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Hindi News उत्तराखंडमां जब गांव आती थीं तो यही अखरोट ले जाती थीं...महेंद्र सिंह धोनी ने ताजा की पुरानी यादें 

मां जब गांव आती थीं तो यही अखरोट ले जाती थीं...महेंद्र सिंह धोनी ने ताजा की पुरानी यादें 

अखरोट देखते ही धोनी के मुंह से एकाएक निकला, जब-जब मां गांव आती थीं तो यही अखरोट ले जाती थीं...। अपने पैतृक गांव ल्वाली और फिर नाटाडोल गांव में धोनी को भरपूर प्यार के साथ आशीर्वाद भी मिला।

मां जब गांव आती थीं तो यही अखरोट ले जाती थीं...महेंद्र सिंह धोनी ने ताजा की पुरानी यादें 
Himanshu Kumar Lallअल्मोड़ा। कमलेश कनवाल Sat, 18 Nov 2023 01:20 PM
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महेंद्र सिंह धोनी उत्तराखंड में चार दिनों के निजी भ्रमण कार्यक्रम के बाद रांची वापस लौट गए। जाते-जाते धोनी यहां बिताए यादगार पल अपने साथ ले गए और लोगों से बचपन की यादें साझा कर गए। धोनी के सरल और सादगी भरे अंदाज ने हर किसी को अपना कायल बना दिया।

अखरोट देखते ही धोनी के मुंह से एकाएक निकला, जब-जब मां गांव आती थीं तो यही अखरोट ले जाती थीं...। अपने पैतृक गांव ल्वाली और फिर नाटाडोल गांव में धोनी को भरपूर प्यार के साथ आशीर्वाद भी मिला। गुड़ की चाय हो या स्थानीय उत्पाद, धोनी से सबका स्वाद लिया। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने उन्हें अखरोट दिए तो उनकी बचपन की यादें ताजा हो गईं।

उन्होंने बताया कि समय-समय पर मां ल्वाली और नाटाडोल गांव आती रही हैं। हर बार वह यहां से अखरोट, माल्टा और अन्य उत्पाद लाती रही हैं। आज यहां इन उत्पादों का स्वाद लेकर पुरानी यादें फिर से ताजा हो गईं। धोनी ने कहा कि मां कई बार काफल का जिक्र किया करती हैं। इस बार उन्हें काफल नहीं मिल पाए, लेकिन अगली बार वह काफल का स्वाद लेने जरूर गांव लौटेंगे। 

बच्चों से की मुलाकात
वापस लौटते समय धोनी शहरफाटक होते हुए कैंची धाम के लिए निकले। इस दौरान उन्होंने शहरफंाटक के एक स्कूल में बच्चों को खेलते हुए देखा। धोनी ने अपनी गाड़ी रुकवाई और बच्चों के बीच पहुंच गए। यहां उन्होंने बच्चों और शिक्षकों के साथ फोटो भी खिंचवाई। छोटे-छोटे बच्चों को धोनी ने ऑटोग्राफ भी दिया। इससे बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 

ग्रामीणों के मोबाइल में कैद हुए माही
अपने दौरे के दौरान एक तरफ जहां माही ने मीडिया से परहेज किया। वहीं, ग्रामीणों ने उनके साथ जमकर सेल्फी ली। ल्वाली और नाटाडोल गांवों के युवाओं, युवतियों के अलावा बुजुर्गों और महिलाओं के मोबाइल में माही कैद हो गए। माही के साथ एक तस्वीर को यहां के लिए लोग आज तक का सबसे शानदार लम्हा बता रहे हैं। 

भास्कर का नहीं रहा खुशी का ठिकाना 
नाटाडोल गांव के भास्कर जोशी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह महेंद्र सिंह धोनी से मिल पाएंगे, लेकिन उनका सपना स्वयं धोनी ने पूरा किया। माही के पूछने पर भास्कर ने बताया कि वह हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई कर रहे हैं। इस बीच भास्कर ने झिझकते हुए माही से ऑटोग्राफ मांगा, तो माही ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए भास्कर को ऑटोग्राफ के साथ शुभकामनाएं दी।

धोनी ने नहीं लिया वीआईपी ट्रीटमेंट 
अल्मोड़ा। अमूमन किसी सेलेब्रिटी के दौरे में उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता है, लेकिन धोनी अपने अलग अंदाज के लिए मशहूर हैं। इस बार भी उन्होंने सभी को चौंकाया। 

महेंद्र सिंह धोनी ने गांव में चार दिन के भ्रमण के दौरान न तोकोई वीआईपी ट्रीटमेंट लिया और ना ही प्रशंसकों से दूरी बनाई। वह अकेले ही सब जगह बेझिझक घूमते और लोगों से बातचीत करते नजर आए। गांव के लोगों से भी उन्होंने मुलाकात की। इस दौरान उनके आसपास कोई सरकारी अमला नहीं रहा। 

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