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प्रमोशन में आरक्षण के लिए एससी-एसटी शिक्षकों ने भरी हुंकार

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प्रमोशन में आरक्षण के लिए राज्य के अनुसूचित जाति- जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने बांहे चढ़ा ली। रविवार को एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में आरक्षण के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय किया गया। प्रथम चरण में एससी-एसटी शिक्षक राज्य के सभी विधायकों को ज्ञापन देंगे।

सुबह ग्यारह बजे से सेवला कलां स्थित अंबेडकर भवन में शाम करीब सात बजे तक शिक्षकों ने सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। आठ घंटे तक हुई गरमारगम चर्चा में सभी ने एक सुर में कहा कि जब हाईकोर्ट प्रमोशन मं आरक्षण के रोक के आदेश को निरस्त कर चुका है तो फिर सरकार लागू क्यों नहीं कर रही?

बैठक में तय किया गया कि इस मुद्दे पर प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा। आंदोलन की शुरूआत शिक्षक अपने अपने क्षेत्र में विधायकों को ज्ञापन देने से करेंगे।

बैठक में सोहन लाल, भारतभूषण शाह, नीरज कुमार कमल, अनिल ह्यूमन, दिलबर शाह,सुरेंद्र शमशेर जंग, विजय बैरवाण, मेघराज सिंह, अनूप कुमार पाठक, रघुवीर सिंह तोमर आदि ने विचार रखे। उन्होंने प्रांतीय कार्यकारिणी से इस मुद्दे पर निर्णायक आंदोलन शुरू करने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष संजय भाटिया और महामंत्री जितेंद्र बुटोइया ने कहा कि विधायकों को ज्ञापन देने के बाद भी  यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती तो एसोसिएशन आंदोलन को तेज करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है। शिक्षा के जरिए ही समाज में समानता लाई जा सकती है। आरक्षण भी समानता के लिए ही है। 

सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण तो हमारा विरोध क्यों
एससी-एसटी शिक्षकों ने सवर्ण आरक्षण को आधार बनाते हुए भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू किया जा चुका है। यह अच्छी बात है कि गरीब व्यक्ति को आरक्षण मिलेगा। इसलिए अब जब एससी एसटी वर्ग के प्रमोशन में आरक्षण की बात आती है तो विरोध नहीं होना चाहिए।

हाईकोर्ट ने निरस्त किया है रोक का आदेश

प्रमोशन में आरक्षण पर रोक की व्यवस्था के खिलाफ रुद्रपुर के ज्ञानचंद ने हाईकेार्ट में रिट की की थी। एक अप्रैल 2019 को हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला देते हुए प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगाने वाले सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया था। इससे एससी-एसटी वर्ग के लिए प्रमोशन में आरक्षण की राह खुल गई है। मालूम हो कि संविधान राज्य सरकार को इस मामले में फैसला लेने और कानून बनाने का अधिकार देता है।  सरकार चाहे तो रोक लगाने अथवा सुविधा देने पर कानून बना सकती है। पूर्व में सरकार ने पांच सितंबर 2012 को एक जीओ जारी कर प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगा दी थी।

 

समानता मंच ने बनाया फेडरेशन

समानता मंच ने जनरल, ओबीसी इंप्लाइज फेडरेशन का गठन करने का निर्णय किया है। रविवार को जोगीवाला स्थित एक वैडिंग प्वाइंट में आयेाजित बैठक में मंच ने यह फैसला किया। लोनिवि के वीपी नौटियाल और सचिवालय से दीपक जोशी, जल निगम के एसपीएस देवरा को इसका संयोजक बनाया गया है। फेडरेशन की अगली बैठक 29 मई को होगी। संयोजक दीपक जोशी ने बताया कि इस बैठक में सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के  कार्यरत और रिटायर कार्मिकों को आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में फेडरेशर का विधिवत गठन किया जाएगा। आज बेठक में प्रेमप्रकाश शैली, सतीश सती, प्रदीप कुमार शुक्ला, जगदीश प्रसाद कुकरेती, पूर्णानंद नौटियाल, गिरीश शैली, त्रिलोक सिंह  बागड़ी, विनोद धस्माना आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:SC-ST teachers demands reservation in promotion