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Hindi News उत्तराखंडगर्मियों में पानी को नहीं तरसेंगे लोग, हर जिले में बने कंट्रोल रूम; इन नंबर्स पर फोन करके दर्ज कराएं शिकायत

गर्मियों में पानी को नहीं तरसेंगे लोग, हर जिले में बने कंट्रोल रूम; इन नंबर्स पर फोन करके दर्ज कराएं शिकायत

गर्मी के मौसम में किसी को पानी के संकट से जूझना नहीं पड़े इसके लिए हर जिले में कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं। यहां लोग अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। सुबह आठ बजे से इन नंबरों पर फोन किए जा सकते हैं।

गर्मियों में पानी को नहीं तरसेंगे लोग, हर जिले में बने कंट्रोल रूम; इन नंबर्स पर फोन करके दर्ज कराएं शिकायत
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,देहरादूनThu, 18 Apr 2024 09:58 AM
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गर्मियों में पानी के संभावित संकट को देखते हुए पानी से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण को हर जिले में कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं। देहरादून में भी जल संस्थान वॉटर वर्क्स में उत्तर शाखा में स्ट्रेट कंट्रोल रूम बनाया गया है। जल संस्थान मुख्यालय ने सभी डिवीजनों को अपने स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाने और सभी सब डिवीजनों के एई, जेई के नंबर सार्वजनिक किए जाने के निर्देश दिए हैं। इन नंबरों पर भी आम लोग सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सुबह आठ बजे से लेकर रात आठ बजे तक इन नंबरों पर फोन किए जा सकेंगे।

जिलों में डिवीजनों के कंट्रोल रूम के साथ ही देहरादून में बनाए गए स्टेट कंट्रोल रूम में भी राज्य भर से आने वाली शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है। देहरादून मुख्यालय स्तर पर टोल फ्री नंबर 18001804100 और 1916 पर भी उपभोक्ता पानी की शिकायतों को दर्ज करा सकते हैं।

जल संस्थान की टैंकरों पर ही निर्भरता

पानी की शिकायतों के सामने आने पर जल संस्थान के पास तत्काल समाधान को सिर्फ टैंकर ही एकमात्र विकल्प है। सालों से पेयजल संकट के समाधान को लेकर सिर्फ कागजों पर ही काम हो रहा है। हर साल गर्मियों में एक्शन प्लान के नाम पर टैंकरों की संख्या बढ़ा दी जाती है।

प्रति दिन आ रही हैं 150 से अधिक शिकायतें

स्टेट कंट्रोल रूम में प्रतिदिन 150 से अधिक शिकायतें पहुंच रही हैं। इनमें अधिकतर देहरादून जिले की हैं। देहरादून से बाहर के क्षेत्रों की भी शिकायतें यहां पहुंच रही हैं। मौजूदा समय में करीब 1300 शिकायतें ऐसी हैं, जिनका निस्तारण लंबित है।

मुख्य महाप्रबंधक जल संस्थान नीलिमा गर्ग ने कहा, 'पेयजल सप्लाई को लेकर परेशानी पर अपने क्षेत्रों के इंजीनियरों को सीधे फोन किया जा सकता है। उपभोक्ताओं के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किए गए हैं। शिकायतों के समाधान को लेकर हर दिन मुख्यालय में रिपोर्ट ली जा रही है।'

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