Para Athlete Karen Darke on mission to accumulate funds to treat spinal injury patients - जिन्दगी में मुश्किलों से लड़ना सिखा रही ‘ब्रिटिश पैरा एथलीट कैरेन डार्क’,रियो पैरालंपिक में जीता गोल्ड , VIDEO DA Image

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जिन्दगी में मुश्किलों से लड़ना सिखा रही ‘ब्रिटिश पैरा एथलीट कैरेन डार्क’,रियो पैरालंपिक में जीता गोल्ड , VIDEO

बुलंद हो हौंसला तो मुठ्ठी में हर मुकाम है, मुश्किलें और मुसीबतें तो जिंदगी में आम है। इस बात को चरितार्थ किया है, रियो पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली ब्रिटिश पैराएथलीट कैरेन डार्क ने। कैरेन इन दिनों हैण्ड साइकिल से अपने दो साथियों क्रिस्टिन और कैवन के साथ अपने क्वेस्ट-79 प्रोजेक्ट को लेकर गंगोत्री से वाराणसी तक की यात्रा पर हैं। भारत में गंगोत्री से वाराणसी की यात्रा पर निकली 47 वर्षीय ब्रिटिश पैरा एथलीट कैरेन डार्क लकवाग्रस्त हैं। लेकिन उनकी जिंदगी हमेशा से ऐसी नहीं थी। एक दौर था जब कैरेन एक जुनूनी पर्वतारोही थी।

उन्होंने यूरोप की ऐल्प्स पर्वतमाला के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट ब्लांक व मैटर हॉर्न तथा उत्तरी अमेरिका की सियरा नेवदा पर्वतमाला के एल कैप्टन पर्वत पर सफल आरोहण किया था। लेकिन 21 वर्ष की उम्र में समुद्र तट की पहाड़ी पर चढ़ाई करते समय गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गयी। हादसे के बाद जब उठी तो डॉक्टरों ने बताया कि उनके धड़ से नीचे का पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो चुका है। लेकिन हादसे के बाद भी कैरेन ने हिम्मत नहीं हारी। रेस चेयर खरीदकर कैरन ने ग्रेट नार्थ रन में हिस्सा लिया। फिर लंदन मैराथन और हैंड साइकिल पर तिब्बत से नेपाल तक 1400 किमी की भी यात्रा की। वर्ष 2010 में कैरेन ब्रिटिश पैरा-साइकिलिंग टीम का हिस्सा बन गयी। लंदन पैरालंपिक 2016 में हैंड साइकिलिंग में कैरेन ने सिल्वर और रियो पैरालंपिक 2016 में गोल्ड मेडल जीता। वर्तमान में कैरेन गंगोत्री से वाराणसी तक की यात्रा पर हैं। अपने बुलंद इरादों के से कैरेन सबको अचंभित कर रही है।

ये है कैरेन का क्वेस्ट-79 प्रोजेक्ट
2016 में कैरेन ने अपने देश के लिए 79वां गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद से कैरेन के लिए 79 नंबर विशेष नंबर बन गया। फिर कैरेन ने क्वेस्ट-79 प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दुनिया के सात महाद्वीपों की यात्रा शुरू की। प्रोजेक्ट का उद्देश्य स्पाइनल इन्जरी से जूझ रहे मरीजों के लिए ब्रिटिश स्पाइनल इन्जरी एसोसिएशन के साथ चैरेटी हेतु धन एकत्रित करना है।

चार महाद्वीपों की यात्रा की 
पैरा एथलीट कैरेन डार्क ने बताया कि क्वेस्ट-79 प्रोजेक्ट के तहत वह अब तक दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, आस्ट्रेलिया महाद्वीप की यात्रा कर चुकी हैं। वर्तमान में पांचवे महाद्वीप एशिया की यात्रा के तहत भारत में गंगोत्री से धार्मिक नगरी वाराणसी तक की यात्रा पर हैं। इसके बाद अफ्रीका महाद्वीप में इथोयोपिया के पर्वतीय भाग, फिर उत्तरी यूरोप से दक्षिण यूरोप तक और 2020 में टोकियो पैरालंपिक में शामिल होंगी। 

 
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