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मानकों की अनदेखी पर जूनियर से हाईस्कूल स्तर में उच्चीकृत स्कूलों की जांच शुरू

मानकों की अनदेखी कर जूनियर स्तर से हाईस्कूल में उच्चीकृत हुए स्कूलों की जांच-पड़ताल शुरू हो गई है। शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने सभी सीईओ से ऐसे सभी स्कूलों को चिह्नित करते हुए इनके उच्चीकरण को निरस्त करने का प्रस्ताव मांग लिया है। ये सभी स्कूल पिछली सरकार के कार्यकाल के हैं। तत्कालीन सरकार ने अपने समय अंतिम दौर में बड़े पैमाने पर जूनियर को हाईस्कूल और हाईस्कूलों को इंटर कॉलेज में उच्चीकृत कर दिया था। उत्तराखंड में उच्चीकृत हाईस्कूलों की संख्या 200 के करीब है। सियासी नफा-नुकसान के आधार पर हुए इस उच्चीकरण ‘अभियान’ में कई स्कूलों के मामलों में मानकों का भी ख्याल नहीं रखा गया। अभी हाल में सीईओ के साथ विभागीय समीक्षा बैठक में भी यह पूरा मामला उठा है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि जिन स्कूलों के उच्चीकरण की जरूरत नहीं है, उनका उच्चीकरण खत्म कर दिया जाना चाहिए। शिक्षा सचिव ने सीईओ ने इस बाबत ठोस प्रस्ताव देने को कह दिया है। 


 

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  • Web Title:probe begins for violating norms while upgrading junior school to higher school