DA Image
6 जुलाई, 2020|9:53|IST

अगली स्टोरी

भारत- नेपाल सीमा में अब सुरक्षा एजेंसियां रात को भी दे रही हैं पहरा, एसएसबी पहले ही बढ़ा चुका है जवानों की संख्या

भारत नेपाल सीमा पर अब सुरक्षा एंजेसियां रात के समय भी पहरा दे रही हैं। नेपाल की तरफ से भी इस सीमा में पिछले एक माह से सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भारत की तरफ से भारत-चीन सीमा से सटे लिपूलेख तक सड़क पहुंच जाने के बाद 8 मई को रक्षामंत्री ने इसका शुभारंभ किया था।

चीन सीमा के सड़क से जुड़ जाने के बाद नेपाल ने कालापानी को लेकर अपना नया मानचित्र जारी कर सीमा विवाद को तूल दिया था। तब से नेपाल लगातार भारत से सटी अपनी सीमा में सुरक्षा बढ़ा रहा है। इसी को देखते हुए एसएसबी ने सीमा पर चार दिन पूर्व जवानों की संख्या दोगुनी कर दी है। जवानों की संख्या में इजाफे की एसडीएम धारचूला अनिल कुमार शुक्ला ने पुष्टि की है। अब सूत्रों ने बताया कि रात के समय जौलजीबी, पीपली, बेडा के साथ पूरे क्षेत्र में एसएसबी के जवान पेट्रोलिंग कर रहे हैं। नेपाल सीमा से सटे गांवों के सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलिंग टीम सर्च लाइट के साथ रातभर पहरा देते हुए नजर आती है। 

सीमांत गांवों में रहने वाले नवीन थलाल कहते हैं कि लद्दाख की घटना से चिंता तो बड़ी है पर हम चीन को करारा जवाब देने को तैयार हैं। सीमांत का प्रत्येक व्यक्ति सीमा पर प्रहरी की भूमिका निभा रहा है। वहीं टम्टा के दुर्गा प्रसाद का कहना है कि सेना के साथ स्थानीय नागरिक भी सीमा पर एक प्रहरी की तरह मुस्तैद हैं। 1962 में भी चीन की इस सीमा पर आने की हिम्मत नहीं हुई थी।  राज आगरी का कहना है कि देश की रक्षा के लिए सीमांत का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जान की बाजी लगा देगा। पूर्व में सेना ने सभी लोगों को रायफल चलाने की ट्रेनिंग भी दी है। सीमा के प्रहरी पूरी तरह सतर्क हैं। दिनेश चलाल कहते हैं कि सीमा पर विवाद तो बढ़ा है, लेकिन हमारी सेना दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है। सीमांत का प्रत्येक व्यक्ति सेना के साथ खड़ा है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Security agencies are also guarding the night in the Indo-Nepal border SSB has already increased the number of soldiers