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2019 में श्रद्धालु नहीं कर पाएंगे यमुनोत्री धाम के दर्शन ! जानिए क्या है वजह ?

यमुनोत्री धाम में पिछले साल से डबरकोट में पहाड़ी से सक्रिय हुए भूस्खलन जोन सहित यमुनोत्री धाम में आपदा से उपजी तमाम अव्यवस्थाओं के बीच इस बार तो यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो गए हैं। लेकिन, आने वाले यात्राकाल में प्रशासन के लिए इन अव्यवस्थाओं से अव्यवस्थाओं से पार पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो आने वाले आजा काल में देश विदेश से यमुनोत्री धाम आने वाले प्रत्याशियों को इस वर्ष की भांति आगे भी भारी कठिनाइयों से जूझना पड़ सकता है। हालांकि यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के लिए अभी छह माह का समय जरूर है, लेकिन इन छह माह में से दिसंबर, जनवरी तथा फरवरी तीन माह तक बर्फबारी से यमुनोत्री धाम सहित आसपास का क्षेत्र ढका रहता है। जिससे इस दौरान यमुनोत्री धाम के पुनर्निर्माण कार्य होने संभव नहीं है।
विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम की यात्रा पर इस वर्ष यहां आए तीर्थयात्रियों के लिए यमुनोत्री धाम की यात्रा काफी संघर्षमय रही है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओजरी के निकट डबरकोट में बीते वर्ष पहाड़ी से भूस्खलन सक्रिय हुआ। जहां इस वर्ष भी बरसात के मौसम में भूस्खलन जारी रहा। पिछले साल यहां एक माह तक हाईवे बंद रहा तथा इस बार भी डबरकोट में हाईवे ने  बरसात के पूरे मौसम में यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को परेशान किया। डबरकोट में हाईवे के बंद होने पर तीर्थयात्रियों को ओजरी-त्रिखली-कुंसला होते हुए जोखिम भरे पैदल मार्ग से  आवाजाही करनी पड़ी। वहीं दूसरी ओर बीती 16 जुलाई को यमुनोत्री धाम में हुई अतिवृष्टि से भारी तबाही मची थी। जहां यमुनोत्री धाम में आपदा से हुई क्षति का पुनर्निर्माण कार्य चार माह बीतने पर भी शुरू नहीं हो सका। जिससे तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। और अब आने वाले यात्रा काल मे इन तमाम चुनौतियों से प्रशासन किस तरह पार पाता है यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा। गीठ क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार का कहना है कि यमुनोत्री धाम में व्याप्त तमाम अव्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने की शासन-प्रशासन कोई भी सुध नहीं ले रहा है। यमुनोत्री में आई आपदा को चार महीने बीत गए हैं। लेकिन यहां अभी तक पुनर्निर्माण कार्यों के नाम पर कुछ भी नहीं हो सका। जिससे क्षेत्रीय लोगों में एवं क्षेत्र के व्यवसायियों में शासन प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है और अब यमुनोत्री धाम में बर्फबारी होने से यहां पुनर्निर्माण कार्य होने असंभव है। 

तीर्थ पुरोहितों ने दी कपाट बंद रखने की चेतावनी
यमुनोत्री धाम में आई आपदा को चार माह बीतने वाले हैं। लेकिन, यहां पर आपदा के पुनर्निर्माण कार्य अभी तक शुरू ही नहीं हो सके। इससे यमुनोत्री तीर्थ पुरोहितों में भारी आक्रोश है। आक्रोशित तीर्थ पुरोहितों ने बड़कोट एसडीम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा तथा अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आने वाले यात्रा काल से पहले यमुनोत्री धाम में पुनर्निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर सुरक्षा की दृष्टि से यमुनोत्री धाम के कपाट बंद रखने की चेतावनी दी। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि वह बीते चार महीनों से यमुनोत्री धाम में आपदा से हुई क्षति के पुनर्निर्माण कार्यों की शासन प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई भी कार्य शुरू नहीं हो सके। जिससे तीर्थ पुरोहितों ने शासन-प्रशासन पर यमुनोत्री धाम की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। यमुनोत्री तीर्थ पुरोहितों में पंडित रमण प्रसाद उनियाल, सुभाष उनियाल, मनमोहन उनियाल, प्यारे लाल उनियाल, खिलानंद उनियाल, अमित उनियाल, जय प्रकाश उनियाल, पवन उनियाल, नारायण उनियाल, रतनमणि उनियाल आदि ने कहा है कि अगर अगले यात्रा काल से पहले पुनर्निर्माण कार्य पूरे नहीं होते हैं, तो वह शाम-सुबह यमुना की पूजा करते रहेंगे, लेकिन दिन में यात्रियों के लिए मंदिर के कपाट बंद रखेंगे। 

 
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  • Web Title:purohits threaten not to open yamunotri shrine portals in 2019