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8 अगस्त, 2020|3:07|IST

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छात्रवृत्ति घोटाला: नौटियाल को सरेंडर के आदेश

uttarakhand scholarship scam

छात्रवृत्ति घोटाले में फरार चल रहे समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल को सुप्रीम कोर्ट ने सात दिन में आत्मसमर्पण करने को कहा है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि नौटियाल जमानत को आवेदन करते हैं तो नियमानुसार निर्णय हो सकता है।  छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपों का सामना कर रहे नौटियाल लंबे समय से फरार हैं। एसआईटी उनकी कुर्की की कार्रवाई शुरू कर चुकी है। इस बीच  गिरफ्तारी से बचने को नौटियाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। इस पर शुक्रवार को जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने सुनवाई की। हालांकि इसमें नौटियाल को राहत नहीं मिल पाई है। उल्टा कोर्ट ने नौटियाल को सात के अंदर आत्मसमर्पण करने को कहा है। इससे पहले नौटियाल को 17 अक्तूबर को उत्तराखंड हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिल पाई है।  एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि गीताराम को सात दिन के भीतर एसआईटी के सामने पेश होने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, पर राहत नहीं मिली है। 

 

आरोप: गीताराम नौटियाल पर आरोप है कि हरिद्वार व देहरादून के जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना सत्यापन के छात्रवृत्ति जारी कर दी। वहीं एक आरोप यह भी है कि बिना शासनादेश का पालन करते हुए उन्होंने छात्रवृत्ति जारी की है।  

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  • Web Title:order issued for social welfare department joint director geetraram nautiyal to surrender in court for alleged involvement scholarship scam in uttarakhand