mrityunjay mishra sends money to his relatives in delhi and bihar - मृत्युंजय के रिश्तेदारों को यूपी-बिहार जाता था पैसा DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मृत्युंजय के रिश्तेदारों को यूपी-बिहार जाता था पैसा

आयुर्वेद विवि में हुए लाखों के घपले की जड़ें दिल्ली के बाद अब यूपी-बिहार तक पहुंच गई हैं। विजिलेंस जांच में सामने आया है कि नूतन और शिल्पा के फर्जी खातों से लाखों की रकम मिश्रा के रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर की गई। सूत्रों के अनुसार नूतन और शिल्पा के नाम पर जो खाते बैंक ऑफ बड़ौदा में खोले गए थे उनमें विवि से लाखों रुपये जाते थे। इनमें से ज्यादातर रुपये यूपी, दिल्ली और बिहार के कुछ खातों में डाल दिए जाते थे। बैंक से इन दोनों खातों की स्टेटमेंट मिलने के बाद ये तथ्य सामने आया है। विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि जिन खातों में ये पैसा डाला गया वे मिश्रा के रिश्तेदारों के ही हैं। जिनका पूरा पता लगाया जा रहा है। संबंधित बैंकों से खाता धारक की सारी डिटेल ली जा रही है। ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। 

नूतन की 20 और शिल्पा की 25 फाइलें
विजिलेंस ने विवि में नूतन रावत की 20 और शिल्पा त्यागी की 25 फाइलें जांच के दौरान चिह्नित की हैं। जिनमें से शिल्पा की 18 फाइलें सोमवार को कब्जे में ली जा चुकी हैं। बाकी फाइलें कब्जे में ली जानी हैं। इन फाइलों में उनके सारे लेनदेन की जानकारी है। जो मिश्रा के इस खेल को पूरी तरह से साफ कर देंगी। दोनों से सोमवार को भी दिन भर पूछताछ की गई।

पत्नी और बेटे के खातों से भी दिल्ली गई रकम
विजिलेंस को अभी तक की जांच में मिश्रा की  पत्नी श्वेता और उसके नाबालिग बेटे के खाते से लाखों की रकम दिल्ली एनसीआर के खातों में जाने का पता चला है, लेकिन जिन खातों में ये रकम जमा करवाई जा रही थी उनका अभी बैंक से पता नहीं चल पाया है। जिसका विजिलेंस लगातार जानकारी ले रही है।

20 दिसंबर तक बढ़ी न्यायिक अभिरक्षा
विजिलेंस ने मिश्रा की न्यायिक अभिरक्षा दो दिन और बढ़वा दी है। पहले 18 दिसंबर को मिश्रा को कोर्ट में पेश किया जाना था,  लेकिन विजिलेंस ने उनसे पूछताछ का हवाला देते हुए 20 दिसंबर तक न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाने की अपील की। जिसे कोर्ट नें स्वीकार कर लिया। वहीं 19 दिसंबर को मिश्रा की जमानत पर और उसी दिन हाईकोर्ट में उसकी पत्नी श्वेता के स्टे पर सुनवाई होनी है।

दोनों को थी खातों की जानकारी 
सूत्रों के अनुसार नूतन और शिल्पा के नाम पर जो फर्जी खाते खोले गए हैं उनकी पूरी जानकारी इनको थी। दोनों की मिलीभगत से ये खाते खुलवाए गए थे। सूत्रों का कहना है कि अगर उन्हें जानकारी नहीं थी तो पता लगने पर खाता बंद करवाने के बजाय उन्हें बैंक मैनेजर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाना चाहिए था। तर्क दिया जा रहा है कि इन खातों में इनके दस्तावेज लगाए गए थे। सिविल चेक करने के दौरान उन्हें अपने इन खातों और उनके लेनदेन की पूरी जानकारी मिली होगी। व्यवसाय करने वाले ज्यादातर लोग समय-समय पर अपना सिविल निश्चत तौर पर चेक करते हैं। अब विजिलेंस बैंक मैनेजर से पूछताछ की तैयारी में है। 
 

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:mrityunjay mishra sends money to his relatives in delhi and bihar