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जागेश्वर धाम में पुजारियों के साथ अभद्रता के बाद कांग्रेसियों में उबाल,कहा-सांसद धर्मेंद्र कश्यप की सदस्यता करें निरस्त

हिन्दुस्तान टीम, अल्मोड़ा Published By: Himanshu Kumar Lall
Sun, 01 Aug 2021 11:32 AM
जागेश्वर धाम में पुजारियों के साथ अभद्रता के बाद कांग्रेसियों में उबाल,कहा-सांसद धर्मेंद्र कश्यप की सदस्यता करें निरस्त

जागेश्वर धाम में पुजारियों और ट्रस्ट के प्रबंधक से गालीगजौज और हाथापाई की घटना से प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। इसी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। गोदियाल ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार की अभद्रता भाजपा नेताओं की शैली बन चुकी है। उन्होंने जागेश्वर धाम में हुई घटना पर आक्रोश जताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मांग की है कि वह तत्काल आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की सदस्यता निरस्त करें। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश आला कमान ने अल्मोड़ा और आसपास की ईकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वह इस प्रकरण में पुजारियों से कंधे से कंधा मिलाकर चलें।

आस्था पर चोट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि सांसद के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस प्रदेश स्तर पर आंदोलन छोड़ देगी। बैठक में मौजूद चम्पावत के पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल ने भी सासंद के कृत्य की निंदा की।  आपको बता दें कि  श्रावण मास में जागेश्वर धाम मंदिर में यूपी से आये एक तथाकथित नेता शनिवार शाम मंदिर परिसर में दबंगई पर उतर आये। वह खुद को भाजपा का नेता बता रहे थे। आरोप है कि मंदिर बंद करने का समय होने के बावजूद इस शख्स ने मंदिर परिसर में जाने की कोशिश की।

मंदिर प्रबंधक के मना करने पर यह गाली-गलौज पर उतर आये। बताया जा रहा है कि इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। उधर, एसडीएम भनोली मोनिका ने कहा है कि मंदिर परिसर में हुए वाकये की प्रारंभिक जानकारी मिली है। इस मामले में मंदिर प्रबंधक से लिखित तौर पर ब्योरा मांगा गया है। जानकारी के अनुसार, यह नेता जागेश्वर धाम मंदिर में अक्सर आते रहते हैं। उनके व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें आती रहीं हैं लेकिन शनिवार को हुई घटना ने मंदिर प्रबंधन को हैरत में डाल दिया।

जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति (ट्रस्ट) के उपाध्यक्ष गोविंद गोपाल ने कहा है कि मंदिर परिसर भक्ति के लिए है और परिसर में शांतिपूर्ण बने रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुद के सांसद होने का दावा करने वाले इस शख्स का ऐसा व्यवहार नहीं हो सकता है। हमें शैव धर्म से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। तांडव भगवान शिव का ही विशेषाधिकार है। शिव भक्त को इतना विनम्र होना चाहिए कि वह उनका आशीर्वाद स्वीकार कर सके। कोई भी मंदिर के कर्मचारियों को आतंकित नहीं कर सकता। इस मामले में मंदिर प्रबंधक भगवान भट्ट का पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं रिसीव नहीं हुआ।

 

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