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उत्तराखंड के इन शहरों में जहरीली हुई हवा, आतिशबाजी से बाद प्रदूषण से एक्यूआई 450 के पार 

आतिशबाजी से उत्तराखंड के कई शहरों की आबोहवा खराब हो गई। देहरादून में दिवाली की रात पटाखे चलाते समय एक्यूआई यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 455 तक रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद ही खराब श्रेणी में है।

उत्तराखंड के इन शहरों में जहरीली हुई हवा, आतिशबाजी से बाद प्रदूषण से एक्यूआई 450 के पार 
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तान टीमTue, 14 Nov 2023 10:27 AM
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उत्तराखंड के शहरों में हवा जहरीली हो गई है। दिवाली की रात आतिशबाजी के बाद हवा में जहर घुल गया है। ऐसे में अब दिल व सांस के मरीजों की  भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  देहरादून में दिवाली की रात जब पटाखे चले, तब प्रदूषण का स्तर साढ़े चार सौ के पार हो गया।

आतिशबाजी से उत्तराखंड के कई शहरों की आबोहवा खराब हो गई। देहरादून में दिवाली की रात पटाखे चलाते समय एक्यूआई यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 455 तक रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद ही खराब श्रेणी में आता है। स्मार्ट सिटी के डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदूषण का स्तर प्रदर्शित होता रहा।

इससे सांस और हृदय रोग के मरीजों के साथ आम लोगों को भी परेशानी हुई। दूसरी ओर, उत्तराखंड के पीसीबी की ओर से जारी डाटा के अनुसार, दून में औसत एक्यूआई 272 रहा। यह भी खराब श्रेणी में आता है। जबकि, ऋषिकेश में 63, काशीपुर में एक्यूआई 205 दर्ज किया गया।

एक दिन में दोगुने से ज्यादा बढ़ा प्रदूषण देहरादून समेत ऋषिकेश और काशीपुर में एक ही दिन में प्रदूषण दोगुने से ज्यादा बढ़ा। 11 नवंबर को देहरादून का एक्यूआई 130, काशीपुर का 96 और ऋषिकेश एम्स का 38 दर्ज किया गया था। लेकिन, पीसीबी के डाटा के अनुसार, दिवाली की रात तीनों जगह एक्यूआई औसतन क्रमश 272, 205 और 63 तक दर्ज किया गया।

10 स्थानों पर लगी आग 40 लाख तक नुकसान
दिवाली की रात दून में दस जगह आग लगी। गनीमत रही कि कोई भी आग की चपेट में नहीं आया। हालांकि, इससे विभिन्न घरों और प्रतिष्ठानों में 30 से 40 लाख रुपये तक के नुकसान का अनुमान है। अग्निशमन विभाग ने बताया, रविवार रात त्यागी रोड पर एक होटल में सिलेंडर फटने से आग लग गई। इससे फर्नीचर समेत तमाम सामान राख हो गया। इसी रात कांवली रोड पर पेंट के गोदाम में भी आग लग गई।

प्रेमनगर में विशाल मेगा मार्ट में आग लगने से ज्यादातर सामान राख हुआ। दिवाली की रात सहस्रधारा, राजपुर रोड, नथुवावाला, चकराता रोड, ऊर्जा पार्क क्षेत्रों में भी आग की घटनाएं हुईं, लेकिन यहां मामूली नुकसान हुआ।

इन घटनाओं के लिए पटाखे और शॉर्ट सर्किट भी वजह बताई जा रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बीवी यादव ने बताया कि दीपावली के चलते हम सतर्क थे। इन घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि कुछ जगह आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

दिवाली पर दौड़ती रही एंबुलेंस, 1216 लोगों को पहुंचाया अस्पताल
दिवाली पर 108 एंबुलेंस दौड़ती रही। प्रदेशभर में 1216 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जीएम-प्रोजेक्ट अनिल शर्मा ने सोमवार को दिवाली पर एंबुलेंस 108 की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि दून, नैनीताल, उत्तरकाशी और यूएसनगर में 10 गर्भवती महिलाओं का प्रसव एंबुलेंस कर्मचारियों द्वारा कराया गया।

फिर सकुशल जच्चा-बच्चा को अस्पतालों में भर्ती कराया। जबकि, सड़क हादसे से जुड़े 123, हृदय रोग के 36, अन्य मामलों से जुड़े 652 मरीजों को विभिन्न अस्पताल में भर्ती कराया गया। सबसे ज्यादा 254 लोगों को देहरादून के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

दून के रेसकोर्स में चले सबसे ज्यादा पटाखे
दिवाली की रात दून के रेसकोर्स में सबसे ज्यादा पटाखे चले। इस दौरान रेसकोर्स का एक्यूआई 455 रिकॉर्ड किया गया। जबकि, तहसील चौक पर 417, ओएनजीसी एवं घंटाघर क्षेत्र पर एक्यूआई 414 रहा। स्मार्ट सिटी से जारी डाटा के मुताबिक, 12 नवंबर को यह पीक एक्यूआई रहा। जबकि, निम्न एक्यूआई 48 से 88 तक दर्ज किया गया। स्मार्ट सिटी की पीआरओ प्रेरणा ध्यानी के मुताबिक, शहर में लगाए गए वीएमडी पर प्रदूषण का डाटा डिस्प्ले किया जाता है। यह डाटा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ऑनलाइन मिलता है।

देहरादून में बढ़ा और काशीपुर में घटा प्रदूषण
साल 2022 के मुकाबले देहरादून में इस बार हवा ज्यादा प्रदूषित रही। वर्ष 2022 में जहां देहरादून का एक्यूआई 247 था, वह इस बार औसतन 272 पर पहुंचा। दूसरी ओर, काशीपुर में प्रदूषण के स्तर में कमी दर्ज की गई। यहां वर्ष 2022 में एक्यूआई 249 था, जो इस बार 205 दर्ज किया गया। जबकि, साल 2021 में यहां एक्यूआई 300 से ऊपर रहा था।

आठ शहरों में हो रही है थर्ड पार्टी निगरानी
पीसीबी के सदस्य सचिव सुशांत पटनायक के मुताबिक, इस बार दून, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, टिहरी, काशीपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण की थर्ड पार्टी निगरानी की जा रही है। मानकों के अनुसार 24 घंटे बाद डाटा जारी होता है। लैब में भी कुछ टेस्टिंग होती है। दून, ऋषिकेश और काशीपुर में ऑनलाइन सिस्टम है, उनका डाटा जारी कर दिया गया है।

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