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देश की ये हैं सबसे कम मतदान वाली संसदीय सीटें, 9 राज्यों में इतने वोटिंग फीसदी के साथ UP अव्वल

बिहार की 13 सीटों में महज 57.33 फीसदी ही वोटिंग हुई थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड अल्मोड़ा और गढ़वाल संसदीय सीट भी शामिल रही हैं। लोकसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने को काम किया जा रहा।

देश की ये हैं सबसे कम मतदान वाली संसदीय सीटें, 9 राज्यों में इतने वोटिंग फीसदी के साथ UP अव्वल
Himanshu Kumar Lallहल्द्वानी। भानु जोशीWed, 10 Apr 2024 11:50 AM
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भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 में देश में सबसे कम मतदान वाली 50 सीटों की सूची जारी की है। देशभर के नौ राज्यों में यूपी-उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा संसदीय सीटें हैं, जहां पर मतदान प्रतिशत बहुत कम था। यूपी में 15 सीटें ऐसीं हैं, जहा पर कम वोटिंग हुई है।

इन सीटों पर महज 59.21 प्रतिशत मतदान हुआ है। बिहार राज्य की बात करें तो इस राज्य में भी कई ऐसी संसदीय सीटें हैं, जहां मतदान प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। बिहार की 13 सीटों में महज 57.33 फीसदी ही वोटिंग हुई थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड अल्मोड़ा और गढ़वाल संसदीय सीट भी शामिल रही हैं।

दोनों सीटों पर राज्य के औसत से भी कम मतदान हुआ था। दोनों ही सीटों पर अब मतदान बढ़ाने की कवायद तेज की गई है। मतदान बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से ठोस रणनीति बनाकर कार्य किया जा रहा है।  लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग तरह-तरह की गतिविधियां राज्यवार करा रहा है। हाल ही में आयोग ने नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में एक सम्मेलन कराया था।

इसमें देश के प्रमुख शहरों के नगर निगम के आयुक्तों के साथ मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर विचार विमर्श हुआ था। सम्मेलन में पेश रिपोर्ट में ये बात सामने आई कि 2019 के लोकसभा चुनाव में 50 सीटें ऐसी थीं, जहां उस राज्य के कुल औसत से भी कम मतदान हुआ था।

इस सूची में 23वें स्थान पर अल्मोड़ा और 49वें स्थान पर गढ़वाल संसदीय सीट भी है। अल्मोड़ा में 52.31 प्रतिशत मतदान हुआ था वहीं, गढ़वाल सीट पर 55.17 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था। जबकि उत्तराखंड की पांचों सीटों पर 61.88 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। आयोग की सबसे कम मतदान प्रतिशत वाली सूची में सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश है।

कम मतदान के कारण और जागरूकता के प्रयास
गढ़वाल सीट मतदान प्रतिशत बढ़ाने को डीएम गढ़वाली में भेज रहे हैं पोस्टकार्ड, अब तक ढाई लाख लोगों को दिलाई जा चुकी है मतदान की शपथ,पलायन के कारण गढ़वाल सीट पर सामान्य से कम होता है मतदान।

अल्मोड़ा सीटस्वीप की टीमें अब तक 2.62 लाख लोगों को मतदान की शपथ दिला चुकीं,बच्चों के माध्यम से अभिभावकों को मतदान के लिए किया जा रहा प्रेरित,विषम भौगोलिक परिस्थितियां और पलायन है कम मतदान का कारण।

राज्य कम वोट मतदान
राज्य                  कम वोटिंग वाली सीटें-- मतदान प्रतिशत में

उत्तर प्रदेश             15               --            59.21
बिहार                    13               --            57.33
महाराष्ट्र                 08                --            61.02
तेलंगाना                 04               --             62.77
जम्मू-कश्मीर         03                --             44.97
कर्नाटक               03                --             68.81
उत्तराखंड             02                --             61.88
मध्यप्रदेश 01 71.20
राजस्थान 01 66.34

विधानसभा क्षेत्रों में जागरूकता की चुनौती
भौगोलिक स्थिति के लिहाज से अल्मोड़ा और गढ़वाल संसदीय सीट का दायरा काफी बड़ा है। दोनों में 14-14 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में अल्मोड़ा सीट पर छह प्रत्याशियों को 6,78,967 वोट मिले थे। वहीं गढ़वाल में नौ प्रत्याशियों को 7,48,022 वोट प्राप्त हुए थे।