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उत्तराखंड में भीषण गर्मी में शहर से लेकर गांव तक पावर कट की मार, एक दिन में 17 बार तक कटौती

बिजली का लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर-सब स्टेशन के सप्लाई सिस्टम को नुकसान से बचाने के लिए बिजली काट दी जा रही है। कर्णप्रयाग सर्किल में पिछले कुछ साल में अरबों खर्चे जा चुके हैं।

उत्तराखंड में भीषण गर्मी में शहर से लेकर गांव तक पावर कट की मार, एक दिन में 17 बार तक कटौती
power cuts in scorching heat will make you sweat electricity demand has broken all records
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानTue, 18 Jun 2024 04:45 PM
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उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच बिजली की सप्लाई का सिस्टम संभलने का नाम ही नहीं ले रही है। लोड मैनेजमेंट सही नहीं होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मरों को जलने से बचाने के नाम पर घंटों तक बिजली कटौती की जा रही है। प्रदेशभर में सोमवार को भी दोपहर के समय ही एक से तीन घंटे तक बिजली कटौती की गई।

दोपहर में बिजली का लोड बढ़ते ही ऊर्जा निगम शहर से गांवों में कटौती कर रहा है। सोमवार को दोपहर में एक बजे से चार बजे के बीच लगातार कटौती जारी रही। रात के समय भी लोड बढ़ते ही कटौती की जा रही है। बिजली का लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर-सब स्टेशन के सप्लाई सिस्टम को नुकसान से बचाने के लिए बिजली काट दी जा रही है।

इस लोड को भी व्यवस्थित करने के नाम घंटों बिजली काटी जा रही है। सोमवार को राजधानी देहरादून में ही पटेलनगर, कांवली रोड, रेसकोर्स, क्रॉस रोड, सुभाष रोड, अजबपुर, सरस्वती विहार, कुंजापुरी विहार, बंजारावाला, कौलागढ़ समेत विकासनगर, सेलाकुई, सहसपुर, डोईवाला समेत तमाम क्षेत्रों में बिजली की लगातार कटौती जारी रही। यही नहीं, हरिद्वार, यूएसनगर, नैनीताल के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थिति और अधिक खराब रही।

आखिर कहां खपाया जा रहा ओएंडएम का बजट?
पावर सप्लाई सिस्टम मजबूत करने के नाम पर हर साल ऊर्जा निगम ऑपरेशन एंड मेंटनेंस समेत सिस्टम इंप्रूवमेंट के नाम पर अरबों का बजट खर्च करता है। इसके बाद भी मजबूत सप्लाई सिस्टम नहीं मिल पाता है। कर्णप्रयाग सर्किल में पिछले कुछ साल में अरबों खर्चे जा चुके हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ यात्रा को व्यवस्थित करने के नाम पर भी अलग बजट खपाया जाता है।

लोड मैनेजमेंट पर लगातार काम किया जा रहा है। पूरी कोशिश जारी है कि आम लोगों को अधिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इसके लिए जहां पर भी लोड बढ़ रहा है, वहां लोड कम करने के लिए ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। 
मदन प्रसाद आर्य, निदेशक-ऑपरेशन (यूपीसीएल)

एक दिन में 17 बार गई बिजली
हरिद्वार के भूतपवाला में रविवार की रात 17 बार बिजली गई। इससे लोग सो तक नहीं पाए। सुबह छह बजे बिजली सप्लाई सुचारु हो सकी। बिजली के आने-जाने से करीब 80 हजार की आबादी प्रभावित रही। भाजपा नेताओं का आरोप है कि रात में अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाए।

ऊर्जा निगम ने रविवार देररात हरिद्वार डिवीजन में कई दफा बिजली कटौती की। इस दौरान सात घंटे तक बिजली की आंख मिचौनी चलती रही। रविवार की रात 11 बजे पहली बार बिजली गई। इसके बाद सुबह छह बजे तक 17 बार कटौती की गई। बिजली गुल होने से रात के समय लोग बेहाल हो गए।

करीब 80 हजार की आबादी को बिजली गुल होने से परेशानी उठानी पड़ी। अधिकांश लोग सड़कों पर बिजली की आपूर्ति सुचारू करने की प्रतीक्षा करते नजर आए। सप्तऋषि के निवर्तमान पार्षद अनिल मिश्रा ने कहा कि ऊर्जा निगम के अधिकारी सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि मूलभूत सुविधाओं को लेकर कटौती करना ठीक नहीं है।

कहा कि रात को सात से नौ बार ऊर्जा निगम के अधिकारियों को फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा, केवल ईई ने फोन उठाया, लेकिन उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि यदि बिजली की आंख मिचौनी बंद नहीं हुई तो रात को अधिकारियों के घर के बाहर कीर्तन कर उन्हें सोने नहीं दिया जाएगा।

गर्मी में ओवरलोड होने के कारण परेशानी बन रही है। ओवरलोड के दौरान सिस्टम को बचाने के लिए कटौती की जाती है। समय-समय पर एक दो ट्रांसफार्मरों को बंद किया जा रहा है। फीडर या बिजलीघर बंद नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों को फोन उठाने के निर्देश दिए गए हैं। 
दीपक सैनी, अधिशासी अभियंता