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21 नबम्बर, 2019|10:51|IST

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Lok Sabha Election 2019: ‘पार्टियों’ को भी बताना होगा ‘प्रत्याशियों’ का आपराधिक इतिहास

चुनाव लड़ रहे नेताओं के साथ ही संबंधित पार्टी को भी प्रत्याशी के खिलाफ दर्ज अपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक तौर पर मतदाताओं को देनी होगी।  निर्वाचन आयोग ने इस बार दागी प्रत्याशियों पर सख्ती दिखाते हुए उन्हें अपने ऊपर दर्ज (सजायाफ़्ता सहित) मुकदमों की जानकारी अपने खर्च पर मतदाताओं को देने की अनिवार्यता की है। प्रत्याशियों को यह जानकारी अपनी पार्टी को भी देनी होगी, इसके बाद पार्टी के स्तर से भी उक्त जानकारी अपने खर्च पर मतदाताओं को दी जाएगी। आयोग ने इसके लिए अक्षर का फॉन्ट न्यूनतम 12 तय किया है। प्रत्याशी और पार्टी अलग-अलग व तीन-तीन बार अखबार और टीवी में विज्ञापन देने को बाध्य हैं। इस तरह एक प्रत्याशी पर दर्ज अपराध की जानकारी वोटर के पास अलग-अलग माध्यम से 12 बार आएगी। आयोग शीघ्र इसका अधिकारिक फार्मेट सभी दलों और प्रत्याशियों के लिए उपलब्ध करा देगा। 


मतगणना के 72 घंटे बाद तक प्रभावी रहेगी संहिता
उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव का मतदान भले ही 11 अप्रैल को ही संपन्न हो जाएगा, लेकिन आचार संहिता की बंदिशें फिर भी 27 मई तक लागू रहेंगी। हालांकि मतदान के बाद इसमें कुछ मामलों में छूट भी दी जा सकती है। आचार संहिता का सबसे बुरा असर नए शुरू होने वाले विकास कार्यों पर पड़ता है। न तो इस दौरान नए काम शुरू किए जा सकते हैं और नहीं बजट जारी किया जा सकता है। साथ ही जरूरतमंदों को सीएम राहत कोष जैसी तात्कालिक मदद भी नहीं मिल पाती है। इधर देशभर में दस मार्च से आचार संहिता लग चुकी है। जो मतगणना समाप्त होने के 72 घंटे बाद तक जारी रहेगी, भारत निर्वाचन आयोग ने इसके लिए 27 मई की तिथि तय की है। इस कारण करीब ढाई महीने तक आचार संहिता का असर रहेगा। हालांकि उत्तराखंड में 11 अप्रैल को मतदान संपन्न होने के बाद आचार संहिता में जरूरत के अनुसार छूट दी जा सकती है। प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी.षणमुगम के मुताबिक, 11 अप्रैल के बाद राज्य सरकार यदि जरूरी समझेगी तो छूट के लिए संबंधित विषय निर्वाचन आयोग के पास भेज सकती है। ऐसे मामलों पर आयोग विचार कर सकता है।

 

कंट्रोल रूम की हालत सुधरी 
बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में गठित राज्यस्तरीय कंट्रोलरूम पूरी तरह व्यवस्थित हो गया है। वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी एनएस डांगी को कंट्रोलरूम का प्रभारी बनाया गया है। बुधवार को कंट्रोलरूम में 114 फोन कॉल प्राप्त हुईं। 


अब तक 14961 शस्त्र जमा 
आचार संहिता लागू होने के बाद से लाइसेंसी हथियार जमा करने का सिलसिला शुरू हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेशभर में अब तक 14961 हथियार जमा किए जा चुके हैं। 15 अवैध हथियार भी जब्त किए हैं। आबकारी विभाग 331 लीटर और पुलिस 515 लीटर शराब जब्त कर चुकी है। यूएसनगर में चार लाख रुपये जब्त किए हैं। 

 

 

 

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