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डिग्री विवाद: विश्वविद्यालयों ने उपाधियां छुपाने के लिए नहीं दी हैं- रमेश पोखरियाल निशंक

देहरादून। विशेष संवाददाताGovind
Sat, 01 Jun 2019 07:43 PM
डिग्री विवाद: विश्वविद्यालयों ने उपाधियां छुपाने के लिए नहीं दी हैं- रमेश पोखरियाल निशंक

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा है कि कई विश्वविद्यालयों ने उन्हें मानद उपाधियों से नवाजा है। इन विश्वविद्यालयों ने यह उपाधियां उन्हें छुपाने के लिए नहीं दी हैं। हरिद्वार सांसद डॉ. निशंक ने बतौर केंद्रीय मंत्री शुक्रवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कामकाज संभाला है। कामकाज संभालने के बाद सोशल मीडिया में उनकी पीएचडी की डिग्री को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। 

इस विवाद पर डॉ. निशंक ने कहा है कि उन्हें देहरादून स्थित ग्राफिक विश्वविद्यालय और कोलंबो (श्रीलंका) विश्वविद्यालय समेत अन्य कई विश्वविद्यालयों ने पीएचडी और डीलिट की मानद उपाधियां दी हैं। ये छिपाने के लिए नहीं, बल्कि लिखने के लिए ही दी हैं। कुछ लोग गलत तरीके से लिखने की सीमाएं पार कर रहे हैं। निशंक ने वर्ष 2012 के विधान सभा, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग को दिए गए शपथ पत्र में नाम के आगे 'डॉक्टर' नहीं लगाया है। 2014 के चुनाव में शैक्षिक योग्यता के कॉलम में उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा विश्व विद्यालय श्रीनगर से एमए करने की बात कही है और पीएचडी की उपाधि मानद बताई है। 2019 में जमा किए गए शपथ पत्र में डीलिट (मानद) की उपाधि का भी जिक्र किया है। निशंक के उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहते भी उनकी डिग्री को लेकर पहले भी यह विवाद हो चुका है।

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