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ऑर्किड फूलाें से बेरोजगारों को रोजगार,जानिए पिथौरागढ़-चमोली में उत्पादन बढ़ाने को क्या है प्लान?‌

 उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चमोली जिले में ऑर्किड की 200 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। इसका उत्पादन स्थानीय लोगों के रोजगार का जरिया भी बन सकता है। इस बात को समझते हुए वन अनुसंधान

ऑर्किड फूलाें से बेरोजगारों को रोजगार,जानिए पिथौरागढ़-चमोली में उत्पादन बढ़ाने को क्या है प्लान?‌
कार्यालय संवाददाता, हल्द्वानीMon, 28 Mar 2022 02:25 PM

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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चमोली जिले में ऑर्किड की 200 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। इसका उत्पादन स्थानीय लोगों के रोजगार का जरिया भी बन सकता है। इस बात को समझते हुए वन अनुसंधान केन्द्र ने स्थानीय काश्तकारों को व्यावसायिक उत्पादन का प्रशिक्षण दिलाने के लिए ऑर्किड के हब पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग भेजा है।

यह काश्तकार अब स्थानीय स्तर पर ऑर्किड के व्यावसायिक उत्पादन पर काम करेंगे। ऑर्किड के सुगंध युक्त पुष्प की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी डिमांड रहती है। पश्चिम बंगाल का कलिम्पोंग ऑर्किड की बड़े पैमाने पर पैदावार करने और इसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को जाना जाता है।

इसके महत्व को समझते हुए वन अनसुंधान केन्द्र ने चमोली एवं पिथौरागढ़ जिले के काश्तकारों को वहां भेजा। उन्हें दार्जिलिंग वन प्रभाग के तकदा ऑर्किड सेंटर व अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय ऑर्किड अनुसंधान केन्द्र भी ले जाया गया। काश्तकारों के साथ जेआरएफ मनोज सिंह, दीपक सिंह, वन आरक्षी कनीष कुमार हैं।

गोरीघाटी में 127 प्रजातियां
वन अनुसंधान केन्द्र ने पिथौरागढ़ के गोरी घाटी क्षेत्र के लुमती वन पंचायत में ऑर्किड पर काम शुरू किया है। यहां 4.25 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑर्किड की 36 प्रजातियां सहेजी गई हैं। गोरी घाटी क्षेत्र के अंदर और आसपास के इलाकों में शोधकर्ताओं ने वर्ष 2019 तक ऑर्किड की 127 प्रजातियां चिन्हित की हैं।

मंडल गांव में 67 प्रजातियां
चमोली के मंडल गांव में भी ऑर्किड को संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। चमोली के गोपेश्वर में मंडल से तुंगनाथ के बीच ऑर्किड की 67 प्रजातियां सहेजी हैं। यहां का कुंड-कालीमठ क्षेत्र ऑर्किड का हॉट स्पॉट माना जाता है।

500 से 1500 तक कीमत
उत्पादन कम और आयात पर निर्भरता के कारण बाजार में इसकी कीमत ज्यादा है। ठंडे इलाकों में होने वाले इस फूल के एक बंडल यानी सिर्फ12 फूल की कीमत 500 रुपये तक होती है। पीक सीजन में इसका रेट 1500 रुपये प्रति बंडल हो जाता है।  
 

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