DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

श्रीनगर:पंचपीपल से उफल्डा की ओर बनाई गई सुरक्षा दीवार जवाब देने लगी,गुणवत्ता पर उठ रहे हैं सवाल

श्रीनगर में पंचपीपल से उफल्डा की ओर बनाई गई सुरक्षा दीवार का करीब 60 मीटर हिस्सा जवाब देने लग गया है। यह हिस्सा नदी के कटाव के कारण खोखला होता जा रहा है। जिससे 700 मीटर लंबी व करीब 11 करोड़ की लागत की इस सुरक्षा दीवार की गुणवत्ता पर सवाल उठने लग गए हैं। एनएच लोनिवि की ओर से इस मामले में सबंधित ठेकेदार को नोटिस भेजा गया है। पंचपीपल से उफल्डा की ओर से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को अलकनंदा नदी के कटाव से बचाने के लिए एनएच लोनिवि श्रीनगर की ओर से करीब 700 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाई गई है। लेकिन एक साल में ही इस सुरक्षा दीवार की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। सब लोग इस दीवार की जांच करवाने की मांग की है। अलकनंदा नदी से सुरक्षा दीवार का बुनियाद तेजी से खोखली होती जा रही है। इसके पूरी सुरक्षा दीवार को खतरा पैदा हो गया है। एनएच लोनिवि श्रीनगर के संज्ञान में भी यह मामला आया है। जिस पर विभाग की ओर से सबंधित ठेकेदार को नोटिस दिए जाने की बात कही जा रही है। सहायक अभियंता एनएच लोनिवि राजीव शर्मा ने बताया कि श्रीयंत्र टापू के समीप पंचपीपल से उफल्डा की ओर 700 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण करीब 11 करोड़ के बजट से किया गया है। कांट्रेक्ट की शर्तो के अनुसार चार साल तक सुरक्षा दीवार के डैमेज होने व मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सबंधित ठेकेदार की है। सुरक्षा दीवार का करीब 50 से 60 मीटर का हिस्सा खोखला हो रहा है। इस संदर्भ में ठेकेदार को विभाग की ओर से नोटिस भी भेज दिया गया है। विभाग नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा। 

उच्चस्तरीय जांच की मांग
श्रीनगर। सुरक्षा दीवार की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। स्थानीय निवासी लाल सिंह नेगी ने एक साल से भी कम समय में सुरक्षा दीवार की बुनियाद खोखली होनी शुरू हो गई है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। कहा सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग किया जाना सरासर धोखा है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्यवाही की मांग की है। 
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:security wall develops cracks before its stipulated time