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Hindi News उत्तराखंडहर दिन औसतन 3 भक्तों की मौत, चारधाम यात्रा में अब तक 100 की गई जान; क्या ऐसी वजह

हर दिन औसतन 3 भक्तों की मौत, चारधाम यात्रा में अब तक 100 की गई जान; क्या ऐसी वजह

विषम भौगोलिक परिस्थितियों के साथ ही मौसम में अचानक बदलाव यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। यात्रा पर जाने से पहले तीर्थ यात्रियों से अपील है कि पूरी तरह से स्वस्थ होने पर ही यात्रा पर जाएं।

हर दिन औसतन 3 भक्तों की मौत, चारधाम यात्रा में अब तक 100 की गई जान; क्या ऐसी वजह
on an average 3 devotees die every day 100 have died chardham yatra so far
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, लाइव हिन्दुस्तानMon, 10 Jun 2024 02:43 PM
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चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही भक्तजनों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। यूपी, राजस्थान, एमपी, गुजरात आदि राज्यों से तीर्थ यात्री दर्शन करने को उमड़ रहे हैं। तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ के बीच एक चिंता वाली बात सामने आई है।

10 मई से शुरू चारधाम यात्रा के दौरान 100 तीर्थ यात्रियों की अबतक मौत हो चुकी है। मतलब, यात्रा करते वक्त हररोज औसतन तीन तीर्थ यात्री अपने जान गवां रहे हैं। हालांकि, तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार की ओर से यात्रा रूट पर अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती के साथ ही यात्रा रूट पर एंबुलेंस भी तैनात की गई है।

लेकिन, विषम भौगोलिक परिस्थितियों के साथ ही मौसम में अचानक बदलाव यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। यात्रा पर जाने से पहले तीर्थ यात्रियों से अपील है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ होने पर ही यात्रा पर जाएं। यात्रा के दौरान जरूरी दवाएं अपने साथ जरूर रखें। 

केदारनाथ धाम से सबसे ज्यादा मौतें 
10 मई से शुरू गंगोत्री-केदारनाथ धाम में भारी संख्या में भक्तजन पहुंच रहे हैं। चारों धामों में से सबसे ज्यादा मौतें 49 केदारनाथ धाम में हुईं हैं। चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम में 22 लोगों की जान गई है। जबकि, उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम में सात और यमुनोत्री धाम में दर्शन को जाते वक्त 22 तीर्थ यात्रियों ने अपनी जान गवाई है। 

स्वास्थ्य संबंधी परेशानी इन तीर्थ यात्रियों को ज्यादा 
यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ सहित चारों धाम समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित हैं। ऐसे में देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य से संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से विशेषकर दिल, सांस और बुजुर्गों की परेशानी भी बढ़ जाती है।

इसका अलावा, पर्वतीय जिलों में ठंडा मौसम भी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा देता है।   चारधाम यात्रा पर जाते वक्त भक्तों को पर्वतीय जिलों में से होकर सफर करना पड़ता है, जिसकी वजह से उल्टी और सिर दर्द की शिकायत होती है।  

चारधाम यात्रा के लिए हेल्थ स्क्रीनिंग फॉर्म अनिवार्य
बदीनाथ-केदारनाथ, गंगोत्री सहित चारों धामों पर जाने पर जाने से पहले अपने स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। यात्रा पर जाने से पहले हेल्थ स्क्रीनिंग फॉर्म को भरकर तीर्थ यात्रियों को  अपनी बीमारी के बारे में पूरी जानकारी देना आवश्य है। चारधाम यात्रा पर 55 साल से अधिक उम्र वालों के लिए बीमारियों के बारे में जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। सरकार ओर से अपील भी की गई है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित तीर्थ यात्री बीमारी की अवस्था में यात्रा पर जाने से परहेज करें। 

19 लाख से ज्यादा तीर्थ यात्री कर चुके दर्शन
10 मई से शुरू चारधाम यात्रा में अब तक 19 लाख से ज्याद भक्त दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा 7,48,348 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किए हैं। बदरीनाथ धाम में 4,72,065 तीर्थ यात्री पहुंचे हैं। जबकि, गंगोत्री धाम में 3,39,892 और यमुनोत्री धाम में 3,46,545 श्रद्धालु पहुंचे हैं। चमोली जिले में स्थित हेमकुंड साहिब में 49,419 यात्रियों ने दर्शन किए हैं। 

चारधाम यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ख्याल  
-सांस लेने में दिक्कत, बुखार या फिर स्वास्थ्य होने पर यात्रा से परहेज करें 
-कुछ दिनों तक लोग टहलने या सैर करने की आदत बनाएं 
-चारधाम का मौसम अपडेट जरूर लें 
-चारधाम यात्रा के लिए कम से कम सात दिन का टूर बनाएं  
-यात्रा पर जाने से पहले जरूरी दवाएं जरूर साथ रखें 
-गर्म टोपी, दस्ताने, मौजे, स्वेटर आदि के साथ ही यात्रा करें
-चारधाम पर जाने से पहले 10 मिनट तक सांस से जुड़े व्यायाम करें 
-यात्रा रूट पर बने हेल्थ पोस्ट की जानकारी रखें 
-सांस में दिक्कत, बात करने में कठिनाई, लगातार खांसी, उल्टी, चक्कर आदि शिकायत पर डॉक्टर से परामर्श कराएं