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23 सितम्बर, 2020|9:56|IST

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डायरेक्ट हेली सेवा न होने से दो गुना किराया देने को मजबूर यात्री, पांच महीने से बंद है देहरादून, गौचर, चिन्यालीसौड़  हेली सेवा 

उड़ान योजना के तहत शुरू प्रदेश की पहली हेलीसेवा बीते चार महीने से बंद है। इस कारण देहरादून से गौचर जाने वाले यात्रियों को वाया टिहरी, श्रीनगर होते हुए लंबा रूट लेना पड़ रहा है। जिसका किराया दो गुना से अधिक लग रहा है। उड़ान योजना के तहत सरकार ने फरवरी में देहरादून के सहस्रधारा हैलीपेड से उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ और चमोली के गौचर के बीच पहली हेली सेवा प्रारंभ की थी।

हैरिटेज एविएशन की इस सेवा के तहत प्रति दिन दोनों जगहों के लिए दो- दो उड़ान निर्धारित की गई। जिसमें सहस्रधारा से गौचर का किराया 4120 रुपए प्रति सवारी रखा गया था। सेवा को लोगों का रुझान भी अच्छा रहा, लेकिन मार्च में लॉकडाउन के कारण सेवा बंद हो गई, जो अब तक शुरू नहीं हो पाई। इस बीच प्रदेश सरकार ने जुलाई में देहरादून में जौलीग्रांट से नई टिहरी, श्रीनगर होते हुए गौचर के लिए दूसरी सेवा प्रारंभ की है।

पवनहंस कंपनी की इस सेवा के लिए एक शहर से दूसरे शहर का किराया 2951 रखा गया है। लेकिन यदि कोई यात्री देहरादून से सीधे गौचर के लिए टिकट लेता है तो उसे तीन स्थानों का किराया यानि कुल 8853 रुपए चुकाना पड़ रहा है। इन दिनों नेशनल हाईवे लगातार बंद होने से लोग हेली सेवा का लाभ लेना तो चाह रहे हैं, लेकिन इसका किराया तीन गुना महंगा पड़ रहा है। हैरिटेज एविएशन की देहरादून पिथौरागढ़ सेवा भी बीते चार महीने से बंद है। 

वर्तमान में डायरेक्टर सेवा न होने से गौचर जाने वाले लोगों को ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। देहरादून- गौचर के बीच सीधी सेवा देने वाली कंपनी ने तकनीकी दिक्कतें बताई हैं। उन्हें जल्द सेवा शुरू करने को कहा गया है। 
आशीष चौहान, सीईओ उकाडा

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  • Web Title:passengers forced to pay double fare as direct heli service to gauchar under udaar scheme in uttarakhand