Padma Bhushan Awardee bachandari pal says uttarakhand hilly areas should become classrooms - उत्तराखंड के पहाड़ बनें क्लास रूम : एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल DA Image

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उत्तराखंड के पहाड़ बनें क्लास रूम : एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल

प्रकृति के बीच एक ओपन क्लास रूम बनाने का सपना पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित भारत की पहली एवरेस्ट विजेता महिला बछेंद्री पाल ने देखा है। इसके लिए बकायदा रैथल में जमीन भी ली है। बछेंद्री पाल का कहना है कि अगर सरकार से सहयोग मिले तो वो इंस्टीट्यूट ऑफ लीडरशिप, स्किल डेवलपमेंट शुरू कर अपने सपने को हकीकत में बदलने के लिए तैयार हैं। पद्मभूषण अवॉर्ड से सम्मानित बछेंद्री पाल ने हिन्दुस्तान से फोन पर बातचीत में अपनी योजनाओं और अनुभव को बयां किया। टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन जमशेदपुर में डायरेक्टर पद पर नियुक्त बछेंद्री पाल ने कहा उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने की उनकी दिली इच्छा है,  पर्यावरण के बीच खुले क्लास रूम में लोगों को सिखाया जा सकता है। उनका सपना उत्तराखंड में प्रकृति के बीच इंस्टीट्यूट ऑफ लीडरशिप, स्किल डेवलपमेंट शुरू करना है, जहां पहाड़,पर्यावरण के बीच लोगों को सीखने को मिल सकेगा। इसके लिए बकायदा 1994-95 में रैथल में जमीन भी ले चुकी हैं। 


गांवों में स्वास्थ्य के लिए काम किए जाने की जरूरत
बछेंद्री पाल ने बताया कि वो नाकुरी गांव की निवासी हैं। घर से गांव के टॉप पर स्थित रेणुका देवी का मंदिर करीब 5 किमी था। हर दिन पहाड़ी पर घास काटने, लकड़ी लेने जाते थे। एमए बीएड करने के बाद भी हर रोज पहाड़ी के शिखर पर मंदिर तक बैग में पत्थर भरकर जाती थीं और वापसी में घास और लकड़ी लेकर आती थीं। परिजन भी कहते थे कि पढ़ाई के बाद भी इस तरह घास, लकड़ी ला रही हो, यह अच्छा नहीं लगता। मगर ये जिद ही थी कि 1984 में एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने में सफल रहीं। 1993 में 18 लोगों की टीम ने उनके नेतृत्व में एक साथ एवरेस्ट की चढ़ाई कर फतह हासिल की थी। इसमें 7 लड़कियां भी थीं, यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। मगर यह आसान नहीं था, क्योंकि कुछ लोग नहीं चाहते थे कि एक लड़की टीम का नेतृत्व करे। उनका सोचना था कि लड़की अभी तैयार नहीं है, लेकिन बचपन से मिली सीख ने उनको इस मुकाम तक पहुंचाया है। बछेंद्री पाल को उत्तराखंड के गांव में चिकित्सा सेवा नहीं पहुंच पाने का दर्द है। उनका कहना है कि हर गांव में स्वास्थ्य सुविधा को पहुंचाने की आवश्यकता है।   

 
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