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3 दिसंबर, 2020|12:58|IST

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राज्यसभा चुनाव: भाजपा प्रत्याशी नरेश बंसल का निर्विरोध चुना जाना तय

राज्य सभा की एक सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नरेश बंसल ने मंगलवार को विधानसभा स्थित रिटर्निंग ऑफीसर कार्यालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। बंसल की ओर से नामांकन पत्र के चार सेट दाखिल किए गए हैं। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी और दो नवंबर को तीन बजे तक नाम वापस लिया जा सकेगा।

एक ही उम्मीदार होने की वजह से दो नवंबर को नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद बंसल को निर्वाचन का प्रमाण पत्र दिया जाना तय है।  भाजपा की ओर से नरेश बंसल को राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाए जाने के बाद मंगलवार को दोपहर पौने दो बजे नरेश बंसल पार्टी के कई मंत्री और विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे।

सबसे पहले उन्होंने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से मुलाकात की। कुछ देर बैठक के बाद वे, सीएम त्रिवेंद्र, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत सहित कई नेताओं के साथ विधानसभा स्थित रिटर्निंग ऑफीसर कार्यालय पहुंचे और एक बजकर पचास मिनट पर उनकी ओर से नामांकन दाखिल किया गया। 

रिटर्निंग ऑफीसर और विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी नरेश बंसल की ओर से नामांकन के चार सेट जमा कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नामांकन के दौरान सीएम, पार्टी अध्यक्ष भगत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत और सांसद अजय भट्ट आदि मौजूद रहे। 

रिकार्ड से मिलाए गए विधायकों के हस्ताक्षर 
भाजपा प्रत्याशी नरेश बंसल की ओर से दाखिल किए गए नामांकन के चार सेट पर कुल 28 विधायकों की ओर से प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए गए थे। लेकिन सभी विधायक रिटर्निंग ऑफीसर के कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसे देखते हुए विधानसभा में मौजूद विधायकों के हस्ताक्षर के रिकार्ड से नामांकन पत्र में किए गए विधायकों के हस्ताक्षरों को मिलाया गया। रिटर्निंग ऑफीसर ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से रिकार्ड से विधायकों के हस्ताक्षर मिलाने की इजाजत थी। इसलिए ऐसा किया गया। 

नामांकन के बाद विस अध्यक्ष से की मुलाकात 
नामांकन के बाद नरेश बंसल ने विधानसभा स्थित कार्यालय में विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने मिठाई खिलाकर बंसल को शुभकामनाएं दी। अग्रवाल ने कहा कि नरेश बंसल ने विभिन्न दायित्वों पर रहकर संगठन को मजबूत करने में अपना योगदान दिया। और समाज हित में हमेशा आगे रहे। उन्होंने कहा कि नरेश बंसल के पार्टी को दिए गए योगदान का ही परिणाम है कि आज उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में पार्टी की ओर से नामित किया गया है। विस अध्यक्ष ने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं एवं जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को पार्टी से सम्मान प्राप्त होता है।

 

नामांकन के दौरान जुटी भीड़  
मंगलवार को विधानसभा में राज्यसभा के नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ से सोशल डिस्टेसिंग टूटती नजर आई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने की वजह से इस दौरान विस परिसर में खासी गहमागहमी रही। हालांकि विस के प्रभारी सचिव और रिटर्निंग ऑफीसर मुकेश सिंघल ने बताया कि नामांकन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता ही मौजूद रहे। 

 

एक ही नामांकन की वजह से नरेश बंसल का राज्यसभा जाना तय है। लम्बे समय तक पार्टी की सेवा की बदौलत उन्हें आज यह मुकाम हासिल हुआ है। उनका परिवार बहुत गरीब था। अखबार की थैलिया बेचकर उन्होंने अपने परिवार को पाला। बाल्य काल से ही वे संघ से जुड़ गए थे और उनके संषर्घ और धैर्य का परिणाम है कि पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया।  
त्रिवेंद्र रावत, मुख्यमंत्री 


राज्य सभा के लिए उम्मीदवार बनाने के लिए मै भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की पूरी टीम का आभार व्यक्त करता हूं। सभी लोगों के सहयोग की वजह से यह संभव हो पाया। 
नरेश बंसल, राज्यसभा सीट के लिए भाजपा प्रत्याशी

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