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ऋषिकेश और कोटद्वार को नगर निगम बने, 13 निकायों का दायर बढ़ा

प्रदेश सरकार ने ऋषिकेश और कोटद्वार नगर पालिकाओं को नगर निगम में अपग्रेड करने पर मुहर लगा दी है। बुधवार को कैबिनेट बैठक में यह निर्णय हुआ। इसी के साथ प्रदेश में नगर निगमों की संख्या आठ हो गई है। 

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि निकायों का बेहतर संचालन करने के लिए एक लाख से अधिक आबादी वाले निकायों को नगर निगम में अपग्रेड किया जा रहा है। इसी क्रम में कोटद्वार और ऋषिकेश नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा दिया गया है। इन दोनों ही जगह पहले से सीमा विस्तार की कार्यवाही चल रही है। कोटद्वार में नए सीमा विस्तार के बाद कुल आबादी 1.35 लाख तक पहुंच गई है। जबकि ऋषिकेश में सीमा विस्तार के बाद कुल आबादी का आंकड़ा 1.21 लाख तक पहुंच रहा है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही यहां निर्वाचित बोर्ड भंग किया जा सकता है। हालांकि अब निकायों का कार्यकाल कुछ महीनों का ही बचा है। प्रदेश में मार्च अप्रैल में निकाय चुनाव संभव हैं। 

13 नगर निकायों में सीमा विस्तार का शासनादेश

शहरी विकास विभाग ने प्रदेश के 13 नगर निकायों में सीमा विस्तार का अंतिम शासनादेश जारी कर दिया है। इस तरह इन निकायों में नई शामिल ग्राम सभाओं का वजूद मिट गया है। शेष निकायों में सीमा विस्तार की कार्यवाही भी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार राज्य के कुल 38 नगर निकायों में सीमा विस्तार की कार्यवाही कर रही है। इसके लिए सरकार प्रथम चरण में इन निकायों में शामिल होने वाले गांवों की सूची प्रकाशित करते हुए लोगों से आपत्तियां मांग चुकी है। इनमें से 13 निकाय ऐसे हैं जहां किसी ने भी आपत्ति दाखिल नहीं की। इस पर शहरी विकास विभाग ने इन सभी 13 निकायों में सीमा विस्तार का अंतिम शासनादेश जारी कर दिया है। इस तरह नए शामिल हुए गांव अब संबंधित नगर निकाय का हिस्सा बन गए हैं। प्रधानों से बस्ते जमा कराने की कार्यवाही बाद में जिलाधिकारी के स्तर से होगी। साथ ही इन सभी 13 निकायों में परिसीमन का रास्ता भी साफ हो गया है।  

नगर पालिका परिषद : पिथौरागढ़, नरेंद्रनगर, बड़कोट, ऊखीमठ, कोटद्वार, हरबर्टपुर, श्रीनगर, गदरपुर

नगर पंचायत : लंढौरा, दिनेशपुर, झबरेड़ा, सुल्तानपुर, अगस्त्यमुनि   

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  • Web Title:Rishikesh and Kotdwar become municipal corporations