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ऐसे कैसे रुकेंगे रोड एक्सीडें‌ट्स, 34 ब्लैक स्पॉट पर सुधार के काम के बाद भी नहीं थमे सड़क हादसे 

हिन्दुस्तान टीम, देहरादून। रविन्द्र थलवाल Published By: Himanshu Kumar Lall
Wed, 04 Aug 2021 10:00 AM
ऐसे कैसे रुकेंगे रोड एक्सीडें‌ट्स, 34 ब्लैक स्पॉट पर सुधार के काम के बाद भी नहीं थमे सड़क हादसे 

देहरादून जिले की सड़कों पर 50 ब्लैक स्पॉट हैं। इसमें 34 ब्लैक स्पॉट पर वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुधार के काम किए गए थे, लेकिन अधिकांश ब्लैक स्पॉट पर सुधारीकरण काम करने के बाद भी हादसे थम नहीं रहे हैं। यहां होने वाले हादसों में न केवल लोग घायल हो रहे हैं, बल्कि कई लोगों की जान भी गई है। अब दोबारा से इन ब्लैक स्पॉटों पर सुधार के काम करने की तैयारी है।  जिले की सड़कों पर हर साल ब्लॉक स्पॉट का सर्वे होता है। देहरादून जिले में पिछले कई सालों से 50 ब्लैक स्पॉट हैं।

सबसे ज्यादा 27 ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्गों पर हैं। इसमें 14 ब्लैक स्पॉट पर सुधार के बाद वाहन हादसे थम गए हैं। लेकिन पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधीन जो सड़कें हैं, उनके ब्लैक स्पॉट पर सुधार के बाद भी हादसे हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर 16 ब्लैक स्पॉट हैं, जिसमें 12 पर सुधार के काम हुए। लेकिन सुधार के बाद भी ब्लैक स्पॉट पर छह वाहन हादसों में तीन लोगों की मौत हो चार लोग घायल हुए हैं। एनएचएआई की सड़कों पर नौ ब्लैक स्पॉट पर सुधार के काम होने के बाद नौ वाहन हादसे हुए हैं, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और आठ घायल हुए हैं। 

इन ब्लैक स्पॉट पर हो रहे हादसे 
आरटीओ कार्यालय ऋषिकेश के पास, साईं मंदिर राजपुर रोड, किशननगर चौक, छिद्दरवाला, कुआंवाला बन बीट, फतेहपुर चौक लाल तप्पड़, पीएनबी बैंक के निकट लालतप्पड़ आदि। 

कुछ ब्लैक स्पॉट हैं, जिन पर सुधार के बाद भी हादसे हो रहे हैं। इसमें और सुधार के लिए रिपोर्ट दी गई है। कहीं पर कैमरे तो कहीं लाइट भी लगनी है। जहां सुधार हुआ है वहां सड़क की स्थिति तो ठीक है। ओवर स्पीड के कारण हादसे हो रहे हैं। इसके लिए चेकिंग भी बढ़ाई जाएगी। 
डॉ. रश्मि पंत, एआरटीओ (प्रवर्तन), देहरादून। 

 

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