियमित सफाई न होने और कूड़ा गाड़ी नहीं आने से परेशान हैं। कूड़ा गाड़ी दो-दो दिन के अंतराल पर आती है। सफाई के लिए कर्मचारी भी पर्याप्त नहीं है। 800 लोगों की आबादी वाले इस मोहल्ले में सड़कों की नियमित सफाई नहीं होती है। सड़क पर वाहन गुजरते हैं तो धूल उड़ती है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि हाल में सफाई व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी है।  स्थानीय निवासी अमन गुप्ता, अमरीश त्यागी, अमित त्यागी, शिव कुमार उपाध्याय ने बताया कि कॉलोनी में कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी नियमित नहीं आती है। ऐसे में कई दफा सड़कों किनारे कुछ लोग घरों का कूड़ा फेंककर चले जाते हैं। इसके बाद यह कूड़ा सड़कों पर फैल जाता है।  कूड़ा गाड़ी नियमित आने लगे तो यह समस्या दूर हो जाएगी। वहीं झाड़ू लगाने और नालियों की सफाई के लिए लंबे अंतराल के बाद सफाई कर्मचारी पहुंचते हैं। इसे लेकर स्थानीय पार्षद और नगर निगम में भी शिकायत करते हैं। लेकिन समाधान नहीं हो पाया है।इससे समस्या बनी हुई है। 
 

कई सड़कों की होनी है मरम्मत
चमन विहार में अधिकांश सड़कों की हालत खराब थी। हाल में कई सड़कों का निर्माण हो गया है। लेकिन अब भी कॉलोनी में तीन सड़कें ऐसी हैं जहां गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इससे लोगों का परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

 

 
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