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28 नवंबर, 2020|9:55|IST

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आफत की बारिश: बोल्डर,मलबा व भूस्खलन ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

गढ़वाल में आए दिन हो रही मूसलाधार बारिश अब आफत बनती जा रही है। जगह जगह पहाड़ियों से बोल्डर और मलबा सड़कों पर आ गया है। नदी नाले, गाड़ गदेरे उफान पर होने से जगह जगह खेत बह गए हंैं। कई गांवों पर भी लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोग रतजगा करने को मजबूर हो रहे हैंं। बारिश से बिजली और पानी की भी किल्लत होने लगी है।

चमोली में भारी बारिश से दहशत में लोग

गोपेश्वर | भारी बारिश, भूस्खलन, सड़कों पर आये बोल्डरों से चमोली जिले के लोगों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया।  सोमवार की रात्रि भर लोग दशहत में रहे। आसमान में कड़कती बिजली के भयंकर शोर और चमोली तहसील समेत अन्य क्षेत्रों में आयी भंयकर वर्षा ने लोगों को दशहत में रखा। जिले में 31 सड़कें बाधित रहीं। 

चमोली जिले में सोमवार की रात्रि और मंगलवार को सुबह 3 बजे यहां लोगों की रात्रि दशहत में गुजरी। भारी वर्षा से बदरीनाथ हाईवे 7 स्थानों पर बोलकडर मलबा आने से बाधित रहा। हालांकि एन एच सड़क खोलने में जुटा रहा पर वर्षा के बाद चटकती धूप से पहाड़ियों से पत्थर मलबा आने का खतरा बना रहा। बदरीनाथ हाईवे  क्षेत्रपाल, गौचर के समीप, बाजपुर, भनेर पानी, चमोली चाढ़ा, लामबगड़, कुहेड़ छिनका में बाधित रहा। एनएच  सड़क को सुचारू करने में जुटी रही।

जिले में सबसे अधिक वर्षा चमोली तहसील में 87 एम एम रिकार्ड की गयी। पोखरी में 50 एम एम बारिश हुयी। घाट में 30, थराली में 21, गैरसैंण में 27, कर्णप्रयाग में 8.5 और सबसे कम वर्षा जोशीमठ में 6.6 वर्षा हुयी।

बंद भीरी-परकंडी-मक्कूमठ मोटर मार्ग से बढ़ी लोगों की परेशानी
रुद्रप्रयाग।
बीते एक सप्ताह से भीरी-परकंडी-मक्कूमठ  मोटर मार्ग बंद होने से क्षेत्रीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस क्षेत्र के लोग बीमार एवं गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत करने को मजबूर हैं। कई किमी अतिरिक्त चलकर उन्हें अस्पताल पहुंचा रहे हैं जबकि क्षेत्र में रसोई गैसे और खाद्यान आपूर्ति भी ठप है।

भीरी-परकंडी-मक्कूमठ मोटर मार्ग से लगे परकंडी, जलई, सुरसाल, पेलिंग, औरिंग, ककोला, पलद्ववाड़ी, भींगी, उथिंड, मक्कूमठ सहित करीब 25 से अधिक गांव है। भीरी से करीब 2 किमी आगे पहाड़ी से भूस्खलन होने के साथ ही पत्थर गिर रहे हैं जिससे मार्ग पर आवाजाही बंद है। लोगों को मार्ग बंद होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश नेगी, क्षेपंस जलई सुरसाल दीपक रावत, क्षेपंस उथिंड विनोद सेमवाल, राजेंद्र बिष्ट, जयवीर नेगी, प्रधान मक्कूमठ विजयपाल नेगी, सुबोध मैठाणी, मोहन प्रसाद, सतेंद्र राणा, सतीश भट्ट आदि ने शिकायत की है।


सुरक्षा दीवार नहीं देने से भूस्खलन का खतरा
गौचर।
गौचर कर्णप्रयाग के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर सटे धारीनगर कस्बे में ऑलवेदर सड़क चौड़ीकरण कटिंग का कार्य किया गया। मगर सुरक्षा दीवार नहीं दिए जाने व बारिश होने के कारण ग्रामीणों के आवासीय भवनों के ऊपरी छोर से भारी भूस्खलन का खतरा है। प्रशासन को सूचित करने के वावजूद कार्रवाही नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे गौचर कर्णप्रयाग के मध्य धारीनगर गांव के समीप लगभग तीन माह से रुक-रुक कर सड़क चौड़ीकरण का का कार्य चल रहा है।

मगर कटिंग के बाद निर्माण ईकाई द्वारा सड़क के ऊपरी छोर पर सूरक्षा दीवार का कार्य नही किया गया है। जिसके कारण यह जगह स्लाइड जोन बन चुका है। क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश होने के कारण निछले छोर पर रहने वाले परिवारो भारी खतरा पैदा हो गया है। गांव निवासी बिशम्बर डिमरी,चंद्रमोहन मिश्रा, धनीरामजोशी, दिनेशजोशी, गुडडीदेवी, बिंदीआर्य का कहना है कि सड़क निर्माण ईकाई द्वारा चौड़ीकरण का कार्य कर लिया गया है। 

बदरीनाथ हाईवे की 20 मीटर सुरक्षा दीवार ढही
गोपेश्वर। चमोली बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बिरही के पास सुरक्षा दीवार ढहने से मंगलवार को 5 घंटे तक बाधित रहा। एन एच की मशीनों ने लगातार कार्य करने बाद सड़क को यातायात के लिये सुचारू किया।  सोमवार की  रात्रि चमोली तहसील में  हाईवे  की सड़क की सुरक्षा दीवार बिरही और पीपलकोटी के बीच  चाडा जगह पर लगभग 20मीटर सुरक्षा दीवार ढह गयी।

 

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  • Web Title:rain wreck havoc in chamoli uttarkashi rudraprayag pauri tehri in garhwal during monsoon in uttarakhand