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29 फरवरी, 2020|12:25|IST

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नई बसों के परमिट-रजिस्ट्रेशन सरेंडर, पढ़िए पूरी खबर

रोडवेज की नई बसों में खामियों पर सोमवार को सारी बसें कंपनी को वापस करने का आदेश जारी कर दिया गया। रोडवेज टैक्स बचाने के लिए बसें वापस करने से पहले उनका पंजीकरण सर्टिफिकेट और परमिट सरेंडर करा रहा है। इससे टाटा कंपनी को बसें वापस ले जाने में परेशानी होनी तय है क्योंकि पहले ये बसें नई होने के चलते टेंपरेरी नंबर पर यहां लाई गई थीं।  

पहाड़ी मार्गों पर संचालन को रोडवेज में टाटा कंपनी से 150 बसें खरीदी थीं। रूट पर उतारने के साथ ही इन बसों में दिक्कतें आनी शुरू हो गईं। गियर लीवर टूटने समेत कई परेशानियों के चलते रोडवेज ने सेट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी) पूना के वैज्ञानिकों से जांच कराई गई। जांच के दौरान इन बसों में कई खामियां सामने आईं। इन बसों की खरीद में हुई किरकिरी और मानकों पर फेल होने के चलते रोडवेज प्रबंधन ने इन्हें वापस करने का फैसला लिया है। बस वापसी का आदेश कंपनी को भेजा जा चुका है। वहीं नई बसें वापस करने से पहले इनका पंजीकरण सर्टिफिकेट और परमिट परिवहन विभाग को सरेंडर कर दिया है। 

देहरादून मंगवाईं बसें 
टाटा कंपनी से खरीदी गई बसें राज्य के अलग-अलग डिपो में भेज दी गई थीं। अब खराबी के चलते संचालन रोके जाने के बाद अधिकांश बसें ट्रासपोर्टनगर स्थित प्रस्तावित रोडवेज कार्यशाला की जमीन पर खड़ी हैं जबकि, शेष अब भी विभिन्न डिपो में हैं। सोमवार को रोडवेज मुख्यालय से सभी डिपो को नई बसें दून भेजने का आदेश जारी कर दिया गया।

कंपनी तय करेगी तारीख
रोडवेज अफसरों का कहना है कि कंपनी दून से बसें खुद वापस लेकर जाएगी। इन बसों को ठीक करके या नई बसें भेजने की डेट भी कंपनी ही तय करेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी को रोडवेज से अभी भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही कंपनी की सिक्योरिटी मनी भी जमा है। अगर बसों की वापसी में लंबा वक्त लगेगा तो सिक्योरिटी जब्त कर ली जाएगी।

अब सभी मानक पूरे होने पर बसें लेगा परिवहन निगम
नई बसों की खरीद में किरकिरी पर रोडवेज अफसर अलर्ट हो गए हैं। अफसरों का कहना है कि बसें वापस लेने से पहले उनकी बेहतर तरीके से तकनीकी जांच कराई जाएगी। बसों के गियर लीवर सही लगे होंगे तो और अन्य मानक पूरे होंगे, तभी यहां से भेजी जा रही बसें वापस मंगवाई जाएंगी।


नई बसों का पंजीकरण और परमिट सरेंडर कर उन्हें कंपनी को वापस दिया जा रहा है। अब कंपनी से बसें तभी ली जाएंगी जब वो सभी मानकों पर खरी उतरेंगी। 
दीपक जैन, जीएम, उत्तराखंड रोडवेज
 

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  • Web Title:new roadways buses permit and registration is surrender in uttarakhand