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2 जून, 2020|12:54|IST

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लॉकडाउन: दिव्यांग धर्मपाल ने दिखाई युवाओं को स्वरोजगार की राह, फूलों की खेती से डेढ़ लाख महीना तक कमा रहे

 

विकासखंड पोखड़ा के अन्तर्गत ग्राम मेलगांव के दिव्यांग धर्मपाल सिंह नेगी ने अपनी दिव्यांगता को अपने हौसले के सामने विफल कर अपने गांव में ही स्वरोजगार अपनाकर फूलों व सब्जी की खेती को अपनी आय का जरिया बनाया।

धर्मपाल सिंह नेगी पिछले 8 वर्षों से अपने गांव में ही सब्जी का उत्पादन कर रहे है जिसे वो निकटतम पोखड़ा,सेडियाखाल व अन्य बाजारो में बेचकर अच्छी कमाई करते है और साथ में 8 अन्य लोगो को भी रोजगार देते है।

इस वर्ष धर्मपाल सिंह नेगी ने सजावट के लिए प्रयोग होने वाला गिलोडियस फूल लगाया जो की इस समय तैयार है और इसका मूल्य लगभग एक लाख पचास हजार रुपये है। 

लेकिन कोरोना महामारी के कारण उनका फूल बिक नही पाया जिससे कि उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ा ।लेकिन उनका कहना है कि मैं अगले वर्ष इसकी दुगनी मात्रा में लगाऊंगा क्योंकि इसका उत्पादन यहाँ पर अच्छा है।

जहां पहाड़ में युवा रोजगार की तलाश में है वहाँ धर्मपाल सिंह नेगी उनके लिए प्रेरणास्रोत है जो राह दिखा रहे है कि इस प्रकार से भी पहाड़ में स्वरोजगार अपनाकर अपनी आय को बढ़ा सकते है ।

धर्मपाल सिंह नेगी कहते है कि पहाड़ में स्वरोजगार अपनाकर हम अपने जीवन को सुरक्षित कर सकते है साथ ही अच्छी कमाई कर अपने परिवार के साथ और लोगों को भी रोजगार दे सकते है ।

युवाओं के लिए उनका कहना कि आज का युवा नयी तकनीकि से साथ इस कार्य को और बेहतर तरीके से कर सकते है ।


 

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  • Web Title:physically able dharampal started floriculture in development block pokhra in pauri district amid lockdown due to corona virus pandemic in uttarakhand